This is an archived article last updated on Jan 24, 2025. The information may be outdated.

Union Budget 2025: इनकम टैक्स स्लैब में हो सकते है ये बड़े बदलाव, ऐतिहासिक हो सकता है बजट

Last Updated: Jan 24, 2025, 13:17 IST

Union Budget 2025: केंद्रीय बजट 2025 से करदाताओं को बड़ी राहत की उम्मीद है. सरकार आयकर स्लैब में बदलाव, छूट सीमा बढ़ाने और कर कानूनों को सरल बनाने पर विचार कर रही है. विशेषज्ञ इसे ऐतिहासिक बजट मान रहे हैं, जिसमें आम जनता और उद्योगों के लिए कई बड़े फैसले हो सकते हैं.

केंद्रीय बजट 2025 से करदाताओं को बड़ी राहत की उम्मीद है.
केंद्रीय बजट 2025 से करदाताओं को बड़ी राहत की उम्मीद है.

Union Budget 2025: जैसे-जैसे केंद्रीय बजट 2025 करीब आ रहा है,आयकर स्लैब को लेकर चर्चा तेज हो गई हैं. मोदी 3.0  सरकार का दूसरा बजट बस कुछ ही दिनों में पेश होने वाला है, और करदाताओं की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं. इस साल का मुख्य फोकस नए आयकर विधेयक पर है, जो 1961 के आयकर अधिनियम की जगह ले सकता है. 

केंद्रीय बजट 2025 से करदाताओं को बड़ी राहत की उम्मीद है. सरकार महंगाई को ध्यान में रखते हुए आयकर छूट सीमा बढ़ाने और कर कानूनों को सरल बनाने पर विचार कर रही है. विशेषज्ञों ने निचले आय वर्ग के लिए अधिक छूट, धारा 80C सीमा वृद्धि और आवास ऋण पर राहत की मांग की है.

यह भी देखें: Republic Day 2025: इस साल चीफ गेस्ट के तौर पर कौन हो रहा रिपब्लिक डे परेड में शामिल?

निर्मला सीतारमण का 8वां बजट भाषण:

सीतारमण के आठवें बजट भाषण से उद्योग आयकर छूट, सहित लोगों को काफी उम्मीदें है. यह मोदी 3.0 में सीतारमण का दूसरा पूर्ण बजट होगा. उन्होंने एनडीए सरकार के लगातार कार्यकाल के दौरान छह वार्षिक और दो अंतरिम बजट पेश किए हैं.

आयकर कानून में बदलाव की तैयारी:   

सूत्रों के अनुसार, यह विधेयक वर्ष के अंत में संबंधित पक्षों के साथ चर्चा के बाद पेश किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य प्रत्यक्ष कर कानूनों को सरल बनाना और इसे करदाताओं के लिए अधिक सुलभ बनाना है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस बजट में संभावित योजनाओं को लेकर विशेषज्ञ और आम जनता उत्सुक हैं. 

आयकर राहत की उम्मीदें:

एक टैक्स एक्सपर्ट ने बजट में आयकर राहत की संभावना जताई है. उन्होंने सुझाव दिया है कि निचले आय वर्ग के लोगों के लिए छूट बढ़ाई जाए और मुद्रास्फीति के प्रभाव से निपटने के लिए दोनों कर प्रणालियों के तहत मूल छूट सीमा में वृद्धि की जाए.

  • धारा 44AD और 44ADA में संशोधन: छोटे व्यवसायों और प्रोफेशनल्स के लिए, अनुमानित कराधान (Presumptive Taxation) की टर्नओवर सीमा को बढ़ाने का सुझाव दिया गया है.
  • आवास ऋण पर ब्याज में छूट: धारा 24(b) के तहत आवास ऋण पर ब्याज छूट की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख करने का प्रस्ताव है.

MSME और गृह खरीदारों के लिए सहायता:

एक अन्य वित्त विशेषज्ञ ने छोटे व्यवसायों और करदाताओं के लिए बजट में और राहत की उम्मीद जताई है.

  • आयकर छूट सीमा में वृद्धि: आयकर छूट सीमा ₹3 लाख तक बढ़ाई जा सकती है.
  • धारा 80C की सीमा: निवेश पर कर छूट की सीमा ₹2.5 लाख तक बढ़ाने की उम्मीद है.
  • फायदे: इससे 6 करोड़ से अधिक करदाताओं को लाभ होगा और सालाना ₹25,000 करोड़ की बचत होगी. MSME सेक्टर को ₹5,000 करोड़ की अतिरिक्त बचत से फायदा होगा.

महंगाई के अनुसार कर समायोजन की मांग: 

पूर्व केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) अध्यक्ष जे.बी. मोहपात्रा ने सुझाव दिया है कि बैंक जमा पर कर में कटौती की जाए और आयकर छूट सीमा को महंगाई के अनुसार समायोजित किया जाए.

  • फिक्स्ड डिडक्शन: फिक्स्ड डिडक्शन में वृद्धि की सिफारिश की गई है ताकि यह वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप हो.
  • व्यक्तिगत आयकर में कमी: उद्योग जगत ने सरकार से व्यक्तिगत आयकर में कमी या कर भार न बढ़ाने की अपील की है.

रियल एस्टेट सेक्टर की उम्मीदें: 

रियल एस्टेट उद्योग ने बजट में प्रावधानों से उच्च विकास दर की उम्मीद जताई है.

  • आवास ऋण ब्याज पर छूट सीमा: वित्त विशेषज्ञों ने धारा 24(b) के तहत आवास ऋण ब्याज छूट सीमा को ₹5 लाख तक बढ़ाने का सुझाव दिया है.
  • उपभोक्ता क्रय शक्ति में वृद्धि: बजट में कॉरपोरेट विकास और उपभोक्ता खर्च बढ़ाने के प्रावधानों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है.

बजट 2025 से करदाताओं और उद्योग जगत को बड़े सुधारों की उम्मीद है. इन प्रावधानों से न केवल कर राहत मिलेगी, बल्कि उपभोक्ता खर्च और निवेश में भी तेजी आएगी, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

यह भी देखें: Mauni Amavasya 2025: हर 4 मिनट पर एक ट्रेन, 150 कुंभ मेला स्पेशल ट्रेनें, रद्द ट्रेनों की लिस्ट भी देखें

Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.

... Read More
First Published: Jan 24, 2025, 13:17 IST

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News