रेडियोएक्टिविटी : अर्थ, खोज, प्रकार और उपयोग
प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले पदार्थों, तत्वों और उनके घटकों का कुछ निश्चित अदृश्य किरणों के द्वारा स्वयं विघटित होने की घटना को ‘रेडियोएक्टिविटी’ कहा जाता है | रेडियोएक्टिव पदार्थ से निकलने वाली अदृश्य किरणों को ‘रेडियोएक्टिव किरणें’ कहा जाता है | रेडियोएक्टिविटी की घटना की सर्वप्रथम खोज ए. एच. बैकुरल ने 1886 ई. में की थी और बाद में पियरे क्यूरी और मैडम क्यूरी ने इसका विस्तृत अध्ययन किया |
प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले पदार्थों, तत्वों और उनके घटकों का कुछ निश्चित अदृश्य किरणों के द्वारा स्वयं विघटित होने की घटना को ‘रेडियोएक्टिविटी’ कहा जाता है | रेडियोएक्टिव पदार्थ से निकलने वाली अदृश्य किरणों को ‘रेडियोएक्टिव किरणें’ कहा जाता है | ये किरणें परमाणु के अस्थिर होने के कारण उत्पन्न होती हैं | रेडियोएक्टिविटी की घटना की सर्वप्रथम खोज ए. एच. बैकुरल ने 1886 ई. में की थी | उन्होने पाया कि फोटोग्राफिक प्लेट के प्रकाशरोधी पैकेज में होने बावजूद यूरेनियम लवण उसे प्रभावित कर रहा है| उन्होनेन यूरेनियम कि इस विशेषता को ‘रेडियोएक्टिविटी’ नाम दिया | बाद में पियरे क्यूरी और मैडम क्यूरी ने प्लूटोनियम, फ्रांसियम और रेडियम में भी रेडियोएक्टिविटी के गून का पता लगाया |

रेडियोएक्टिव विकिरण
(a) अल्फा कण
- ये धनात्मक आवेश युक्त हीलियन आयन हैं
- भेदन क्षमता (penetrating power) बेहद कम होती है
- कागज की एक परत द्वारा अवशोषित किए जा सकते हैं या एल्युमीनियम की चादर द्वारा रोका जा सकता है
(b) बीटा कण
- ये ऋणात्मक आवेश युक्त प्रकाश कण हैं
- भेदन क्षमता अल्फा कानों से अधिक होती है
(c) गामा किरणें
- ये निम्न तरंगदैर्ध्य (Wavelength), उच्च आवृत्ति (Frequency) और उच्च ऊर्जा युक्त विद्युतचुम्बकीय (Electromagnetic) विकिरण है
- इनकी भेदन क्षमता बहुत अधिक होती है और ये सीसे (lead) की कई सेमी. मोटी परत को भी पार कर सकती हैं
रेडियोएक्टिव समस्थानिक
वे समस्थानिक जो अपने नाभिक में अतिरिक्त न्यूट्रानों की उपस्थिति के कारण अस्थायी होते हैं और विभिन्न प्रकार के विकिरण को उत्सर्जित करते हैं, रेडियोएक्टिव समस्थानिक कहलाते हैं, जैसे- कार्बन-14, सोडियम-74,आयोडीन-131,कोबाल्ट-60 और यूरेनियम-235 |
एक्स किरणें
- एक्स किरणें प्रकाश के समान भेदन क्षमता युक्त विद्युतचुम्बकीय विकिरण का एक रूप हैं
- इनकी तरंगदैर्ध्य निम्न होती है
- ठोस पदार्थों को भी भेदने में सक्षम हैं
- जब एंटी-कैथोड (उच्च परमाणु भार वाली धातु जैसे- टंगस्टन) पर कैथोड किरणें गिरती है तब एक्स किरणों की उत्पत्ति होती है
एक्स किरणों का उपयोग
धातु व हड्डी जैसे सघन पदार्थ लकड़ी या माँस जैसे पदार्थों की तुलना में अधिक तीव्रता से एक्स किरणों का अवशोषण करते हैं | इसीलिए चिकित्सा के क्षेत्र में रोग की पहचान हेतु एक्स-रे तस्वीर तैयार करना संभव है |
नाभिकीय अभिक्रिया
नाभिकीय अभिक्रिया वह क्रिया है जिसमें बहुत ही थोड़े समय में किसी अन्य उत्पाद को प्राप्त करने के लिए नाभिक पर न्यूट्रानों व प्रोटानों आदि मूल कणों की बौछार की जाती है या फिर उसकी किसी और नाभिक से अभिक्रिया कराई जाती है | प्रथम बार नाभिकीय अभिक्रिया की खोज रदरफोर्ड ने 1919 में की थी | उन्होने नाइट्रोजन पर अल्फा कणों की बौछार के दौरान इसकी खोज की थी |
नाभिकीय विखंडन
