भारत के शहर अपनी सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहर और अद्भुत विशेषताओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। यहां मौजूद हर शहर की अपनी अलग पहचान और महत्त्व है। दिल्ली देश की राजधानी है जो कि अपने ऐतिहासिक स्मारकों जैसे लाल किला, कुतुब मीनार और इंडिया गेट के लिए जानी जाती है।
मुंबई, जिसे "सपनों का शहर" कहा जाता है। यह भारत की आर्थिक राजधानी है और बॉलीवुड का केंद्र भी है। इसके अतिरिक्त वाराणसी दुनिया का सबसे पुराना जीवंत शहर माना जाता है और इसे "मोक्ष नगरी" कहा जाता है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत के किस शहर को कला का शहर भी कहा जाता है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
क्यों दिया जाता है शहरों को उपनाम
भारत में हर शहर की विशेषता है। यह विशेषता शहर की भौगोलिक, सामाजिक व आर्थिक कारण से होती है। साथ ही, यहां बनने वाले उत्पादों की वजह से भी शहरों की पहचान होती है। ऐसे में इन शहरों को उपनाम दिया जाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर शहर की अपनी खास पहचान बने और यहां पर्यटन को बढ़ावा मिला। इससे शहर के आर्थिक विकास पर भी प्रभाव पड़ता है।
किस शहर को कहा जाता है कला का शहर
अब सवाल है कि आखिर किस शहर को हम कला के शहर के रूप में भी जानते हैं, तो आपको बता दें कि गुजरात राज्य के वडोदरा शहर को हम कला के शहर के रूप में भी जानते हैं।
क्यों कहा जाता है कला का शहर
वडोदरा शहर में कई कलात्मक स्थल मौजूद हैं। इनमें संग्राहलय, महल और आर्ट गैलरी शामिल है। इसके अतिरिक्त वडोदरा संगीत और बौद्धिक गतिविधियों का भी केंद्र है। यह लक्ष्मीपुर विलास पैलेस व मकरपुरा पैलेस प्रमुख है।
इसके अतिरिक्त यहां वडोदरा स्कूल ऑफ आर्ट है, जहां भारत के कई आधुनिकतावादियों ने काम भी किया है। यही वजह है कि कला प्रेमियों के लिए यह शहर बहुत खास है और इसे कला का शहर भी कहा जाता है।
हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको पसंंद आया होगा। इसी तरह सामान्य अध्ययन से जुड़ा अन्य लेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
पढ़ेंः गंगा नदी की सहायक नदियों को याद करने की यह है ट्रिक, यहां पढ़ें
Comments
All Comments (0)
Join the conversation