Republic Day 2025: इस साल चीफ गेस्ट के तौर पर कौन हो रहा रिपब्लिक डे परेड में शामिल?
भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो (Prabowo Subianto) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. यह उनके राष्ट्रपति पद संभालने के बाद भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी.
दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य, भारत, एक गणराज्य के रूप में अपने 75 वर्ष (1950-2025) पूरे कर चुका है. हर साल की तरह इस बार भी भारत गणतंत्र दिवस का यह महापर्व पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है. आइए, साल 2025 में कर्तव्य पथ पर होने वाली ऐतिहासिक परेड, समारोह के मुख्य अतिथि, और गणतंत्र दिवस से जुड़ी तैयारियों व खास झलकियों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
भारत के संविधान ने नागरिकों को अपनी सरकार चुनने का अधिकार दिया और लोकतंत्र का मार्ग प्रशस्त किया. डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और पांच मील लंबे मार्ग पर राष्ट्रपति भवन से इर्विन स्टेडियम तक एक ऐतिहासिक यात्रा की, जहां उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया. बता दें कि साल 2025 में भारत 76वां गणतंत्र दिवस मनाएगा.
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गणतंत्र देता है सरकार चुनने का अधिकार:
हालांकि भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ, लेकिन 26 जनवरी 1950 को भारत ने खुद को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक और गणराज्य राष्ट्र घोषित किया. इस ऐतिहासिक दिन पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को फहराकर 21 तोपों की सलामी ली थी. इसके बाद 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया और यह गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा.
76th Republic Day Theme इस वर्ष का थीम:
गणतंत्र दिवस पर हर साल एक भव्य सांस्कृतिक परेड होती है, जो भारत की विविधता को प्रदर्शित करती है. साल 2025 में गणतंत्र दिवस का विषय "स्वर्णिम भारत – विरासत और विकास" (Swarnim Bharat – Virasat aur Vikas' Golden India – Heritage and Development) है. यह विषय भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और निरंतर प्रगति की यात्रा को उजागर करता है.
Republic Day 2025: कौन है इस बार चीफ गेस्ट:
इस साल गणतंत्र दिवस 2025 के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो (Prabowo Subianto) होंगे. यह भारत और इंडोनेशिया के बीच कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का एक महत्वपूर्ण अवसर है. भारत की यह पहल दोनों देशों के संबंध को और मजबूत करेंगे.
गणतंत्र दिवस का इतिहास:
हालांकि भारत ने 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त की, लेकिन 26 जनवरी 1950 तक देश का अपना संविधान नहीं था. डॉ. बी.आर. अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान सभा ने संविधान का निर्माण किया, जिसने सरकार अधिनियम 1935 को बदल दिया.
4 नवंबर 1948 को समिति ने संविधान का अंतिम मसौदा संविधान सभा को प्रस्तुत किया था. भारत का गणतंत्र दिवस हमारी स्वतंत्रता, विरासत और लोकतंत्र का प्रतीक है, जो हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है.
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