नाभिकीय विखंडन (Nuclear fission) एक बड़े नाभिक को दो छोटे नाभिकों में तोड़ने की क्रिया है, जिसके दौरान अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है | 1939 ई. में जर्मन वैज्ञानिक ओटो हान (Otto Hahan) और एफ. स्टीर्समन (F. Steersman) ने पाया कि जब वे यूरेनियम के नाभिक पर मंद न्यूट्रानों की बौछार करते हैं तो वह दो छोटे नाभिकों में टूट जाता है और बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा का उत्पादन होता है | यूरेनियम के नाभिक का टूटना ‘नाभिकीय विखंडन’ कहलाता है |
नाभिकीय विखंडन के प्रकार
- नियंत्रित नाभिकीय विखंडन- इस तरह का विखंडन नाभिकीय रिएक्टरों में होता है, जहाँ विखंडन की क्रिया को मंद कर दिया जाता है और उत्पादित ऊर्जा का प्रयोग शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए किया जाता है |
- अनियंत्रित नाभिकीय विखंडन - इस तरह का विखंडन परमाणु बमों में होता है, जहाँ अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा का उत्पादन होता है और विखंडन की क्रिया तब तक जारी रहती है जब तक सम्पूर्ण विखंडनीय पदार्थ (Fissionable Material) समाप्त न हो जाए |
प्रथम परमाणु बम
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा 6 अगस्त,1945 को जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया गया और उसके तीन दिन बाद ही 9 अगस्त, 1945 को जापान के ही नागासाकी शहर पर दूसरा परमाणु बम गिराया गया | इस बम में प्लूटोनियम-239 का प्रयोग किया गया था |
नाभिकीय संलयन
यह एक ऐसी नाभिकीय अभिक्रिया है जिसमें हल्के It is a nuclear reaction in which lighter nuclei fuse to form a nucleus of greater mass. नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) की प्रक्रिया में अत्यधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है | अतः नियंत्रित परिस्थितियों में नाभिकीय संलयन की क्रिया द्वारा मानवीय उपयोग हेतु बड़ी मात्र में ऊर्जा को पैदा किया जा सकता है |
परमाणु / नाभिकीय ऊर्जा
परमाणु विखंडन या परमाणु संलयन द्वारा उत्पन्न ऊर्जा नाभिकीय या परमाणु ऊर्जा कहलाती है जिसका प्रयोग विभिन्न शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है |
समस्थानिक
समान परमाणु द्रव्यमान परंतु भिन्न परमाणु क्रमांक वाले परमाणुओं को समस्थानिक (Isotopes )
कहते हैं, जैसे- (i) 8016, 8017, 8018 (ii) 1H1, 1H2, 1H3
समभारिक
समान परमाणु क्रमांक परंतु भिन्न परमाणु द्रव्यमानों वाले परमाणुओं को समभारिक (Isobars) कहते हैं, जैसे- (i) 18Ar40, 19K40, 20Ca40, (ii) 6C14, 7N14
समन्यूट्रानिक
जिन परमाणुओं में न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती हैं उन्हें समन्यूट्रानिक (Isotone) कहते हैं, जैसे-(i) lH3, 2He4, (ii) 4Si32
समइलेक्ट्रानिक
जिन आयनों और परमाणुओं के इलेक्ट्रानिक विन्यास समान होते हैं, उन्हें समइलेक्ट्रानिक (Isoelectronic) कहा जाता है | समइलेक्ट्रानिक परमाणुओं और आयनों में इलेक्ट्रानों की संख्या समान होती है, जैसे- Ne, Na+, Mg++ आदि|
श्रंखला अभिक्रिया
श्रंखला अभिक्रिया एक परिघटना है जिसमें नाभिकीय विखंडन की क्रिया के दौरान मुक्त हुए न्यूट्रान पुनः परमाणुओं को विखंडित करते रहते हैं और बड़ी मात्रा में ऊर्जा को पैदा करते हैं | अर्द्ध-आयु वह समय है जिसमें रेडियोएक्टिव पदार्थ की मात्रा प्रारम्भ की तुलना में आधी रह जाती है |
Image Courtesy: www.images.tutorvista.com
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