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सही करियर विकल्प चुनने के लिए 3 स्टेप्स गाइड

अपने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई खत्म करने के बाद, आपका अधिकांश जीवन किसी पेशेवर के तौर पर गुजरता है. अपने जीवन में खुश और संतुष्ट रहने के लिए यह बहुत जरुरी है कि आप जो भी काम करें या पेशा अपनाएं उसमें आनंद लें और उत्कृष्टता प्राप्त करें.

Jul 31, 2018 13:21 IST
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A 3 step guide
A 3 step guide

अपने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई खत्म करने के बाद, आपका अधिकांश जीवन किसी पेशेवर के तौर पर गुजरता है. अपने जीवन में खुश और संतुष्ट रहने के लिए यह बहुत जरुरी है कि आप जो भी काम करें या पेशा अपनाएं उसमें आनंद लें और उत्कृष्टता प्राप्त करें. हालांकि, यह तभी संभव हो सकता है जब आप अपने जुनून और विशेषज्ञता को एक साथ मिलाकर अपना काम करें. आज के इस प्रतियोगी विश्व में, आपके लिए यह बेहतर रहेगा कि आप अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी करते ही आपको अपने भावी करियर की पसंदों को सीमित करते हुए अच्छी तरह से सोच-समझ कर अपने करियर के संबंध में निर्णय लें. अपने करियर के संबंध में जल्दी शुरुआत करने पर आपके सफल करियर की दिशा में आने वाले वर्षों में इसका काफी अच्छा प्रभाव पड़ेगा. छोटी आयु में एक निश्चित करियर विकल्प चुनना  वास्तव में एक कठिन काम है. विशेष रूप से तब, जब आपके विकल्प और वरीयताएं लगातार बदलती और विकसित होती रहती हैं.  

बेहतरीन करियर विकल्प चुनने में आपकी मदद करने के लिए यहां पेश है 3 स्टेप्स फार्मूला

1. खुद को समझें

“बेहतरीन इनकम वाले करियर विकल्प” जैसे वाक्यों पर ध्यान देने से पहले और अपने पेरेंट्स, सीनियर्स तथा पड़ोसियों से अपने लिए सही करियर विकल्प के बारे में कुछ पूछने से पहले आपको अपने बारे में अच्छी तरह पता होना चाहिए. 

यह कैसे हो सकता है?

अपने बारे में अच्छी तरह जानकारी प्राप्त करने के 2 कारगर तरीके हैं.

a. अपनी पसंद के बारे में पता करें:

यह बहुत जरुरी है कि आपको यह जानकारी हो कि आपको कौन से विषय पसंद हैं? आप कौन-सी क्लासेज कभी नहीं मिस कर सकते?... और आप किन विषयों की रेफेरेंस बुक्स खरीदना पसंद करेंगे?. अगर आपको नहीं पता कि आपकी पसंद क्या है? तो आप उक्त तीन मूल प्रश्न खुद से पूछें. हमेशा यह बात याद रखें कि किसी कार्य को करने की अच्छी काबिलियत होने पर भी यदि आपको उस कार्य में रूचि नहीं है और वह काम करने पर आप बोरियत महसूस करते हैं तो आप उस कार्य से संबंधित करियर में तरक्की नहीं कर पायेंगे.

b. अपनी क्षमता के बारे में पता करें:

आपको कोई विशेष फील्ड कितनी भी ज्यादा पसंद क्यों न हो? लेकिन अगर, आपके पास उस फील्ड से जुड़ी काबिलियत नहीं है तो आपको किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलेगा, अगर एडमिशन मिल भी जाये तो ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद भी आप नौकरी करने की काबिलियत हासिल नहीं कर सकेंगे. इसलिये, यह बहुत जरुरी है कि आपको अपनी काबिलियत के बारे में पता लगाना चाहिए. कौन से ऐसे विषय हैं जो आपको अपने-आप समझ आ जाते हैं? कौन से विषयों में आपको अपने फ्रेंड्स की मदद लेनी पड़ती है? खुद से ये प्रश्न पूछें ताकि आपको अपनी काबिलियत के बारे में सही जानकारी मिल सके.

अब, अपनी पसंदों और काबिलियतों की एक लिस्ट बनायें और वे विषय चुनें जिनमें उक्त दोनों खासियतें हैं. इससे आपको अपना अंतिम करियर विकल्प चुनने में काफी मदद मिलेगी.  

2. अपनी अवेयरनेस बढ़ायें

जब आपको यह पता चल जाता है कि वास्तव में आपको किस काम में रूचि है और आपमें किस काम को करने की काबिलियत है तो यह बिलकुल ठीक समय है कि आप अपनी पसंद के विषयों के अनुसार ही करियर विकल्प चुनें.

