बिहार भारत का प्रमुख विविध सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध इतिहास वाला राज्य है। भारत का यह राज्य अपनी अनूठी संस्कृति और परंपराओं की वजह से देश भर में जाना जाता है। इसके साथ ही यहां का ग्रामीण परिवेश भी इस राज्य को विशेष पहचान दिलाता है। राज्य में ऐसे बहुत-से निर्माण हैं, जो प्रमुख रूप से जाने जाते हैं।
इस कड़ी में पुल भी आते हैं, जो एक छोर से दूसरे छोर को जोड़ने का काम करते हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि बिहार का सबसे लंबा पुल कौन-सा है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
पढ़ेंः बिहार का सबसे छोटा जिला कौन-सा है, जानें
बिहार में कुल कितने जिले हैं
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि बिहार में कुल कितने जिले हैं, तो आपको बता दें कि बिहार में कुल 38 जिले हैं। वहीं, 101 डिवीजन और 534 ब्लॉक हैं। बिहार में अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्र में रहती है।
बिहार का सबसे लंबा पुल कौन-सा है
अब सवाल है कि बिहार का सबसे लंबा पुल कौन-सा है, तो आपको बता दें कि बिहार का सबसे लंबा पुल महात्मा गांधी सेतु है।
कितना लंबा है यह पुल
इस पुल की लंबाई की बात करें, तो यह तो यह पुल 5.75 किलोमीटर यानी की 3.50 मील लंबा है।
किस नदी पर बना है यह पुल
बिहार का सबसे लंबा पुल गंगा नदी पर बना हुआ है, जो कि भारत की सबसे लंबी नदी भी कही जाती है। इस नदी की कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है, जो की गोमुख से निकलकर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में जाकर गिर जाती है। इस दौरान यह उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में अपना सफर पूरा करती है।
बिहार के किन भागों को जोड़ता है यह पुल
बिहार का सबसे लंबा महात्मा गांधी सेतु बिहार के दो प्रमुख भागों को जोड़ने का काम करता है, जो कि उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के मध्य की दूरी को घटाता है।
कितने वर्षों में तैयार हुआ था पुल
अब सवाल है कि बिहार का सबसे लंबा पुल कितने वर्षों में तैयार किया गया था, तो आपको बता दें कि महात्मा गांधी सेतु को 10 वर्षों में तैयार किया गया था। इस पुल का निर्माण साल 1972 में गैमन कंपनी द्वारा शुरू किया गया था और साल 1982 में जाकर इस पुल का निर्माण कार्य पूरा हुआ था। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस पूल का उद्घाटन भी किया था।
Comments
All Comments (0)
Join the conversation