Jagran Josh Logo

भारतीय रिज़र्व बैंक सोना क्यों खरीदता है?

12-SEP-2018 15:44
    Gold

    भारत का रिज़र्व बैंक (RBI) देश का केन्द्रीय बैंक है.यह देश में करेंसी नोटों को छापता और डिस्ट्रीब्यूट भी करता है. अर्थात रिज़र्व बैंक देश में मुद्रा की आपूर्ति को सुनिश्चित करता है. इसे बैंकों का बैंक और विदेशी मुद्रा का संरक्षक भी कहा जाता है. हाल के दिनों में रिज़र्व बैंक इसलिए चर्चा में है क्योंकि वित्त वर्ष 2017-18 में 30 जून को खत्म हुए सप्ताह में आरबीआई ने 8.46 मीट्रिक टन सोना खरीदा है. रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उसके सोने का रिजर्व 566.23 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है. इससे पहले आरबीआई ने नवंबर 2009 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 200 मीट्रिक टन सोना खरीदा था.

    ध्यान रहे कि रिज़र्व बैंक इस सोने को अपने विदेशी मुद्रा भंडार में रखता है. 13 अप्रैल, 2018 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 426.028 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था लेकिन रुपये की कीमत में गिरावट के कारण RBI को कुछ डॉलर को बाजार में बेचना पड़ा जिसके कारण 31 अगस्त को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 400 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था इसमें 375 अरब डॉलर की विदेशी संपत्तियां थीं, जबकि 20 अरब डॉलर का सोना, 1.47 अरब डॉलर का SDR (इसे पेपर गोल्ड भी कहा जाता है) और रिज़र्व बैंक की IMF के साथ जमा 2.47 अरब डॉलर की थी.

    नोट पर क्यों लिखा होता है कि “मैं धारक को 100 रुपये अदा करने का वचन देता हूँ.”

    भारतीय रिज़र्व बैंक ने सोने की खरीदारी क्यों की है?

    वर्तमान में RBI के पास सोने का भंडार 566.23 मीट्रिक टन है जिसमें उसने 292.30 टन को नोट जारी करने वाले विभाग की संपत्ति दिखाया है और बाकी 273.93 टन सोना बैंकिंग विभाग की संपत्ति दिखाया है. बैंकिंग विभाग के सोने का कुल मूल्य 30 जून 2018 को 11.12% बढ़कर 69,674 करोड़ रुपये हो गया था.

    सोना खरीदने के विभिन्न कारण निम्नलिखित हैं;

    1. जैसा कि नियम है कि रिज़र्व बैंक को “मिनिमम आरक्षी अनुपात” को मेन्टेन करने के लिए कम से कम 115 करोड़ रुपये का सोना और 85 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्तियां अपने पास रखनी होतीं हैं ताकि वह कितनी भी बड़ी मात्रा में नोटों की छपाई कर सके. रिज़र्व बैंक नोटों पर लिखी अपनी शपथ "मैं धारक को 100 या 200 रुपये अदा करने का वचन देता हूँ" को पूरा करने के लिए अपने पास कम से कम 115 करोड़ रुपये का सोना हर समय पड़ता है. इसीलिए RBI ने सोने की खरीदारी की है.

    2. रिजर्व बैंक के मुताबिक यह खरीदारी उसने अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए की है.

    3. विशेषज्ञ मानते हैं कि RBI ने अपनी संपत्ति में विविधता लाने के लिए सोने की खरीदारी की है.

    4. ज्ञातव्य है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले 9 साल में पहली बार सोना खरीदा है. इससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में सोने की मांग बढ़ सकती है.

    5. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ब्याज दरें बढ़ने और रुपये की कीमत गिरने के दौर में सोने की खरीद से भारतीय मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी जिससे विदेश में भारत के भुगतान संतुलन के बारे में सकारात्कम महौल बनेगा.

    6. आईएमएफ को सौंपी गई जानकारी के अनुसार, रिजर्व बैंक के पास $400 अरब मूल्य का रिजर्व है, जिसमें से $245 अरब का रिजर्व बॉन्ड के रूप में है. भारतीय रिजर्व बैंक को मौजूदा कीमतों पर तीन से आठ साल तक के बॉन्ड्स को भुनाना होगा. इसके साथ ही उसे अपने पास पार्याप्त मात्रा में सोना रखना होगा, ताकि किसी भी जोखिम से निपटा जा सके.

    7. सोने की खरीद से इस बात को बल मिल रहा है कि निवेश के अन्य संसाधनों में वैश्विक स्तर पर रिटर्न कम हो रहा है और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बन रहा है. ऐसी स्थिति में सोने में निवेश सुरक्षा और रिटर्न के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है.

    सारांश के तौर पर यह कहा जा सकता है कि रिज़र्व बैंक ने 9 साल बाद सोना इसलिए खरीदा है क्योंकि इंटरनेशनल मार्किट में रुपये की कीमत लगातार गिर रही है इसलिए RBI को रूपये की कीमत को रोकने के लिए भारत के विदेशी मुद्रा भंडार से लगातार संपत्तियां खर्च करनी पड़ रहीं है जो कि मुद्रा भंडार को खाली कर रहा है जो कि आगे चलकर देश के लिए भुगतान संतुलन की समस्या खड़ी कर सकता है.

    विश्व बैंक से सबसे अधिक कर्ज लेने वाले देश कौन से हैं?

    जानें भारत की करेंसी कमजोर होने के क्या मुख्य कारण हैं?

    DISCLAIMER: JPL and its affiliates shall have no liability for any views, thoughts and comments expressed on this article.

    Commented

      Latest Videos

      Register to get FREE updates

        All Fields Mandatory
      • (Ex:9123456789)
      • Please Select Your Interest
      • Please specify

      • ajax-loader
      • A verifcation code has been sent to
        your mobile number

        Please enter the verification code below

      Newsletter Signup
      Follow us on
      This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK