भारत में केपीओ और बीपीओ में करियर स्कोप: पढ़ें यहां सारी जानकारी   

केपीओ या नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग में आप एनालिटिक्स और रिसर्च सेक्टर्स से संबद्ध विभिन्न जॉब्स ज्वाइन कर सकते हैं. केपीओ में जॉब्स ज्वाइन करने के लिए जॉब सीकर्स के पास एडवांस्ड एनालिटिकल और टेक्निकल स्किल्स जरुर होने चाहिए.

Sep 28, 2020 18:30 IST
KPO Vs BPO: Soft Career Options
KPO Vs BPO: Soft Career Options

आजकल भारत में भी यंग स्टूडेंट्स हाई स्कूल पास करने के बाद अक्सर अपने इंटरेस्ट और टैलेंट के मुताबिक कोई जॉब ज्वाइन करना चाहते हैं. अब इंडियन यंग स्टर्स जॉब के साथ ही अक्सर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करते हैं ताकि डिग्री मिलने तक अपनी करियर फील्ड का अच्छा-खासा वर्क एक्सपीरियंस भी उनके रिज्यूम में शामिल हो जाए. ऐसे में, इन दिनों किसी केपीओ या बीपीओ में जॉब्स करना इंडियन यंगस्टर्स अक्सर पसंद करते हैं.  इसलिए इस आर्टिकल में हम आपके लिए भारत में केपीओ और बीपीओ में उपलब्ध विभिन्न जॉब्स और करियर स्कोप के बारे में सारी जरुरी जानकारी पेश कर रहे हैं. भारत में केपीओ और बीपीओ में जॉब्स और करियर के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए आइये इस आर्टिकल को आगे ध्यान से पढ़ें:

केपीओ के बारे में यहां पढ़ें

केपीओ अर्थात नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग की फील्ड में आपका करियर एनालिटिक्स और रिसर्च सेक्टर्स से संबद्ध होता है. इस फील्ड में विकास के कई अवसर मौजूद हैं. केपीओ में करियर जॉब्स के लिए एडवांस्ड एनालिटिकल और टेक्निकल स्किल्स की जरूरत होती है. केपीओ में अनिवार्य रूप से उच्च स्तर की बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग शामिल होती है लेकिन इसमें केवल कोर, बिजनेस से समद्ध एक्टिविटीज को ही शामिल किया जाता है. किसी केपीओ में किया जाने वाला काम संबद्ध कंपनी की वैल्यू चेन का अभिन्न हिस्सा होता है. आसान शब्दों में, किसी अमुक कंपनी का नॉलेज और इनफॉर्मेशन से संबद्ध कार्य किसी अन्य कंपनी के वर्क्स द्वारा किया जाता है. अमुक कंपनी की सहायक कंपनी भी यह नॉलेज और इनफॉर्मेशन से संबद्ध काम कर सकती है.

किसी केपीओ में काम करने की सबसे खास बात तो यह है कि, हाईली क्वालिफाइड लोग ही केपीओ में जॉब करने के काबिल होते हैं क्योंकि किसी केपीओ में काम करने के लिए आपको स्पेशलाइज्ड नॉलेज की जरूरत होती है. इसलिए, टीचर्स, इंजिनियर्स, एमबीए डिग्री होल्डर्स, जर्नलिस्ट्स या फाइनेंशियल बैकग्राउंड वाले व्यक्ति ही किसी केपीओ में काम कर सकते हैं.

बीपीओ के बारे में यहां पढ़ें

बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) ऐसी फील्ड है जिसने लाखों लोगों को जॉब्स दी हैं. इस फील्ड का भविष्य काफी उज्ज्वल है. एक बीपीओ कंपनी में थर्ड-पार्टी प्रोवाइडर के लिए नॉन-प्राइमरी बिजनेस एक्टिविटीज की जाती हैं. प्रमुख बीपीओ सर्विसेज में पे-रोल, ह्यूमन रिसोर्स (एचआर), एकाउंटिंग और कस्टमर/ काल सेंटर रिलेशन्स आदि को शामिल किया जा सकता है. बीपीओ का एक नाम इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एनेबल्ड सर्विसेज (आईटीईएस) भी है.

