Guru Ravidas Jayanti 2025: गुरु रविदास जयंती पर इन संदेश और उद्धरण से दोस्तों और परिवार को भेजें शुभकामनाएं
Guru Ravidas Jayanti 2025: आज गुरु रविदास की 648वीं जयंती है, जो भक्ति आंदोलन के एक प्रसिद्ध संत थे। गुरु रविदास के बारे में और पढ़ें, और अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं दें।
Guru Ravidas Jayanti 2025: गुरु रविदास की 648वीं जयंती इस साल 12 फरवरी को मनाई जा रही है। उन्हें रैदास के नाम से भी जाना जाता है और वे उत्तर भारतीय भक्ति आंदोलन के सबसे प्रसिद्ध संतों में से एक थे।
उनका जन्म वाराणसी में एक अछूत चर्मकार जाति के सदस्य के रूप में हुआ था। उनकी कविताएं और गीत उनकी निम्न सामाजिक स्थिति के इर्द-गिर्द घूमते हैं। ऐसा माना जाता है कि रविदास का करिश्मा और प्रतिष्ठा ऐसी थी कि ब्राह्मण (पुजारी वर्ग के सदस्य) उनके सामने झुकते थे।
गुरु रविदास का परिचय
गुरु रविदास (1377-1527 ई.) को रैदास, रोहिदास और रुहिदास जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है। वह भक्ति आंदोलन के एक प्रसिद्ध संत थे। उनके भक्ति गीतों और छंदों ने भक्ति आंदोलन पर बहुत प्रभाव डाला।
इतिहासकारों के अनुसार, उनका जन्म 1377 ई. में भारत के उत्तर प्रदेश के वाराणसी के मंधुदेव में हुआ था। कुछ विद्वानों के अनुसार, गुरु रविदास का जन्म 1399 में हुआ था। इसलिए, गुरु रविदास की सही जन्म तिथि को लेकर विवाद है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, उनका जन्म माघ पूर्णिमा को हुआ था। इसलिए, हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार माघ पूर्णिमा को उनकी जयंती मनाई जाती है।
Guru Ravidas Jayanti 2025: गुरु रविदास जयंती का महत्त्व
यह दिन संत के अनुयायियों के लिए बहुत महत्त्व रखता है। ऐसा माना जाता है कि वह भारत में जाति व्यवस्था को चुनौती देने और समानता का संदेश फैलाने के लिए कविता और आध्यात्मिक शिक्षाओं का उपयोग करने वाले पहले लोगों में से एक थे।
कहा जाता है कि रविदासिया धर्म की स्थापना उन्होंने ही की थी। गुरु रविदास से जुड़ी लगभग 40 कविताओं को आदि ग्रंथ ("पहला खंड") में शामिल किया गया था। यह भी माना जाता है कि रविदास की मुलाकात पहले गुरु और सिख परंपरा के संस्थापक नानक से हुई थी।
उनके गृहनगर में एक मंदिर बनाया गया था, जहां उनकी पूजा की जाती थी और हर सुबह और रात उनके भजन गाए जाते थे। उनकी जयंती एक धार्मिक आयोजन के रूप में मनाई जाती है। उनकी शिक्षाओं ने उन्हें कई अनुसूचित वर्गों या दलितों के बीच सम्मान और गौरव का पात्र बनाया।
Guru Ravidas Jayanti 2025: गुरू रविदास के प्रेरणादायक उद्धरण
-"भगवान उन दिलों में निवास करते हैं, जिनमें किसी के प्रति कोई घृणा नहीं होती, कोई लालच या द्वेष नहीं होता।"
-"कोई व्यक्ति पद या जन्म से बड़ा या छोटा नहीं होता, उसे उसके गुणों या कर्मों से तौला जाता है।"
-"सोने और सोने के आभूषणों में कोई अंतर नहीं है। भगवान उसके जीवों में कोई अंतर नहीं करते।"
-"दुनिया में कोई भी व्यक्ति भ्रम में न रहे। गुरु के बिना कोई भी पार नहीं जा सकता।"
-"अगर आपका दिल शुद्ध है, तो आपके नहाने के टब का पानी पवित्र जल है। आपको पवित्र स्नान करने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है।
Guru Ravidas Jayanti 2025: शुभकामनाएं और संदेश
-आप हमें ज्ञान का प्रकाश दिखाते हैं और हमें मूर्खता के अंधकार से दूर भगाते हैं। गुरु रविदास जयंती की शुभकामनाएं!
-गुरु रविदास जयंती के इस पावन अवसर पर ईश्वर आपको आशीर्वाद दें। उनके विचार बहुत से लोगों को प्रेरित करते रहते हैं।
-अपने दिल और आत्मा से भगवान को समर्पित हो जाएं। आपको शांति और आनंद मिलेगा। गुरु रविदास जयंती की शुभकामनाएं!
-आइए इस दुनिया को रंग, जाति वर्ग या धर्म जैसे किसी भी भेदभाव और जाति से मुक्त बनाएं। गुरु रविदास जयंती की शुभकामनाएं!
-कभी गलत न करें। गलत करने के बारे में कभी न सोचें। बस गुरु के दिखाए मार्ग पर चलें। गुरु रविदास जयंती की शुभकामनाएं!
-आपको और आपके परिवार को गुरु रविदास जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। गुरुजी आपके पूरे परिवार पर अपना आशीर्वाद बरसाएं।
-यह गुरु रविदास जयंती आपके जीवन में ज्ञान, शांति और समृद्धि लेकर आए। गुरु रविदास जयंती की शुभकामनाएं!
गुरु रविदास एक आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में प्रसिद्ध हैं और भारत में जाति व्यवस्था के खिलाफ़ अपने काम के कारण एक समाज सुधारक के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। वह संत कबीर के समकालीन थे। उन्होंने भक्ति आंदोलन में भी योगदान दिया था।
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