'गूगल फॉर इंडिया डिजिटलीकरण कोष’ क्या है?

गूगल के प्रमुख सुंदर पिचाई ने ‘गूगल फॉर इंडिया डिजिटलीकरण कोष’ के माध्यम से अगले 5-7 वर्षों में भारत में $10 बिलियन यानी 75,000 करोड़ रुपये का निवेश करके भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देने की घोषणा की है. आइये इसके बारे में विस्तार से अध्ययन करते हैं.
Created On: Jul 14, 2020 13:47 IST
Modified On: Jul 14, 2020 13:54 IST
Google for India Digitization Fund
Google for India Digitization Fund

Google अगले 5-7 वर्षों में ‘गूगल फॉर इंडिया डिजिटलीकरण कोष’ (Google For India Digitization Fund) के माध्यम से भारत में $10 बिलियन का निवेश करेगा.  गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए यह घोषणा 13 जुलाई, 2020 (सोमवार) को की. पिचाई ने कहा, ‘‘आज मैं ‘गूगल फॉर इंडिया डिजिटलीकरण कोष’ की घोषणा करते हुए रोमांचित महसूस कर रहा हूं.

पिचाई ने इस निवेश की घोषणा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ‘गूगल फॉर इंडिया’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए की. उनहोंने कई विषयों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत की. उन्होंने कहा कि इसके लिए कंपनी ने ‘गूगल फॉर इंडिया डिजिटलीरण कोष’ बनाया है. यह घोषणा भारत के भविष्य और उसकी डिजिटल अर्थव्यवस्था में कंपनी के भरोसे को दिखाती है.

वर्चुअल मीटिंग का मुख्य फोकस भारत में किसानों, युवाओं और उद्यमियों के जीवन को बदलने के लिए प्रौद्योगिकी की शक्ति का लाभ उठाना है. 

इस कार्यक्रम के तहत निवेश भारत के डिजिटलीकरण के चार प्रमुख क्षेत्रों पर केन्द्रित होगा:

1. प्रत्येक भारतीय तक उसकी अपनी भाषा भले वह हिेंदी, तमिल तेलुगु, कन्नड़ या पंजाबी जो भी हो उसमें सस्ती पहुंच और सूचनाओं को उपलब्ध कराना होगा.

2. भारतीय बाजार की जरूरत के मुताबिक नए उत्पाद और सेवाओं का निर्माण करना.

3. व्यवसाय को सशक्त बनाना क्योंकि भारत में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में प्रयास जारी है.

4. छोटे कारोबारियों को डिजिटल बदलाव के लिए सशक्त करना और स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कृषि जैसे क्षेत्रों में सामाजिक भलाई के लिए कृत्रिम मेधा और प्रौद्योगिकी लाभ पहुंचाना.

COVID-19 संकट के बीच, Google का लक्ष्य भारत की सभी चीजों को डिजिटल बनाना है. भारत, चीन और Google के बाद दुनिया में सबसे बड़ा उपकरण निर्माण करने वाला देश है, जिसका लक्ष्य इंटरनेट उपयोगकर्ता आधार को बढ़ाना है. इस उद्देश्य के लिए, टेक दिग्गज भारत में कम लागत वाले स्मार्टफोन लाने की योजना भी बना रहा है.

इसके साथ गूगल का ऑनलाइन शिक्षा और छोटे व्यवसायों में सुधार करना भी है. शिक्षा उद्देश्यों के लिए, कंपनी ने ऑनलाइन शिक्षण संस्कृति को अनुकूलित करने के लिए 22,000 स्कूलों में 2020 के अंत तक 10 लाख से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के साथ साझेदारी की है. इसके तहत शिक्षकों को ऑनलाइन क्लासेस के दौरान बच्चों को कक्षा की पढ़ाई जैसा अनुभव कराने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. इसके लिए वह गूगल की ‘जी सूट फॉर एजुकेशन’, गूगल क्लासरूम और यूट्यूब जैसी मुफ्त सेवाओं का उपयोग कर पाएंगे.

निम्न आयवर्ग के लोगों तक शिक्षा की पहुंच उपलब्ध कराने के लिए गूगल ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) इकाई Google.org के माध्यम से केवल्य एजुकेशन फाउंडेशन (केईएफ) को $1 मिलियन की मदद देने की भी घोषणा की. यह गूगल के वैश्विक दूरस्थ शिक्षा कोष का हिस्सा है.

व्यावसायिक क्षेत्र में सुधार के लिए, Google ने भारत में 'Grow with Google Small Business' लॉन्च किया है. इसके अतिरिक्त, माउंटेन व्यू कंपनी ( Mountain View company) प्रसार भारती के सहयोग से छोटे व्यवसायों के लिए एक edutainment श्रृंखला का आयोजन करेगी. वर्तमान में, 26 मिलियन स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस को गूगल के सर्च से जोड़ा जा चुका है और उन्हें गूगल के सर्च इंजन एवं मैप इत्यादि पर आसानी से खोजा जा सकता है. यानी वर्तमान में, 26 मिलियन स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस अब सर्च और मैप्स पर खोजे जा रहे हैं, हर महीने 150 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ ड्राइविंग कनेक्शन.

भारत में COVID-19 महामारी और बड़ते मामलों के बीच, अधिक लोग भुगतान करने, बैठकें आयोजित करने, किराने का सामान खरीदने इत्यादि के लिए डिजिटल साधनों को अपना रहे हैं.

Google भारत में सभी के लिए इंटरनेट को जीवन में लाने के लिए प्रतिबद्ध है. यह मानता है कि जितने अधिक लोगों के पास उपकरण, सेवाओं, सूचना और प्रशिक्षण की पहुंच ऑनलाइन होगी, उतना ही वे अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा कर सकेंगे और अपनी क्षमता तक पहुंच पाएंगे.

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