सुप्रीम कोर्ट के बारे में कितनी है आपकी जानकारी, यहां करें चेक
यह सामान्य ज्ञान क्विज आपको भारत के सुप्रीम कोर्ट के बारे में अपनी जानकारी परखने का एक अच्छा मौका देता है। इसमें कोर्ट से जुड़े कई विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई है, जैसे कि इसका गठन कब और क्यों हुआ, इसके पहले जज कौन थे, नए जजों की नियुक्ति कैसे होती है और यह किस तरह के महत्त्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करता है। आपको कोर्ट की शक्तियों और यह कैसे लोगों के अधिकारों की रक्षा करता है, इस बारे में भी जानने को मिलेगा।
भारत का सुप्रीम कोर्ट देश की सबसे बड़ी अदालत है। यह लोगों के अधिकारों की रक्षा करने में बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह, यह भी सुनिश्चित करता है कि देश में हर कोई संविधान का पालन करे। जब बड़े विवादों को सुलझाने, कई कानूनों पर महत्त्वपूर्ण फैसले देने की जरूरत होती है, तो कोर्ट कार्रवाई करता है।
यह सरकार पर भी नजर रखता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसके काम कानूनी रूप से सही हैं। जब भी कानून के मतलब को लेकर कोई भ्रम या असहमति होती है, तो सुप्रीम कोर्ट के पास अंतिम फैसला देने की शक्ति होती है। जब लोगों के मूल अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो यह उन्हें न्याय दिलाकर उनकी मदद करता है।
इसीलिए, हम आपके लिए एक क्विज लाए हैं। इसे सुप्रीम कोर्ट के बारे में आपकी जानकारी को बढ़ाने और परखने में मदद करने के लिए बनाया गया है। यह क्विज न केवल आपके ज्ञान का परीक्षण करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि सुप्रीम कोर्ट कैसे काम करता है। इसमें यह भी जानकारी दी गई है कि जज बनने के लिए क्या योग्यताएं हैं, सुप्रीम कोर्ट के पास कौन-सी शक्तियां हैं और यह लोगों की मदद कैसे करता है।
1. भारत के सुप्रीम कोर्ट की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
A. 1947
B. 1950
C. 1952
D. 1949
उत्तर: B. 1950
स्पष्टीकरण: भारत का सुप्रीम कोर्ट 26 जनवरी 1950 को अस्तित्व में आया। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की वेबसाइट के अनुसार: “संविधान लागू होने के साथ ही 26 जनवरी 1950 को सुप्रीम कोर्ट अस्तित्व में आया। शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट पुराने संसद भवन से काम करता था।”
2. भारत के सुप्रीम कोर्ट के पहले मुख्य न्यायाधीश कौन थे?
A. एच. जे. कानिया
B. बी. के. मुखर्जी
C. एम. पतंजलि शास्त्री
D. आर. एस. पाठक
उत्तर: A. एच. जे. कानिया
स्पष्टीकरण: जस्टिस हरिलाल जेकिसुनदास कानिया स्वतंत्र भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश थे और 1950 से लेकर 1951 में अपनी मृत्यु तक इस पद पर रहे। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की वेबसाइट के अनुसार: “भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश, माननीय जस्टिस हरिलाल जे. कानिया, सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों और सभी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के साथ 28 जनवरी 1950 को सुप्रीम कोर्ट की पहली बैठक में मंच पर मौजूद थे।”
3. भारत के सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या कितनी है (मुख्य न्यायाधीश सहित)?
A. 31
B. 33
C. 34
D. 25
उत्तर: C. 34
स्पष्टीकरण: सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 है, जिसमें 1 मुख्य न्यायाधीश और 33 अन्य जज शामिल हैं। नेशनल पोर्टल ऑफ इंडिया के अनुसार: “भारत के सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश और 33 अन्य जज होते हैं, जिनकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।”
4. भारत का सुप्रीम कोर्ट किस शहर में स्थित है?
