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Leap Day 2024: पहले फरवरी में हुआ करते थे 30 दिन, कब और क्यों घटी दिनों की संख्या, जानें

Last Updated: Feb 29, 2024, 13:03 IST

Leap Day 2024: आज यानि कि 29 फरवरी का दिन है, जो कि चार सालों में एक बार आता है। ऐसे में अब यह तारीख अगले चार सालों में देखने को मिलेगी। ऐसे में इस दिन को खास बनाने के लिए लोग अलग-अलग चीजें करते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि पहले फरवरी में 30 दिन हुआ करते थे, लेकिन बाद में इनकी संख्या कम कर दी गई। क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी, जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें।   

चार साल में क्यों आता है लीप ईयर
चार साल में क्यों आता है लीप ईयर

Leap Day 2024: आज यानि कि 29 फरवरी का दिन है। यह तारीख चार सालों में एक बार आती है, ऐसे में कई लोग इस दिन को खास बनाने के लिए अलग-अलग चीजें करते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि पहले फरवरी 28 या 29 दिन की नहीं, बल्कि 30 दिन की हुआ करती थी। हालांकि, बाद में एक व्यक्ति द्वारा इसके दिनों में कमी की गई। कौन था वह व्यक्ति जिसके कारण घटे फरवरी के दिन और क्या है इसके पीछे की कहानी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

 

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Leap Day 2024: क्यों घटे फरवरी के दिन

ईसा के जन्म से 46 साल पहले रोमन सम्राट जूलियस सीजर सम्राट हुआ करता था, जिसने गणनाओं के आधार पर 12 महीने वाले कैलेंडर तैयार करवाया था। हालांकि, बाद में उनकी हत्या हो गई, जिनके सम्मान में हमें जुलाई का महीना देखने को मिलता है।

हालांकि, जुलियस सीजर के बाद ऑगस्टस सम्राट बने और उनके नाम पर भी महीने का नाम दिया गया, लेकिन इस महीने में 29 दिन थे। इससे वह नाराज हो गए और उन्होंने अपने महीने में दिन बढ़ाने का निर्णय लिया, क्योंकि इससे पहले जुलिसय सम्राट के जुलाई महीने में 31 दिन हुआ करते थे, ऐसे में उन्होंने भी अगस्त महीने में 31 दिन कर दिए, जिससे फरवरी के दिन घटाए गए।

 

पहले दो साल में जोड़े जाते थे 22 दिन

रोमन समय में कैलेंडर का चलन हुआ करता था। ऐसे में उस समय एक साल में 355 दिन हुआ करते थे। वहीं, सोलर ईयर को कैलेंडर से मेल कराने के लिए दो साल में 22 दिनों को जोड़ा जाता था। हालांकि, बाद में जूलियस सीजर ने दोबारा गणना करवाई, तो इसमें गड़बड़ी पाई गई। उन्होंने पाया कि पृथ्वी सूरज का एक चक्कर पूरा करने में 365 दिन और 6 घंटे का समय लेती है। ऐसे में कैलेंडर 365 दिन का हुआ और 6 घंटे के समय का समाधान करने के लिए हर चार साल में 1 दिन जोड़ दिया गया। 

 

फिर पाई गई गड़बड़ी

रोमन चर्च के पोप ग्रेगोरी 13वें ने पाया कि पृथ्वी छह घंटे में नहीं, बल्कि 5 घंटे 46 मिनट और 48 सेकेंड में अपना चक्कर पूरी कर रही थी, जिससे 400 सालों में समय 3 दिन पीछे जा रहा था। ऐसे में इन अतिरिक्त घंटों को लीप ईयर में एक दिन के साथ बढ़ाकर 29 दिन कर एडजस्ट किया गया। 

 

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Feb 29, 2024, 13:01 IST

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