अब, ठीक समय है कि आप अपने करियर विकल्पों के संबंध में ऑनलाइन सर्च करें और अपने पेरेंट्स तथा सीनियर्स से बात करें. आप अपने सीनियर्स और पेरेंट्स से अपने करियर विकल्पों के संबंध में ज्यादा महत्वपूर्ण प्रश्न पूछ सकते हैं और फिर इस बात पर ध्यान दें कि आपको उनके दिए गए कौन से सुझावों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

आइये अब 3 प्रमुख स्टडी स्ट्रीम्स और उनसे जुड़े करियर्स की चर्चा करें:

a. साइंस: अगर आपको साइंस विषय पसंद है और आप इसमें अच्छे हैं तो आप नीचे प्रस्तुत 4 प्रमुख फ़ील्ड्स में आगे पढ़ाई कर सकते हैं:

i. इंजीनियरिंग: इंजीनियर्स लाइट बल्ब्स बदलने या टेक्निकल सहायता करने से कहीं अधिक ज्यादा कार्य करते हैं. वे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए साइंटिफिक और मैथमेटिकल प्रिंसिपल्स को अप्लाई करके भविष्य बदल सकते हैं. इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए आपको फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (पीसीएम) विषयों में महारत हासिल होनी चाहिए. जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड, बीआईटीएसएटी, राज्यों के सीईटी एग्जाम्स और वीआईटीजेईई जैसे कई एंट्रेंस एग्जाम्स पास करने पर आप विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजेज में एडमिशन ले सकते हैं.

ii. मेडिसिन: अगर आप लोगों की जान बचाना चाहते हैं तो यह आपके लिए उपयुक्त फील्ड है. मेडिसिन पढ़ने के लिए आपको फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में महारत हासिल होनी चाहिए. एनईईटी, एआईआईएमएस और एएफएमसी जैसे विभिन्न एंट्रेंस एग्जाम्स पास करके आप देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन ले सकते हैं.

iii. फार्मेसी: नई ड्रग्स तैयार करके या ड्रग्स में सुधार करके आप रोज़ाना हजारों जिंदगियां बचा सकते हैं. फार्मेसी विषय पढ़ने के लिए आपको फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में महारत हासिल होनी चाहिए. बीआईटीएसएटी, एमयूओईटी और राज्यों के सीईटी एग्जाम्स जैसे विभिन्न एंट्रेंस एग्जाम्स पास करके आप देश के विभिन्न फार्मा कॉलेजों में एडमिशन ले सकते हैं.

b. कॉमर्स: अगर आप किसी कंपनी की बैकबोन बनना चाहते हैं तो आप निम्नलिखित 5 प्रमुख फ़ील्ड्स में अपना अध्ययन जारी रख सकते हैं. अधिकांश कॉमर्स फ़ील्ड्स में अध्ययन करने के लिए आपको मैथ्स में महारत हासिल होनी चाहिए. हालांकि कुछ फ़ील्ड्स के लिए मैथ्स जरुरी नहीं है. 

i. चार्टर्ड अकाउंटेंट: ये पेशेवर कंपनियों की टैक्सेशन, ऑडिट्स, मर्जर सहित कई मामलों में मदद करते हैं. सीए प्रोग्राम 3 सेक्शन्स में बंटा है – कॉमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट (सीपीटी), इंटीग्रेटेड प्रोफेशनल कम्पीटेंस कोर्स (आईपीसीसी) और फाइनल कोर्स.

ii. एक्चुरियल साइंस: ये पेशेवर कंपनियों को भावी वित्तीय खतरों से अवगत करवाते हैं. अपनी 12वीं क्लास पास करने के बाद आपको पहले एक्चुरियल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एसीईटी) पास करना होगा ताकि आप इस विषय में डिग्री प्राप्त करने के लिए इंस्टिट्यूट ऑफ़ एक्चुअरीज ऑफ़ इंडिया में एडमिशन ले सकें.

iii. कंपनी सेक्रेटरी: ये पेशेवर कंपनियों के डायरेक्टर्स और टॉप मैनेजमेंट को कंपनी रूल्स के अनुसार काम करने के लिए प्रेरित करते हैं. सीएस कोर्स के 3 स्टेजेज हैं – फाउंडेशन प्रोग्राम, एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम और प्रोफेशनल प्रोग्राम.

iv. मैनेजमेंट: ये पेशेवर सबसे ज्यादा विभिन्न प्रकार की मार्केट्स के लिए काम करते हैं. ऑपरेशन टीम से डेवलपर्स तक प्रत्येक टीम को डायरेक्शन्स के लिए अच्छे मैनेजर्स की जरूरत रहती है. इस फील्ड में आगे बढ़ने के लिए आपके पास  बीकॉम या बीएमएस की डिग्री होनी चाहिए.

