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पब्लिक स्पीकिंग: कैसे रखें अपने डर पर काबू और बनें कुशल वक्ता ?

संचार के बिना हमारे लिए दुनिया में प्रगति करना और निरंतर आगे बढ़ते रहना लगभग असंभव होगा और ‘पब्लिक स्पीकिंग' संचार की सबसे महत्वपूर्ण किस्मों में से एक है.यह मूल रूप से ‘लाइव ऑडियंस’ के साथ बातचीत करने की एक कला है. हालांकि, कई लोग इसे संचार की सबसे खतरनाक किस्म मानते हैं.

Mar 19, 2018 15:01 IST
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How to improve your Public Speaking Skills
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संचार या कम्युनिकेशन, जैसा कि हम सभी जानते हैं, हमारे समाज का आधार है. यह वास्तव में काफी आसान है क्योंकि हमें अपने आस-पास के समाज के साथ जीवित रहने और बातचीत करने के लिए संचार की एक सामान्य किस्म की आवश्यकता होती है. संचार के बिना हमारे लिए दुनिया में प्रगति करना और निरंतर आगे बढ़ते रहना लगभग असंभव होगा और ‘पब्लिक स्पीकिंग' संचार की सबसे महत्वपूर्ण किस्मों में से एक है. यह मूल रूप से ‘लाइव ऑडियंस’ के साथ बातचीत करने की एक कला है. हालांकि, कई लोग इसे संचार की सबसे खतरनाक किस्म मानते हैं और बहुत से लोग पब्लिक स्पीकिंग के लिए बिलकुल तैयार नहीं होते हैं क्योंकि उन्हें लाइव ऑडियंस के सामने कुछ भी बोलते हुए काफी घबराहट होती है और डर लगता है. दुनिया भर में इसे ही पब्लिक स्पीकिंग फोबिया के नाम से जाना जाता है. जैसाकि हम सब जानते हैं कि ‘फोबिया’ का मतलब किसी खास वस्तु या स्थिति से बहुत ज्यादा डरना होता है और बहुत बार इस डर का कोई स्पष्ट कारण भी नजर नहीं आता है.

यह कैसे पता लगायें कि आपको पब्लिक स्पीकिंग फोबिया है ?

अच्छा, तो अब हम आपको यह बताते हैं कि पब्लिक स्पीकिंग फोबिया के लक्षणों की पहचान करना  काफी आसान है. सबसे पहले तो आप ऐसे सभी अवसरों से बचने की कोशिश करते हैं, जहां आप पर सब लोगों का ध्यान रहता है या फिर, आपको ऑडियंस को संबोधित करना होता है. कोई प्रेजेंटेशन देने से पहले होने वाली घबराहट या चिंता होना, इस बारे में बहुत अधिक सोचना कि ऑडियंस आपकी बात सुनेगी या नहीं, किसी स्टेज  पर खड़े होकर कोई प्रोग्राम करने या भाषण देने के बजाय बैकस्टेज का कार्य संभालने के लिए खुशी – ख़ुशी तैयार होना आदि जैसे लक्षण साफ़ तौर पर यह इंगित करते हैं कि आपको पब्लिक स्पीकिंग फोबिया है.

पब्लिक स्पीकिंग फोबिया को दूर करना हमारे लिए क्यों है बहुत जरुरी ?

जैसेकि पहले चर्चा की गई थी, संचार हमारे जीवन का मजबूत आधार है. हमें अपने विचारों और सिद्धांतों को साझा करने के लिए अन्य लोगों के साथ संवाद करने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता पड़ती है. हालांकि, यदि आप पब्लिक स्पीकिंग फोबिया से ग्रस्त हैं तो इसका मतलब है कि आपके पास मजबूत संचार कौशल नहीं है जिससे बड़ी आसानी से यह निकलता है कि पब्लिक स्पीकिंग फोबिया होने के कारण लोगों को अपनी बात को समझने या लोगों को अपना दृष्टिकोण समझाने में आपको काफी कठिनाइयों का सामना करना होगा. पब्लिक स्पीकिंग कोई ऐसा मामूली काम नहीं है जिससे आज के जमाने में आप बड़ी आसानी से बच कर दूर भाग सकते हैं. यह आपके स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही ऑफिस के दिनों तक आपके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है. आपको अपने जीवन के लगभग हर क्षेत्र में बेहतरीन पब्लिक स्पीकिंग स्किल की ज़रूरत होगी. यदि आप अपने पब्लिक स्पीकिंग फोबिया को  दूर नहीं करते हैं तो इसके गंभीर नतीजे झेलने होंगे. मान लीजिये, अगर आपको कल एक महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन देनी है और आप इसकी बहुत अच्छी तरह प्रैक्टिस करते हैं. लेकिन जब आप स्टेज पर जाते हैं और ऑडियंस के चेहरे देखते हैं जो आप को ही देख रहे हैं, तब आप काफी डर जाते हैं और घबराहट की वजह से कोई भी शब्द आपकी जुबान पर नहीं आता है, यहां तक कि आपको अपनी प्रेजेंटेशन ठीक से याद भी नहीं रहती है. यह डर, चिंता या घबराहट आपके और आपके सपनों के बीच सबसे बड़ी बाधा है. अपने इस डर और चिंता पर काबू पायें फिर, आपको शानदार सफलता हासिल होगी.

