GST की नई रेट के बाद सस्ती होगी ये चीजें
भारत सरकार ने जरूरी चीजों पर GST की दरों में बड़ी कटौती की है। इन चीजों पर टैक्स को 12% और 18% से घटाकर 5% के स्लैब में लाया गया है। इस कदम का मकसद उपभोक्ताओं को तुरंत आर्थिक राहत देना, महंगाई का दबाव कम करना और खपत को बढ़ावा देना है। इस कटौती में प्रोसेस्ड फूड, पर्सनल केयर उत्पाद और घरेलू क्लीनर शामिल हैं। इससे लाखों परिवारों को फायदा होगा और MSME को भी मदद मिलेगी।
New GST Rate 2025: भारत सरकार ने हाल ही में कई जरूरी और व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली चीजों पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) की दरों में बड़ी कटौती की है। इस कदम का उद्देश्य रोजमर्रा के उत्पादों को सस्ता बनाकर उपभोक्ताओं को तत्काल राहत देना है। साथ ही, इसका मकसद अर्थव्यवस्था में मांग को प्रोत्साहित करना भी है। इस कटौती के तहत ज्यादातर सामानों पर GST को पिछले 12% और 18% के स्लैब से घटाकर 5% कर दिया गया है।
GST दर में कटौती की मुख्य बातें
GST काउंसिल ने लंबी चर्चा के बाद रोज इस्तेमाल होने वाले कई तरह के उत्पादों पर दरें घटाई हैं।
कई खाद्य पदार्थों, घरेलू सामान और पर्सनल केयर की चीजों पर टैक्स की दरें कम की गई हैं। इससे रिटेल में इनकी कीमतें सीधे तौर पर कम हो जाएंगी।
इस कटौती का मकसद महंगाई के दबाव को कम करना है। साथ ही, निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों के बीच खपत को बढ़ाना है।
इस बदलाव से देश भर के लाखों परिवारों को फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि जरूरी सामान पर उनका खर्च का बोझ कम होगा।
जिन चीजों पर GST दरें कम हुई हैं, उनकी सूची
| आइटम की कैटेगरी | पिछली GST दर | नई GST दर | विवरण |
| प्रोसेस्ड फूड और स्नैक्स | 12% / 18% | 5% | इसमें बेकरी आइटम, रेडी-टू-ईट फूड और अनाज शामिल हैं |
| पर्सनल केयर उत्पाद | 12% / 18% | 5% | हेयर ऑयल, टूथपेस्ट, स्किनकेयर उत्पाद |
| घरेलू क्लीनर | 12% / 18% | 5% | डिटर्जेंट, वॉशिंग पाउडर |
| स्टेशनरी का सामान | 12% / 18% | 5% | नोटबुक, पेन, पढ़ाई-लिखाई का सामान्य सामान |
| कपड़े और गारमेंट्स | 12% / 18% | 5% | चुनिंदा परिधान और कपड़ों की एक्सेसरीज |
इन कटौतियों से रोजमर्रा की जरूरी चीजें और सस्ती हो जाएंगी। इससे आम आदमी के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे।
उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था पर असर
उपभोक्ताओं को राहत: उपभोक्ताओं को रिटेल दुकानों पर कीमतों में कमी सीधे महसूस होगी। यह उन जरूरी चीजों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जो घर के महीने के खर्च का एक बड़ा हिस्सा होती हैं।
खपत में बढ़ोतरी: टैक्स का बोझ कम करके सरकार को उम्मीद है कि खपत बढ़ेगी। यह आर्थिक विकास का एक बड़ा जरिया है।
महंगाई पर नियंत्रण: GST दरों में कमी से खाने-पीने और उपभोक्ता वस्तुओं की महंगाई को कम करने में मदद मिलेगी। वैश्विक कीमतों के दबाव और सप्लाई चेन में रुकावटों के कारण यह महंगाई एक चिंता का विषय रही है।
MSME को सहारा: GST दरों में कमी से इन चीजों को बनाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ी हुई मांग और आसान नियमों का लाभ मिलने की संभावना है।
उपभोक्ता क्या उम्मीद कर सकते हैं
सूची में दी गई चीजों की कीमतों में सुपरमार्केट, किराना दुकानों और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर तुरंत कटौती होगी।
कम कीमत पर अच्छी क्वालिटी वाली चीजें देश की एक बड़ी आबादी के लिए उपलब्ध होंगी।
खपत बढ़ने से उत्पादन और रोजगार में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे लंबे समय में फायदा मिलेगा।
कई आम और जरूरी चीजों पर GST दरों को 12% और 18% से घटाकर 5% करना भारत सरकार का एक उपभोक्ता-हितैषी और विकास को बढ़ावा देने वाला कदम है।
Mahima Sharan, working as a sub-editor at Jagran Josh, has graduated with a Bachelor of Journalism and Mass Communication (BJMC). She has more than 3 years of experience working in electronic and digital media. She writes on education, current affairs, and general knowledge. She has previously worked with 'Haribhoomi' and 'Network 10' as a content writer. She can be reached at mahima.sharan@jagrannewmedia.