v. बैंकिंग एंड फाइनेंस: यहां, आप पैसों से खेलते हैं! बैंकिंग पेशेवरों को तरक्की के काफी रस्ते प्रदान करती है. इस फील्ड में आगे बढ़ने के लिए आपको बीएएफ या बीएफएम कोर्स करना होगा.

c. आर्ट्स: अगर आप रचनात्मक प्रवृत्ति के हैं या फिर आप प्रभावी तरीके से बातचीत करने में काफी माहिर हैं तो यह फील्ड आपके लिए बहुत उपयुक्त साबित होगी. आप 5 प्रमुख स्ट्रीम में आगे अध्ययन कर सकते हैं.

i. लॉ: वकील या लॉयर्स व्यक्तियों, कंपनियों और सभी सरकारों का भविष्य बदल सकते हैं और इतिहास को दुबारा लिख सकते हैं. लॉ की पढ़ाई करने के लिए आपको देश का सेंट्रलाइज्ड कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट पास करना होगा जिसे पास करने पर आप भारत की 19 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज में एडमिशन ले सकते हैं. 

ii. ह्यूमैनिटीज: आप सरकारी कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं या लोगों के जीवन पर असर डाल सकते हैं. इसके लिए आपको इकोनॉमिक्स, साइकोलॉजी या सोशियोलॉजी में स्पेशलाइजेशन सहित बीए करनी होगी.  

iii. डिज़ाइन और एनीमेशन: लाइफ बदलने वाले प्रोडक्ट्स डिज़ाइन करने से लेकर डिजिटल वर्ल्ड में कंटेंट डिजाइनिंग तक यह फील्ड क्रिएटिविटी और लॉजिक का एक फ्यूज़न है. अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिज़ाइन (यूसीईईडी)  आईआईटी, बॉम्बे, आईआईटी, गुवाहाटी और आईआईआईटीडीएम द्वारा ऑफर किये जा रहे बैचलर ऑफ़ डिज़ाइन (बी.डिज.) प्रोग्राम्स में एडमिशन लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम है.

iv. मीडिया: विश्व कैसे वास्तिवकता को समझता है? इसे आप बदल सकते हैं. इसके लिए आपको 3 वर्ष का अंडरग्रेजुएट बैचलर ऑफ़ मास मीडिया कोर्स करना होगा. इस कोर्स में आपको मीन्स ऑफ़ मास कम्युनिकेशन जैसेकि, न्यूज़पेपर्स, मैगजीन्स, सिनेमा फिल्म्स, रेडियो, टेलीविज़न आदि के बारे में जानकारी दी जायेगी.

v. अन्य कोर्सेज: आप प्राइवेट कॉलेजों और सर्टिफिकेशन्स के माध्यम से अन्य कोर्सेज कर सकते हैं जैसेकि, फोटोग्राफी, इवेंट मैनेजमेंट, एक्टिंग, क्रिएटिव आर्ट्स लिटरेचर आदि.

3. अपने पसंदीदा करियर में सफल होने के तरीके पता करें

जब एक बार आप अपने भावी करियर विकल्प शॉर्टलिस्ट कर लें तो फिर, यह जानने की कोशिश करें कि आप अपने भावी करियर में सफलता कैसे प्राप्त कर सकते हैं? आइये आगे पढ़ें:

a. ये कोर्सेज करवाने वाले कौन से टॉप कॉलेजेज हैं? इंजीनियरिंग के लिए आप टॉप आईआईटीज में एडमिशन ले सकते हैं. मेडिसिन के लिए टॉप कॉलेजेज के तहत जीएमसी या एलएमसी जैसे सरकारी कॉलेजों और अन्य एआईआईएमएस कॉलेजों को शामिल किया जा सकता है. सीए कोर्स के लिये, आप पहली बार में एंट्रेंस एग्जाम पास करने पर फोकस करें. मैनेजमेंट कोर्सेज के लिए आप टॉप आईआईएमज में एडमिशन लेकर एमबीए की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं. अगर हम लॉ की बात करें तो नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी कुछ टॉप कॉलेजेज में से एक है. डिज़ाइन के कोर्स करने के लिए आप एनआईडी और एनआईएफटीज में एडमिशन ले सकते हैं.    

b. क्या आपको कोई कम्पीटिटिव एग्जाम देना होगा? जैसेकि हम पहले ही चर्चा कर चुके हैं, प्रत्येक कोर्स में एडमिशन लेने के लिये आपको उस कोर्स के लिए निर्धारित एंट्रेंस एग्जाम पास करना होगा. हालांकि, इनमें से कुछ एग्जाम्स अन्य एग्जाम्स की तुलना में ज्यादा आसान होते हैं जैसेकि, इंजीनियरिंग और मेडिकल कोर्सेज के लिए राज्य सीईटीज एग्जाम्स राष्ट्रीय स्तर के जेईई मेन्स या एनईईटी से ज्यादा आसान होते हैं.