A. मुंबई
B. नई दिल्ली
C. कोलकाता
D. चेन्नई
उत्तर: B. नई दिल्ली
स्पष्टीकरण: सुप्रीम कोर्ट तिलक मार्ग, नई दिल्ली में स्थित है और 1958 से वहीं काम कर रहा है।
5. भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद सुप्रीम कोर्ट से संबंधित है?
A. अनुच्छेद 32
B. अनुच्छेद 124
C. अनुच्छेद 226
D. अनुच्छेद 368
उत्तर: B. अनुच्छेद 124
स्पष्टीकरण: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 124 सुप्रीम कोर्ट की स्थापना और संरचना का प्रावधान करता है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की वेबसाइट के अनुसार: “संविधान के अनुच्छेद 124 में कहा गया है कि भारत का एक सुप्रीम कोर्ट होगा।”
6. भारत में सुप्रीम कोर्ट के जज का कार्यकाल कितना होता है?
A. 5 साल
B. 6 साल
C. 62 साल की उम्र तक
D. 65 साल की उम्र तक
उत्तर: D. 65 साल की उम्र तक
स्पष्टीकरण: संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का कोई जज 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर रिटायर हो जाता है।
7. भारत के सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति कौन करता है?
A. प्रधानमंत्री
B. राष्ट्रपति
C. मुख्य न्यायाधीश
D. संसद
उत्तर: B. राष्ट्रपति
स्पष्टीकरण: भारत के राष्ट्रपति, कोलेजियम सिस्टम की सिफारिशों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति करते हैं। इस सिस्टम में मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ जज शामिल होते हैं। न्याय विभाग की वेबसाइट के अनुसार: “कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 126 के तहत की जानी है। मुख्य न्यायाधीश के पद की रिक्ति को भरा जाना चाहिए, चाहे रिक्ति की अवधि कुछ भी हो।”
8. संविधान की व्याख्या से जुड़े किसी मामले की सुनवाई के लिए कम से कम कितने जजों की जरूरत होती है?
A. 3
B. 5
C. 7
D. 2
उत्तर: B. 5
स्पष्टीकरण: संविधान के अनुसार, संविधान की व्याख्या से जुड़े महत्त्वपूर्ण सवालों वाले मामलों की सुनवाई के लिए कम से कम 5 जजों की संविधान पीठ की आवश्यकता होती है। इंडियन कानून वेबसाइट के अनुसार: “इस संविधान की व्याख्या के संबंध में कानून के किसी महत्त्वपूर्ण सवाल वाले किसी भी मामले का फैसला करने के उद्देश्य से या अनुच्छेद 143 के तहत किसी भी संदर्भ की सुनवाई के उद्देश्य से बैठने वाले जजों की न्यूनतम संख्या पांच होगी।”
9. सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायिक समीक्षा की शक्ति का मतलब है:
A. यह कानून बना सकता है
B. यह संविधान में संशोधन कर सकता है
C. यह कानूनों को असंवैधानिक घोषित कर सकता है
D. यह संसद को भंग कर सकता है
उत्तर: C. यह कानूनों को असंवैधानिक घोषित कर सकता है
स्पष्टीकरण: न्यायिक समीक्षा सुप्रीम कोर्ट को संसद या किसी राज्य विधानमंडल द्वारा पारित किसी भी कानून को रद्द करने की अनुमति देती है, अगर वह कानून संविधान का उल्लंघन करता है।
10. इनमें से किस मामले ने भारतीय संविधान के ‘बुनियादी ढांचे के सिद्धांत’ को स्थापित किया?
A. मेनका गांधी बनाम भारत संघ
B. गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
C. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
D. एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ
उत्तर: C. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
स्पष्टीकरण: 1973 में सुप्रीम कोर्ट ने केशवानंद भारती मामले में यह फैसला सुनाया कि संसद संविधान के बुनियादी ढांचे को नहीं बदल सकती है। यह भारतीय संवैधानिक कानून में एक ऐतिहासिक फैसला था।
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