भारत में महत्वपूर्ण समितियों और आयोगों की सूची

भारत में विभिन्न क्षेत्रों में कई समितियाँ और आयोग बने हैं. इन समितियों और आयोगों की सिफारिशों के आधार पर हमारे देश में कई सुधार हुए हैं. यह देखा गया है कि इन समितियों और आयोगों के आधार पर परीक्षा में कई प्रश्न पूछे जाते हैं. इसलिए प्रतियोगी छात्रों की मदद के लिए हमने यह आर्टिकल भारत में गठित समितियों और आयोगों और उनके कार्यक्षेत्रों के आधार पर बनाया है.
Mar 29, 2019 13:01 IST
    Jagran josh

    भारत में विभिन्न क्षेत्रों में कई समितियाँ और आयोग बने हैं. इन समितियों और आयोगों की सिफारिशों के आधार पर हमारे देश में कई सुधार हुए हैं. यह देखा गया है कि इन समितियों और आयोगों के आधार पर परीक्षा में कई प्रश्न पूछे जाते हैं. इसलिए प्रतियोगी छात्रों की मदद के लिए हमने यह आर्टिकल भारत में गठित समितियों और आयोगों और उनके कार्यक्षेत्रों के आधार पर बनाया है.
    1. अभिजीत सेन समिति (2002): दीर्घकालिक खाद्य नीति
    2. आबिद हुसैन समिति: लघु उद्योग पर
    3. अजीत कुमार समिति: सेना वेतनमान
    4. अथरेया समिति: आईडीबीआई का पुनर्गठन
    5. बेसल समिति: बैंकिंग पर्यवेक्षण
    6. भूरेलाल समिति: मोटर वाहन कर में वृद्धि
    7. बिमल जालान समिति: पूंजी बाजार बुनियादी ढांचा संस्थानों (MII) के कामकाज पर रिपोर्ट
    8. बिमल जालान कमेटी (2018): आरबीआई के पास मौजूद कैपिटल रिजर्व की समीक्षा के लिए
    9. सी. बाबू राजीव समिति: शिप एक्ट 1908 और शिप ट्रस्ट अधिनियम 1963 में सुधार
    10. सी. रंगराजन समिति (2012): गरीबी रेखा के निर्धारण के लिए
    11. चंद्र शेखर समिति: वेंचर कैपिटल
    12. चंद्रात्रे समिति की रिपोर्ट (1997): सुरक्षा विश्लेषण और निवेश प्रबंधन
    13. K.B. कोर कमेटी: कैश क्रेडिट सिस्टम के संचालन की समीक्षा करने के लिए
    14. दवे समिति (2000): असंगठित क्षेत्र के लिए पेंशन योजना
    15. दीपक पारेख समिति: पीपीपी मॉडल के माध्यम से बुनियादी ढांचे के लिए वित्त की व्यवस्था
    16. सुमा वर्मा समिति (2006): बैंकिंग लोकपाल
    17. जी. वी. रामकृष्ण समिति: विनिवेश पर
    18. गोइपोरिया समिति: प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों में ग्राहक सेवा में सुधार
    19. हनुमंत राव समिति: उर्वरक
    20. जे. आर. वर्मा समिति: करंट अकाउंट कैरी फॉरवर्ड प्रैक्टिस

