भारत के किस शहर को कहा जाता है ‘सेहत की राजधानी’, जानें
भारत में यदि कुल शहरों की बात करें, तो इनकी संख्या 7,000 है। हर शहर की अपनी खासियत और सरस-संस्कृति है। आपने भारत के ऐसे शहरों के बारे में सुना होगा, जो कि अपने मूल नाम के अलावा उपनामों से जाने जाते हैं। इस कड़ी में क्या आप भारत के ऐसे शहर के बारे में जानते हैं, जिसे भारत में सेहत की राजधानी भी कहा जाता है। कौन-सा है यह शहर और क्या है शहर की कहानी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारतीय शहरों का समृद्ध इतिहास और सरस-संस्कृति है। यहां के हर शहर की अपनी कहानियां और किस्से हैं। इन्हीं कहानियों और किस्सों में यहां की परंपराओं, विशेष उत्पादों, भौगोलिक विशेषता और संस्कृति का मिश्रण भी सुनना को मिलता है।
इस वजह से कई शहरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। वहीं, कुछ शहर ऐसे भी हैं, जो कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान को स्थापित करने में कामयाब हुए हैं। इस कड़ी में आपने भारत के कई शहरों को उनके मूल नाम के अलावा उपनामों से सुना होगा।
हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत का एक शहर ऐसा भी है, जिसे भारत में सेहत की राजधानी भी कहा जाता है। खास बात यह है कि इस सेहत की राजधानी के प्रति देशी नहीं, बल्कि विदेशी भी यहां खींचे चले आते हैं। कौन-सा है यह शहर और क्या है इसके पीछे की कहानी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
पढ़ेंः भारत के 5 सबसे बड़े जिले कौन-से हैं, जानें
शहरों को उपनाम देने की कहानी
आपने अक्सर देखा होगा कि शहरों को उनके मूल नाम के अलावा उपनामों से भी जाना जाता है। इसके पीछे प्रमुख वजह की बात करें, तो हर शहर की अपनी खासियत होती है और इस खासियत को बनाती है वहां की भौगोलिक स्थिति, स्थानीय उत्पाद, खान-पान, वेश-भूषा, अनूठी परंपराएं व रीति-रिवाज आदि।
ऐसे में शहरों को इन विशेषताओं को वजह से उपनाम दिया जाता है, जिससे शहरों को एक नई पहचान मिलती है और देशी-विदेशी सैलानी शहरों की तरफ आकर्षित होते हैं। इससे एक तरफ जहां शहर में पर्यटन बढ़ता है, तो दूसरी तरफ शहरों में रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं और स्थानीय लोगों को पलायन करने की आवश्यकता नहीं होती है।

किस शहर को कहा जाता है सेहत की राजधानी
भारत में आपने अलग-अलग शहरों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। इन्हीं शहरों के बीच एक शहर ऐसा भी है, जिसे सेहत की राजधानी भी कहा जाता है। आपको बता दें कि तमिलनाडू शहर के चेन्नई शहर को भारत में सेहत की राजधानी भी कहा जाता है।
क्यों कहा जाता है सेहत की राजधानी
अब सवाल यह है कि आखिर भारत के इस शहर को ही सेहत की राजधानी क्यों कहा जाता है। आपको बता दें कि चेन्नई में करीब 45 फीसदी मरीज विदेशों से इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं।
इसके अलावा यहां अपने देश से ही 30 से 40 फीसदी मरीज बेहतर मेडिकल सुविधाओं के लिए पहुंचते हैं। यहां निजी और सरकारी अस्पतालों का एक बड़ा स्ट्रक्चर है। यही वजह है कि यहां पर बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। यहां प्रतिदिन विदेशों से आने वाले मरीजों का आंकड़ा करीब 150 है। इस वजह से इसे सेहत की राजधानी भी कहा जाता है।
पढ़ेंः भारत के किस शहर को कहा जाता है महलों का शहर, जानें
पढ़ेंः भारत में किस शहर को कहा जाता है ‘फूलों का शहर’, जानें
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.