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इसलिए, यहां पब्लिक स्पीकिंग फोबिया से उबरने में आपकी मदद करने के लिए कुछ विशेष टिप्स दिए जा रहे हैं:

पब्लिक स्पीकिंग फोबिया से कैसे बचें?

बोलने के लिये चुनें अपना पसंदीदा विषय

आप किसी ऐसे विषय पर बात नहीं कर सकते हैं जिस विषय के बारे में आपको अच्छी जानकारी नहीं है. इसलिए शुरू- शुरु में, यदि आप बहुत भाग्यशाली हैं और आपको अपनी पसंद के विषय पर बोलने का मौका मिलता है  तो आप उस विषय को चुनें जो विषय आपको वास्तव में बहुत पसंद है. इसके अलावा, जब आप किसी विषय में रुचि रखते हैं तो आप उस विषय पर अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते रहते हैं. आप अपने पास उपलब्ध कई सोर्सेज से अपने पसंदीदा विषय के बारे में पढ़ते हैं और इस क्षेत्र की नवीनतम गतिविधियों की जानकारी हासिल करते हैं ताकि आप व्यापक जानकारी के साथ अपने पसंदीदा विषय पर बात कर सकें और बोलते समय बेहतर उदाहरण दें या समरूपता बता  सकें. अन्त में, जिस विषय पर बात करने में आप कम्फर्ट महसूस करते हैं, उस विषय पर बोलते वक्त आपमें अधिक आत्मविश्वास होगा और चिंता या घबराहट होने की संभावना काफी कम होगी.  लेकिन आप को बोलने के लिए विषय चुनने का कोई विकल्प नहीं दिया जाता है तो आप अपनी प्रेजेंटेशन पर काफी रिसर्च करें और अपने संबोधन करने वाले विषय के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल करने की कोशिश करें. आप पब्लिक स्पीकिंग वाले दिन से पहले खूब अच्छी तरह अपनी तैयारी कर लें ताकि आप बोलते वक्त पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात और नजरिया ऑडियंस के सामने रख सकें.

किसी व्यक्ति के सामने करें बोलने की प्रैक्टिस

पहली बार ऑडियंस के सामने बोलना काफी कठिन हो सकता है. आप बोलने से बहुत अधिक घबराहट महसूस कर सकते हैं. इसलिए, आपके लिए यह काफी अच्छा रहेगा अगर आप ऑडियंस के सामने बोलने से पहले कई बार मॉक प्रैक्टिस कर लें. अपनी ऑडियंस के तौर पर अपने परिवार या दोस्तों को इकट्ठा करें. कल्पना कीजिये कि आप अपनी ऑडियंस के सामने बोंल रहे हैं और फिर, अपने परिवार तथा दोस्तों के सामने अपने विषय पर बोलने की खूब प्रैक्टिस करें. शुरू-शुरू में बोलते समय आप काफी गड़बड़ कर सकते हैं और उनके सामने बोलते समय आप घबरा भी सकते हैं. लेकिन अपनी गलतियों पर ध्यान देने की कोशिश करें और फिर, उन गलतियों को  सुधारने का पूरा-पूरा प्रयास करें. अपनी ऑडियंस  से उनकी ईमानदार प्रतिक्रिया मांगें और अपने दोस्तों और परिवार की तारीफ को उस समय नज़रंदाज़ कर दें, जब आपको साफ तौर पर यह पता हो कि आप बोलते बक्त काफी नर्वस थे क्योंकि अभी आपको काफी प्रैक्टिस करने की जरूरत है. आप शीशे के सामने खड़े हो कर भी अकेले बोलने की खूब प्रैक्टिस कर सकते हैं. यह विशेष रूप से उस स्थिति में बहुत कारगर साबित होगा जब आपको पता हो कि आपकी प्रेजेंटेशन में शारीरिक हाव-भाव और कम्युनिकेशन के अन्य गैर-मौखिक रूपों का ज्यादा इस्तेमाल होगा. लेकिन आप हमेशा याद रखें कि पब्लिक स्पीकिंग एक सीखने योग्य कौशल है और कोई भी व्यक्ति पूरी निष्ठा के साथ काफी प्रैक्टिस करके पब्लिक स्पीकिंग में माहिर हो सकता है. यदि आपको अपने पेशे या रूचि के अनुसार पब्लिक स्पीकिंग स्किल में माहिर होने की आवश्यकता महसूस होती है तो आप पब्लिक स्पीकिंग स्किल के लिए कोचिंग क्लासेज भी ले सकते हैं. इन दिनों पब्लिक स्पीकिंग स्किल के लिए सैकड़ों क्लासेज आयोजित की जाती हैं.