c. बढ़िया कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए आपको कितने मार्क्स चाहिए और अच्छे मार्क्स लाना क्यों महत्वपूर्ण है? अगर हम इंजीनियरिंग के विषय में बात करें तो आपको अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स में एडमिशन लेने के लिए अपनी सीट सुनिश्चित करने के लिए बहुत ऊंचा रैंक (500 और उससे ऊपर) प्राप्त करना होगा. मेडिकल कोर्स के लिए, सरकारी कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए आपको काफी अच्छे मार्क्स लाने होंगे. इन सरकारी कॉलेजों में आपको प्राइवेट कॉलेजों से कम फीस देनी होगी और आपको करियर के बेहतर विकल्प मिलेंगे. अगर मीडिया लाइन की बात करें तो आपको अपनी 12 वीं क्लास के एग्जाम्स में टॉप स्कोर्स लाने होंगे ताकि आपको किसी मशहूर कॉलेज में एडमिशन मिल सके और फिर पूर्व छात्रों की मदद से रोज़गार के अच्छे मौके मिलें.

d. अपना पसंदीदा कोर्स करने के लिए आपको कितना धन चाहिए? कुछ प्रोफेशन्स जैसेकि मेडिकल फील्ड में स्पेशलाइजेशन्स और डेंटिस्ट्री में अन्य प्रोफेशन्स की तुलना में काफी ज्यादा पैसा खर्च होता है. इसके अलावा, ये कोर्स करवाने वाले कॉलेजेज भी एक ही कोर्स के लिए अलग-अलग फीस ले सकते हैं जो सरकार के साथ उनके एफिलियेशन पर निर्भर करता है. आप अपने पसंदीदा कोर्स के लिए होने वाले खर्च के संबंध में अपने पेरेंट्स से जरुर बात करें.

e. किसी भी प्रोफेशन में आपको रोज़ कितना समय देना जरुरी होता है? मीडिया कर्मी रोजाना पार्टीज में शामिल नहीं हो सकते हैं और डॉक्टर्स को अक्सर 24 घंटे काम करना पड़ सकता है. आपको अपने शॉर्टलिस्टेड करियर के सबसे बोरिंग पहलुओं के बारे में अच्छी तरह पता होना चाहिए. इससे आप अपनी भावी जॉब और करियर के लिए भली-भांति तैयार हो सकेंगे और आपको बाद में ज्यादा काम करने पर तनाव नहीं होगा. 

f. क्या भारत में इस करियर के लिए उन्नति करने की संभावना है या आपको अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए विदेश जाना होगा? कुछ करियर्स जैसेकि, फार्मास्यूटिकल में रिसर्च पर आधारित प्रोफेशन्स या प्योर साइंसेज इंडस्ट्री से जुड़े पेशे या फिल्म इंडस्ट्री में डिज़ाइनर्स और एनिमेटर्स के लिए विदेशों में ज्यादा बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हैं.

एक बार अपने करियर के संबंध में सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझ लेने के बाद, आप अपने करियर विकल्पों को 2 या 3 विकल्पों तक सीमित कर सकते हैं. आपको अपने लिए कुछ विकल्प और प्लान-बी तैयार रखना होगा. उक्त सभी स्टेप्स से आपको अपने भावी जीवन के पेशे के संबंध में स्पष्ट जानकारी प्राप्त करके बढ़िया निर्णय लेने में काफी मदद मिलेगी.

याद रखें कि आपको अपने सपने को पूरा करने के लिए दिलो-जान लगाकर पूरी कोशिश करनी होगी  और अपने सपने को साकार करने का साहस रखना होगा.

लेखक के बारे में :

मनीष कुमार ने वर्ष 2006 में आईआईटी, बॉम्बे से मेटलर्जिकल एंड मेटीरियल साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. उसके बाद इन्होंने जॉर्जिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, यूएसए से मेटीरियल्स साइंस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की और फिर इंडियन स्कूल फाइनेंस कंपनी ज्वाइन कर ली, जहां वे बिजनेस स्ट्रेटेजीज एंड ग्रोथ के लिए जिम्मेदार कोर टीम के सदस्य थे. वर्ष 2013 में, इन्होंने एसईईडी स्कूल्स की सह-स्थापना की. ये स्कूल्स भारत में कम लागत की के-12 एजुकेशन की क्वालिटी में सुधार लाने पर अपना फोकस रखते हैं ताकि क्वालिटी एजुकेशन सभी को मुहैया करवाई जा सके. वर्तमान में ये टॉपर.कॉम के प्रोडक्टलर्निंग एंड पेडागॉजी विभाग में वाईस प्रेसिडेंट हैं. 

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