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    21. जानकीरमण समिति: प्रतिभूति लेनदेन
    22. जे. जे. ईरानी समिति: कंपनी कानून सुधार
    23. के. सी. चक्रवर्ती समिति: भारत में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की वित्तीय स्थिति का विश्लेषण करने के लिए
    24. के. कस्तूरीरंगन (2017): राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने के लिए
    25. केलकर समिति (2002): कर संरचना सुधार
    26. कोठारी आयोग (1964): भारत में शैक्षिक क्षेत्र के सभी पहलुओं की जांच करना
    27. खान वर्किंग ग्रुप: वित्त विकास संस्थान
    28. खुसरो समिति: कृषि ऋण प्रणाली
    29. कुमारमंगलम बिड़ला रिपोर्ट: कॉरपोरेट गवर्नेंस
    30. एमबी शाह कमेटी: विदेशों में जमा काले धन की जांच के लिए
    31. महाजन समिति (1997): चीनी उद्योग
    32. मालेगाम समिति: प्राथमिक बाजार में सुधार और यूटीआई का पुनर्गठन
    33. मल्होत्रा समिति: बीमा क्षेत्र की व्यापक रूपरेखा
    34. मराठे समिति: शहरी सहकारी बैंकों के विकास में बाधाओं को दूर करना
    35. माशेलकर समिति (2002): ऑटो ईंधन नीति
    36. मैकिन्से रिपोर्ट: एसबीआई के साथ 7 एसोसिएट बैंकों का विलय
    37. मीरा सेठ समिति: हथकरघा का विकास
    38. नचिकेत मोर समिति: छोटे व्यवसायों और कम आय वाले परिवारों को वित्तीय सेवा से जोड़ना
    39. नरसिम्हन समिति (1991): बैंकिंग क्षेत्र सुधार
    40. एन.एन. वोहरा समिति (1993): संगठित अपराधियों, माफिया और नेताओं के बीच के संबंधों की जांच के लिए
    41. पारेख समिति: इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग
    42. पर्सी मिस्त्री समिति: मुंबई को अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र बनाना
    43. पी. जे. नायक समिति: बैंकों के बोर्ड के शासन का मूल्यांकन करने और निदेशकों, साथ ही साथ उनके कार्यकाल का चयन करने के लिए मानदंडों की जांच करना
    44. प्रसाद पैनल: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और सेवाएँ
    45. राधा कृष्णन आयोग (1948): विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की स्थापना
    46. आर. वी. गुप्ता समिति: लघु बचत
    47. राजा चेल्या समिति: कर सुधार
    48. रेखी समिति: अप्रत्यक्ष कर
    49. आर.वी. गुप्ता समिति: कृषि ऋण
    50. सरकारिया आयोग: केंद्र-राज्य संबंध
    51. के. संथानम समिति: सीबीआई की स्थापना
    52. एस. पी. तलवार समिति: कमजोर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक का पुनर्गठन
    53. सुरेश तेंदुलकर समिति: गरीबी रेखा को पुनर्परिभाषित करना और उसकी गणना सूत्र
    54. सप्त ऋषि समिति (जुलाई 2002): घरेलू चाय उद्योग का विकास
    55. शाह समिति: गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NFBCs) से संबंधित सुधार
    56. शिवरामन समिति (1979): नाबार्ड की स्थापना
    57. एस.एन. वर्मा समिति (1999): वाणिज्यिक बैंकों का पुनर्गठन
    58. स्वामीनाथन आयोग (2004): किसानों के सामने आने वाली समस्याओं का पता लगाना
    59. सुखमय चक्रवर्ती समिति (1982): भारतीय मौद्रिक प्रणाली के कामकाज का आकलन करने के लिए
    60. टंडन समिति: बैंकों द्वारा कार्यशील पूंजी वित्तपोषण की प्रणाली
    61. तारापोर समिति (1997): पूंजी खाता परिवर्तनीयता पर रिपोर्ट
    62. उदेश कोहली समिति: विद्युत क्षेत्र में फण्ड की आवश्यकता का विश्लेषण
    63. यू.के. शर्मा समिति: आरआरबी में नाबार्ड की भूमिका
    64. वाघुल समिति: भारत में मुद्रा बाजार
    65. वासुदेव समिति: एनबीएफसी सेक्टर में सुधार
    66. वाई. बी. रेड्डी समिति (2001): आयकर छूट की समीक्षा
    67. न्यायमूर्ति ए.के. माथुर आयोग: 7 वां वेतन आयोग
    68. बलवंतराय मेहता समिति (1957): पंचायती राज संस्थाएँ
    भारत में विभिन्न क्षेत्रों में कई समितियाँ और आयोग बने हैं. इन समितियों की सिफारिशों के आधार पर हमारे देश में कई सुधार हुए हैं.विगत वर्षों में ऐसा देखा गया है कि इन समितियों और आयोगों पर आधारित कई प्रश्न परीक्षा में पूछे गये हैं. इसलिए छात्रों को इन समितियों और आयोगों के नाम और उनके सम्बद्ध क्षेत्र को ध्यान से याद करना चाहिए.

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