अपने स्पीकिंग सेशन को अधिक इंटरैक्टिव बनाएं

हम सब अक्सर स्टेज पर बोलने के लिए नोट्स, पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन, भाषण और अन्य लिखित सामग्री तैयार करते हैं. लेकिन आपके लिए यह याद रखना बहुत महत्वपूर्ण है कि ये सब नोट्स आदि  केवल आपके संदर्भ या कुछ फैक्ट्स पेश करने में आपको मदद देने के लिए ही हैं. लेकिन आप इन नोट्स को किसी भावना या अभिव्यक्ति के बिना केवल स्टेज पर खड़े होकर पढ़ दें तो आपको ऐसा करने पर कोई लाभ नहीं मिलेगा और लोग भी आपका भाषण सुनकर काफी बोर होने लगेंगे. इसलिये, अपनी ऑडियंस के साथ जुड़ने की कोशिश करें और व्यक्तिगत अनुभव से उदाहरण देकर अपनी बात कहें. आप  अपने स्पीकिंग सेशन को अधिक इंटरैक्टिव बनाएं. अपने विषय के बारे में पूरे जोश और समझदारी के साथ अपने विचार ऑडियंस के सामने पेश करें.  इससे आपकी ऑडियंस में रुचि पैदा होगी और वे आपको काफी ध्यान से सुनेंगे.

ऑडियंस की प्रतिक्रियाओं की परवाह न करें

अगर आप बोलते समय पहली कतार में किसी ऐसे व्यक्ति को देखें, जो आपको थका हुआ, उदासीन और उबासियां लेता हुआ नजर आये; तो भी आप इससे बिलकुल प्रभावित न हों. बस हम आपसे यही कहना चाहते हैं कि आप बोलते समय अपनी ऑडियंस की प्रतिक्रियाओं पर ज्यादा ध्यान न दें. खासकर उस वक्त, जब आपको लोगों के बीच बोलते समय सैकड़ों लोगों की भीड़ में कुछ उदासीन लोग दिखाई दें. इसे पूरी तरह नज़रंदाज़ करें और अपनी बात बोलना जारी रखें क्योंकि ऐसा हो सकता है कि आपके संवाद या भाषण में कोई दिलचस्पी नहीं रखने वाले दर्शक केवल किसी मजबूरी वश आपके स्पीकिंग सेशन में उपस्थित हों लेकिन उनकी उस विषय में कोई रूचि न हो जिस पर आप अपने विचार पेश कर रहे हैं. इसलिए, किसी व्यक्ति में आपका संबोधन सुनने में रुचि की कमी को अपने खराब प्रदर्शन पर उनकी प्रतिक्रिया कभी न मानें. हालांकि, यह तर्क तब तक ही ठीक है जब तक कि आप ऐसा माहौल न पायें, जिसमें दिलचस्पी से सुनने वाले लोगों की तुलना में उन लोगों की संख्या काफी ज्यादा हो जो आपकी बातों पर बिलकुल ध्यान नहीं दे रहे हैं या फिर, शोर मचा रहे हैं.

