सोना असली है या नकली कैसे पता लगा सकते हैं.

Jul 25, 2018, 15:17 IST

जब भी सोना खरीदने की बात आती है तो हमेशा ये सवाल उठता है कि सोना असली होगा या नकली. ये कैसे पता लगाया जा सकता है कि सोना असली है या नकली. सोना खरीदने से पहले किन-किन बातों को ध्यान रखना चाहिए. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

How to test the originality of Gold
How to test the originality of Gold

अधिकतर सोना खरीदते वक्त हम लोग इसी उलझन में होते है कि वह नकली है या असली. सोने को खरीदने से पहले यह जानना जरुरी है कि सोना असली है या नकली. हम सब जानते हैं कि सोना काफी महंगा आता है और इसकी लोकप्रियता के कारण बजार में नकली सोने का भी उत्पाद हो रहा है. भले की सोना हॉलमार्क हो या किसी नामी कंपनी से लिया हो फिर भी इस बात का डर मन में बरकरार रहता है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि सोना खरीदते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, कैसे आप पता लगा सकते हैं कि सोना असली है या नकली इत्यादि.

सोना खरीदते वक्त मूल रूप से हमें दो बातों का ध्यान रखना चाहिए: पहला जिस सोने को आप खरीद रहे हैं वह कितना शुद्ध है और दूसरा सोने के भाव उसी कैरेट के हें या नहीं जिसकी हम ज्वैलरी खरीद रहे हैं. यानी हम उतने सोने का भुक्तान कर रहे हैं जितना कि हम खरीद रहे हैं.

सोने की शुद्धता का पहला पैमाना हॉलमार्क का निशान है. जब भी आप सोने की ज्वैलरी खरीदें उसमें हॉलमार्क का निशान होना अनिवार्य है.

हॉलमार्क क्या है?

हॉलमार्क एक सरकारी गारंटी है. हॉलमार्क का निर्धारण भारत की एकमात्र एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) करती है. हॉलमार्किंग योजना भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम के तहत गोल्ड संचालन, नियम और विनियम का काम करती है. हम आपको बता दें कि हालमार्क वाली ज्वैलरी पर हॉलमार्क का तिकोना निशान होता है और उस पर हॉलमार्किंग सेंटर के लोगो के साथ सोने की शुद्धता भी लिखी होती है जैसे 999, 916, 875. हालमार्क के निशान के साथ 999 नंबर वाली सोने की ज्वैलरी 24 कैरेट की होती है यानी उसमें 99.9% सोना शुद्ध होता है, 23 कैरेट सोने पर 958 अंक लिखा होता है, 22 कैरेट सोने पर 916, 21 कैरेट सोने पर 875, 18 कैरेट पर 750 अंक लिखा होता है.

सोना असली है या नकली ऐसे पता कर सकते हैं?

1. एसिड टेस्ट: यदि आप खुद सोने की असली या नकली पहचान करना चाहते हैं तो एसिड टेस्ट कर सकते हैं. इसके लिए सोने पर किसी भी पिन से हलका सा खरोच लगाएं और फिर उस जगह पर नाइट्रिक एसिड की एक बूंद डाले. अगर सोना नकली होगा तो तुरंत हरा हो जाएगा और  अगर असली होगा तो उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, वह वैसा का वैसा ही रहेगा.

2. मैग्नेट टेस्ट: ये सबसे आसान तरीका है सोने की शुद्धता को टेस्ट करने का. क्या आप जानते हैं कि सोना चुंबक यानी मैग्नेट पर चिपकता या आकर्षित नहीं होता है. सोने को टेस्ट करने के लिए एक स्ट्रांग चुंबक लें और उसे सोने के पास रखें अगर सोना उसकी तरफ जरा भी आकर्षित होता है तो मतलब है कि सोने में कुछ ना कुछ मिलावट तो जरूर है. अगर सोना नहीं आकर्षिक होता है तो उसका मतलब है कि सोना असली है. इसलिए कहा जाता है कि चुंबक या मैग्नेट से चैक करके ही सोने को खरीदना चाहिए.

Magnet test for gold purity

Source: www. dubai-gold.com

3. पानी या वाटर टेस्ट: ये टेस्ट भी काफी आसान है और घर पर आसानी से किया जा सकता है. हम आपको बता दें कि असली सोना पानी में तैरता नहीं है बल्कि डूब जाता है. अब इस टेस्ट को करने के लिए सोने को बाल्टी भर पानी में डालिए अगर सोना डूब जाए तो समझिए सोना असली है और अगर सोना पानी की धारा के साथ कुछ देर तैरे तो समझिए कि सोना नकली है. सोना कितना भी हल्का हो कितनी भी कम मात्रा में हो वह पानी में हमेशा डूब जाएगा और सोने में कभी जंग भी नहीं लगता है.

4. सोने को रगड़ कर भी टेस्ट किया जा सकता है: इसके लिए सोने को एक सेरेमिक प्लेट पर रगड़ कर देखें. यदि रगड़ने पर गोल्डन लाइन बनती है तो सोना असली है और अगर काली लाइन बनती है तो सोना नकली है.

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5. दांतों से दबा कर करे सोने की पहचान: यह भी एक पुराना तरीका है असली सोने की पहचान करने का. जब आप सोने को दांतों से दबाएंगे, अगर सोना असली होगा तो उस पर आपके दांतों के निशान पड़ जाएंगे परन्तु ज्यादा ज़ोर से न दबाएं क्योंकि सोना नाजुक और मुलायम होता है. अगर सोने में कोई मिलावट होगी तो वह कड़क होगा और उस पर दांतों के निशान नहीं पड़ेंगे.

