Dhanteras 2023: धनतेरस पर क्यों खरीदे जाते हैं बर्तन और क्या है महत्व, पढ़ें
Dhanteras 2023: नवंबर के दूसरे सप्ताह की शुरुआत के साथ ही दीपावली का त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। इसकी बानगी बाजारो में देखी जा सकती है, जो इन दिनों रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए हुए हैं। इस कड़ी में दीपावली के पर्व से पहले धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन लोग बाजारों से बर्तन या धातु से बनी अन्य चीजों की खरीददारी करते हैं, जिसमें दोपहिया वाहनों से लेकर चौपहिया वाहन तक शामिल होते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि आखिर इस दिन बर्तन या अन्य धातु क्यों खरीदी जाती है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
Dhanteras 2023: नवंबर के दूसरे सप्ताह की शुरुआत के साथ ही दीपावली का त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। इन दिनों बाजारों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जा रहा है, जो कि रात होते ही रोशनी से सराबोर हो जाते हैं। रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए बाजार त्योहारी सीजन का अहसास कराते हैं और रोशनी के इस पर्व की रौनक बढ़ाने का काम करते हैं।
इस कड़ी में दीपावली के पर्व से पहले धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन लोग बाजारों से बर्तन या धातु से बनी अन्य चीजों की खरीददारी करते हैं, जिसमें दोपहिया वाहनों से लेकर चौपहिया वाहन तक शामिल होते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि आखिर इस दिन बर्तन या अन्य धातु क्यों खरीदी जाती है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
पढ़ेंः उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा जिला कौन-सा है, जानें
Dhanteras Date 2023: कब है धनतेरस का पर्व
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि आखिर साल 2023 में किस दिन धनतेरस का पर्व है। दरअसल, हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक के महीने में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है, जिसे हम धनत्रेयोदशी के नाम से भी जानते हैं।
इस दिन कुबेर देवता के साथ मां लक्ष्मी व भगवान गणेश और धनवंतरी देवता की पूजा की जाती है। इस साल धनतेरस का पर्व 10 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा। ऐसे में इस दिन लक्ष्मी-गणेश के पूजन के साथ सोना-चांदी, बर्तन व अन्य धातुओं की खरीददारी की जाती है।

Dhanteras 2023: धनतेरस का शुभ मुहूर्त क्या है
धनतेरस के शुभ मुहूर्त की बात करें, तो वह 10 नवंबर को 12 बजकर 35 मिनट पर शुरू होगा और 11 नवंबर को 1 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।
Dhanteras 2023: धनतेरस पर क्यों खरीदे जाते हैं बर्तन
धनतेरस के दिन आपने गौर किया होगा कि आपके घरों के आसपास प्रमुख रूप से बर्तनों का बाजार सज जाता है और शाम होते ही बर्तनों की खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ जुट जाती है।
ऐसे में आपको बता दें कि पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान धनवंतरी कलश लेकर प्रकट हुए थे। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन धनवंतरी हाथ में पीतल का कलश लेकर प्रकट हुए थे।
ऐसे में इस दिन लोग अधिकांश बर्तनों की खरीददारी करते हैं और इसमें भी सबसे अधिक पीतल के बर्तनों की खरीदारी करते हैं। ऐसे मान्यता है कि इस दिन बर्तनों की खरीददारी करने से वैभव प्राप्त होते हैं।
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.