किसी मान्यताप्राप्त बोर्ड से 12वीं पास करके स्टूडेंट्स इस फील्ड में अपना शानदार करियर बना सकते हैं. लॉन्ग टर्म में बीपीओ इंडस्ट्री में और अधिक जॉब्स मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रमुख 7 मेट्रो सिटीज के अलावा, 50 ऐसे शहर हैं जो कुछ समय के बाद आईटी-बीपीओ के फ्यूचर हब बन सकते हैं. आईटी-बीपीओ के नए केंद्रों में भारत के रायपुर, जयपुर, लखनऊ, नागपुर, गोवा, सूरत, शिमला, वाराणसी, अहमदाबाद, इलाहाबाद, पटना, लुधियाना, रांची, श्रीनगर आदि शहर शामिल हैं.

केपीओ और बीपीओ में जॉब्स की संभावनाएं

सभी कारोबारों में काम करने वाले पेशेवरों के लिए अपने कंप्यूटर और कम्युनिकेशन स्किल्स को निखारने के लिए केपीओ और/ या बीपीओ जॉब्स एक बहुत बढ़िया माध्यम हैं. किसी केपीओ/ बीपीओ में कुछ समय तक जॉब करने पर, अवश्य ही आपको अपनी करियर/ जॉब फील्ड में बहुत हेल्प मिलती है.

भारत में केपीओ और बीपीओ में उपलब्ध हैं ये करियर ऑप्शन्स

आजकल पूरे विश्व में टेक्नोलॉजी के निरंतर विकास के साथ-साथ आउटसोर्सिंग मार्केट में भी काफी विकास हो रहा है. अब हमारे देश और कई अन्य देशों में हजारों-लाखों कैंडिडेट्स विभिन्न केपीओ/ बीपीओ कंपनियों में काम कर रहे हैं. किसी केपीओ या बीपीओ कंपनी में काम करते हुए कैंडिडेट्स  अपने स्किल्स में लगातार इम्प्रूवमेंट कर सकते हैं और ज्यादा पॉजिटिव, प्रोडक्टिव और क्रिएटिव बन सकते हैं. असल में किसी केपीओ या बीपीओ में काम करने वाले कैंडिडेट्स को विभिन्न लोगों से कई मुद्दों पर रोज़ाना कार्य-व्यवहार करना पड़ता है और फिर, ये पेशेवर विभिन्न इश्यूज को सुलझाने के स्किल्स में माहिर हो जाते हैं.

केपीओ/ बीपीओ जॉब्स के लिए एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स

विभिन्न केपीओ जॉब्स के लिए कैंडिडेट्स अपनी स्पेशलाइज्ड फ़ील्ड्स में अप्लाई कर सकते हैं इसलिए, एकेडेमिक क्वालिफिकेशन के तौर पर ग्रेजुएशन/ पोस्टग्रेजुएशन/ पीएचडी की डिग्री के साश-साथ संबद्ध फील्ड में पेशेवर डिग्री/ डिप्लोमा/ सर्टिफिकेट कैंडिडेट के पास हो. किसी केपीओ में जॉब करने के लिए कैंडिडेट्स के पास एडवांस्ड एनालिटिकल और टेक्निकल स्किल्स होने के साथ अपनी वर्क फील्ड में महारत होनी चाहिए.