To test the purity of gold

Source: www.wikihow.com

6. घनत्व परीक्षण (Density Test): सोने की तुलना में बहुत कम धातु सघन होती हैं. शुद्ध 24K सोने का घनत्व लगभग 19.3 g/ml होता है, जो अधिकांश अन्य धातुओं की तुलना में काफी अधिक है. सोने के घनत्व को मापने से आप यह निर्धारित कर सकते हैं कि सोना असली है या नहीं या सोने में कितनी मिलावट है. जितना ज्यादा सोने का घनत्व होगा उतना ही सोना असली होगा.

इस टेस्ट के लिए एक शीशे का जार लें जिसमें मिलीलीटर की मर्किंग्स हों, ताकि आसानी से नाप को नोट किया जा सके. जार में पानी भर दें और उसका नाप ले लें फिर पानी में सोने को डाल दें और फिर नाप लें. इन दोनों नापों को घटा दें. जिस सोने का मिलीलीटर में नाप लिया है उसका वेट भी ग्राम में पता होना चाहिए.

फिर इस सूत्र Density = mass/volume के इस्तेमाल से सोने की डेंसिटी पता चल जाएगी. यदि परिणाम 19 g/ml के नजदीक आता है तो वास्तविक सोना या सोने की तरह घनत्व वाली सामग्री को इंगित करता है. ध्यान रखें कि विभिन्न सोने की शुद्धता में एक अलग g/ml का अनुपात होता है:

14K yellow – 12.9 to 13.6 g/ml

14K white – 12.6 to 14.6 g/ml (higher for palladium alloys)

18K yellow – 15.2 to 15.9 g/ml

18K white – 14.7 to 16.9 g/ml

22K – 17.7 to 17.8 g/ml

7. स्किन टेस्ट: नकली सोने के गहने पहनने से त्वचा का रंग उड़ जाता है या discoloration हो जाता है और ये कोई मिथक नहीं है. इस टेस्ट को करने के लिए सोने को कुछ देर के लिए हाथ में पकड़ें. त्वचा पर पसीना सोने के साथ एक रासायनिक प्रतिक्रिया करता है. यदि सोना नकली होगा तो त्वचा विकृत हो जाएगी (काला या हरा रंग). यदि सोना असली होगा तो त्वचा के साथ कोई प्रतिक्रिया नहीं करेगा.

8. हॉलमार्क:  जिस प्रकार ऊपर लेख में बताया गया है कि सोने की पहचान हॉलमार्क के जरिये भी तो की जाती है. देश में बीआईएस संस्था उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा रहे गुणवत्ता के लेवल की जांच करती है. इसलिए सोना खरीदते वक्त BIS हालमार्क ज़रूर देखें. असली हालमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान होता है. हॉलमार्क सोने पर कई जानकारियां गढ़ी होती है जैसे बीआईएस का लोगो, रिटेलर का लोगो, परख केंद्र का लोगो, सर्टिफिकेट का वर्ष साथ ही सोने की शुद्धता भी लिखी होती है इत्यादि.

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Source: www.indiamart.com

9. व्यावसायिक मूल्यांकन: सोना असली है या नकली जानने का एक और निश्चित तरीका है. आप सोने को किसी प्रतिष्ठित गहने के डीलर या ज्वेलरी शॉप ले जा सकते है. डीलर या ज्वेलर्स के पास एक प्रकार की परीक्षण किट होती है जिसका उपयोग यह बताने के लिए किया जाता है कि सोना वास्तविक रूप में असली है या नकली. अधिकांश गहने के स्टोर सोने के गहने का परीक्षण करने के लिए एक छोटा सा शुल्क भी ले सकते हैं.

इसमें कोई संदेह नहीं है कि असली सोना 24K का होता है. परन्तु 24K या असली सोने के गहनें नहीं बनते हैं क्योंकि 24K का सोना काफी मुलायम होता है और इससे गहनें नहीं बन पाते हैं. हम आपको बता दें कि गहने बनाने के लिए 22K सोने का इस्तेमाल किया जाता है.

कुछ और महत्वपूर्ण तथ्य सोने के बारे में?

- यदि सोना 24K से कम का होता है तो उसमें अन्य धातु मिलाए जाते हैं ताकि सोने में कठोरता और रंग आ सके. ऐसा अनुमान लगाया जा सकता है कि 24K का सोना सबसे कोमल और 10K का सोना सबसे कठोर होता है क्योंकि 10K सोने में सिर्फ 41.6% सोना होता है और बाकी अन्य धातु मिले होते हैं, जिससे वह कठोर बनता है. ये हम सब जानते हैं कि अन्य रंग गहनों की खूबसूरती को बढ़ाते हैं जैसे पीला सोना, लाल सोना, सफेद सोना इत्यादि.

- अगर किसी वस्तु पर GF का चिन्ह होता है, तो उसका मतलब “सोने से भरा हुआ” होता है. इसे पता करने के लिए कैरट चिन्ह को पहले संख्या से विभाजित करें. उदाहरण: 1/20 14k GF का 1 भाग 14K सोना और 19 भाग अन्य धातु होते हैं.  मतलब 5% 14K सोना और 95% अन्य धातु.

तो अब आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि सोना असली है या नकली. हॉलमार्क सोना क्या होता है, सोने पर किस प्रकार का हॉलमार्क होता है और यह क्या दर्शाता है इत्यादि.

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Shikha Goyal is a journalist and a content writer with 9+ years of experience. She is a Science Graduate with Post Graduate degrees in Mathematics and Mass Communication & Journalism. She has previously taught in an IAS coaching institute and was also an editor in the publishing industry. At jagranjosh.com, she creates digital content on General Knowledge. She can be reached at shikha.goyal@jagrannewmedia.com
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