अच्छी शुरुआत से मिलेगी सफलता

बोलते वक्त एक अच्छी शुरुआत आपके दर्शकों पर आपकी अच्छी छाप छोड़ने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. आपके लिए प्रेजेंटेशन के पहले कुछ मिनट काफी महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि जिज्ञासावश लगभग हर किसी व्यक्ति को शुरू में कुछ भी सुनने में रुचि होती है. इसलिए, यदि आप शुरु के कुछ मिनटों के दौरान लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर लेते हैं तो फिर लोग काफी देर तक आपको पूरे ध्यान से सुनेंगे. लेकिन अगर आप बोलते वक्त एक खराब शुरुआत करते हैं तो फिर लोगों में दिलचस्पी पैदा करना आपके लिए बेहद मुश्किल काम साबित होगा. इसलिये, अपने सेशन की शुरुआत रोचक और इंटरैक्टिव रखने का प्रयास करें. हालांकि, दिखावा करने की कोशिश बिलकुल न करें क्योंकि इसके बहुत खराब नतीजे निकलेंगे. लोगों का ध्यान आकर्षित करने के सबसे बढ़िया तरीका यह है कि बोलते समय लोगों को सरप्राइज दें या फिर, उन्हें हंसायें. इसलिए, आप बोलना शुरू करते ही कोई  उत्तेजक प्रश्न पूछें, अपनी ऑडियंस को कोई खास बात बताएं या जोक सुनाकर अपना भाषण शुरू करने की कोशिश करें.

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अपनी ऑडियंस को समझें

हरेक ऑडियंस अपने में विशेष होती है और आप संभवतः अपने सभी ऑडियंसिस को नहीं समझ सकते हैं. लेकिन आप निश्चित रूप से अपनी सभी ऑडियंसिस के बारे में एक सामान्य समझ तो रख ही सकते हैं. उदाहरण के लिए, 18 -19 वर्ष के कॉलेज के छात्रों से कामकाजी पेशेवर दर्शक बहुत अलग होते हैं. इसलिए, यह आपके लिये काफी महत्वपूर्ण है कि आप अपनी ऑडियंस को समझें और यह भी अच्छी तरह से जान लें कि आप कैसे अपनी ऑडियंस के साथ बेहतर ढंग से बातचीत कर सकते हैं? इससे आपको यह समझने में भी सहायता मिलेगी कि ऑडियंस आपके सेशन से क्या सीखना या जानकारी प्राप्त करना चाहती है? उनकी क्या जरूरतें और अपेक्षाएं हैं तथा आप उन्हें कैसे पूरा कर सकते हैं? असल में, आपके दर्शकों के पास आपको सुनने की कोई वजह होनी चाहिए कि आप क्या कह रहे हैं ?  इसका सबसे बेहतर तरीका तो एक ही है और वह यह है कि आप अपनी ऑडियंस को अच्छी तरह से समझकर ही उन्हें संबोधित करें, केवल तभी आप एक कुशल वक्ता बन सकते हैं.

सारांश

आजकल पब्लिक स्पीकिंग कोई ऐसा काम नहीं है, जिससे आप बचकर दूर भाग सकते हैं. आज या कल आप ऑडियंस के साथ बात करने के लिए मजबूर हो जाएंगे जब आपको कोई जरुरी प्रेजेंटेशन देनी होगी या शायद अपनी किसी टीम मीटिंग के दौरान यह स्थिति आपके सामने आ सकती है. इसलिए, इस समस्या से बचने की कोशिश करने के बजाय, इसका सामना करें और अपने पब्लिक स्पीकिंग फोबिय को समाप्त करें. असल में, पब्लिक स्पीकिंग एक ऐसा कौशल है जिसे आसानी से खूब प्रैक्टिस करके  सीखा जा सकता है. यदि आप अपने करियर में सफलता हासिल करना चाहते हैं तो आप जितनी जल्दी हो सके इस स्किल में महारत हासिल करने का प्रयास करें. जितना टॉप पर आप कॉरपोरेट जगत में कार्य करेंगे, उतना ज्यादा आपको अच्छे पब्लिक स्पीकिंग स्किल की आवश्यकता होगी. हमें उम्मीद है कि यह आर्टिकल आपको अपना संचार कौशल बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा.कॉलेज स्टूडेंट्स और कॉलेज लाइफ से संबंधित ऐसे और अधिक आर्टिकल पढ़ने के लिए www.jagranjosh.com/college पर विजिट करें. इसके अलावा, आप नीचे दिए गए बॉक्स में अपना ईमेल-आईडी सबमिट करके भी ये आर्टिकल सीधे अपने इनबॉक्स में प्राप्त कर सकते हैं.

 

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