इसी तरह, बीपीओ में अपना करियर शुरू करने के लिए 12वीं पास होने के साथ कैंडिडेट्स के पास बढ़िया कम्युनिकेशन स्किल हो. इंटरनेशनल लेवल पर इस फील्ड में सफलता के लिए सबसे जरूरी है – फ़्लूएंट इंग्लिश स्पीकिंग स्किल.  कई इंस्टीट्यूट दो से तीन महीने का ट्रेनिंग प्रोग्राम भी कंडक्ट करते हैं.  वैसे हिंदी बोलने वालों के लिए भी डोमेस्टिक कॉल सेंटर्स में करियर के अच्छे अवसर हैं.

केपीओ/ बीपीओ जॉब्स के लिए एज लिमिट की जानकारी

भारत में किसी केपीओ में अक्सर स्पेशलाइज्ड पेशेवर ही जॉब करने के काबिल होते हैं इसलिए, आमतौर पर डिग्री होल्डर्स और हाईली क्वालिफाइड लोग ही अपना करियर शुरू करने के कुछ समय बाद केपीओ जॉब्स के लिए अप्लाई करते हैं. टैलेंटेड पेशेवरों के लिए विशेष परिस्थितियों में, किसी केपीओ में अप्लाई करने की कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है.

इसी तरह, किसी बीपीओ में जॉब करने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है और अधिकतम 58 – 60 वर्ष तक भी कोई व्यक्ति किसी बीपीओ कंपनी में जॉब ज्वाइन कर सकता है.

केपीओ/ बीपीओ जॉब इंटरव्यू में पूछे जा सकते हैं आपसे ये कॉमन प्रश्न

  • मुझे अपने बारे में कुछ बताइये?
  • केपीओ के वर्क स्टाइल के बारे में आप क्या जानते हैं?
  • बीपीओ क्या है और यह कैसे काम करता है?
  • क्या आप नाईट-शिफ्ट में काम कर सकते हैं?
  • ऑफशोर आउटसोर्सिंग क्या है?
  • इनबाउंड और आउटबाउंड कॉल सेंटर्स के बीच क्या अंतर है?
  • अगले 5 वर्ष में आप खुद को कहां देखते हैं?
  • आप केपीओ में काम क्यों करना चाहते हैं?
  • केपीओ में आप अपनी स्पेशलाइज्ड फील्ड में क्या प्रमुख योगदान दे सकते हैं?
  • आपको क्यों लगता है कि बीपीओ आपके लिए एक सही करियर ऑप्शन है?
  • फ़ोन पर कस्टमर्स को अपनी बात समझाना आपके लिए मुश्किल काम तो नहीं है?

केपीओ और बीपीओ में जॉब करने के लिए जरुरी वर्किंग स्किल्स

  • बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स.
  • फुल नॉलेज ऑफ़ वर्क फील्ड और कस्टमर्स’ क्वेरीज.
  • अपनी फील्ड की व्यापक जानकारी होनी चाहिए.
  • बातचीत का अंदाज़ दोस्ताना हो.
  • प्रेशर में शांतिपूर्वक काम करते रहने की क्षमता.
  • काम में स्पीड और एक्यूरेसी होनी चाहिए.
  • अपने जॉब प्रोफाइल के संबंध में पॉजिटिव रवैया होना चाहिए.

केपीओ/ बीपीओ में जॉब ज्वाइन करने के प्रमुख लाभ

आजकल के अत्यधिक कॉम्पीटीटिव बिजनेस परिवेश और कॉर्पोरेट वर्ल्ड में तकरीबन सभी कंपनियां विभिन्न केपीओ और बीपीओ सर्विसेज लेती हैं जिनसे उन कंपनियों को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:

  • संबद्ध कंपनी/ कंपनियों की प्रोडक्टिविटी में सुधार होता है.
  • रिसोर्सेज का अधिकतम उपयुक्त इस्तेमाल किया जाता है.
  • संबद्ध कंपनी/ कंपनियों की लागत में कमी आती है.
  • ह्यूमन रिसोर्सेज में सुधार आता है.
  • संबद्ध कंपनी/ कंपनियों के कोर बिजनेस एरियाज पर पूरा फोकस रहता है.
  • कस्टमर्स की सदा बदलती मागों को संतोषजनक तरीके से पूरा किया जाता है.
  • कम लागत पर बेहतरीन टेक्नोलॉजी उपलब्ध होती है.

केपीओ और बीपीओ जॉब्स में विशेष अंतर

वैसे तो नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग (केपीओ) और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) में प्रमुख रूप से आउटसोर्सिंग का काम ही किया जाता है लेकिन केपीओ वास्तव में बीपीओ का सबसेट है अर्थात जहां एक तरफ किसी बीपीओ कंपनी में थर्ड-पार्टी प्रोवाइडर के लिए नॉन-प्राइमरी बिजनेस एक्टिविटीज की जाती हैं. प्रमुख बीपीओ सर्विसेज में पे-रोल, ह्यूमन रिसोर्स (एचआर), एकाउंटिंग और कस्टमर/ काल सेंटर रिलेशन्स आदि को शामिल किया जा सकता है.

वहीं किसी केपीओ में कोर फंक्शन्स की आउटसोर्सिंग शामिल है अर्थात किसी केपीओ कंपनी के काम से भले ही संबद्ध मुख्य कंपनी को कोई आर्थिक लाभ न मिले लेकिन निश्चित तौर पर संबद्ध मूल कंपनी के नॉलेज सेगमेंट में वैल्यू एडिशन होता है.

विभिन्न बीपीओज की तुलना में केपीओज में आउटसोर्स की जाने वाली प्रोसेसेज आमतौर पर ज्यादा स्पेशलाइज्ड और नॉलेज बेस्ड होती हैं.

भारत में केपीओ और बीपीओ में सैलरी पैकेज

भारत में किसी केपीओ में एवरेज मासिक सैलरी के तौर पर किसी बेक ऑफिस एग्जीक्यूटिव को लगभग रु.15000/- प्रति माह सैलरी मिलने से लेकर किसी मैनेजर को रु.25000/- प्रति माह सैलरी मिलती है. इसी तरह, किसी एनालिस्ट को रु.1,20,000/- सालाना मिलते हैं और किसी ऑपरेशनल मैनेजर को रु.5,32,783/- सालाना मिलते हैं.

भारत में कस्टमर सर्विस एग्जीक्यूटिव एवरेज रु.202,379/- प्रति वर्ष कमाता है. इस जॉब में आपके बढ़ते हुए कार्य अनुभव के साथ सैलरी पैकेज भी बढ़ता जाता है. आमतौर पर इंटरनेशनल लेवल पर कोई बीपीओ कंपनी अपने एम्पलॉईज को एवरेज $73,469 प्रति वर्ष देती है.

जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडेमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

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भूमिका

 

आजकल हमारे देश में भी यंगस्टर्स अपना हाई स्कूल पास करने के बाद अक्सर अपने इंटरेस्ट और टैलेंट के मुताबिक कोई जॉब करना चाहते हैं. आज की युवा पीढ़ी जॉब के साथ-साथ ही अक्सर अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करती है ताकि डिग्री मिलने तक अच्छा-खासा वर्क एक्सपीरियंस भी रिज्यूम में शामिल हो जाए. ऐसे में किसी केपीओ या बीपीओ में जॉब्स करना यंगस्टर्स अक्सर पसंद करते हैं.

 

केपीओ क्या है?

 

केपीओ अर्थात नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग की फील्ड में आपका करियर एनालिटिक्स और रिसर्च सेक्टर्स से संबद्ध होता है. इस फील्ड में विकास के कई अवसर मौजूद हैं. केपीओ में करियर जॉब्स के लिए एडवांस्ड एनालिटिकल और टेक्निकल स्किल्स की जरूरत होती है. केपीओ में अनिवार्य रूप से उच्च स्तर की बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग शामिल होती है लेकिन इसमें केवल कोर, बिजनेस से समद्ध एक्टिविटीज को ही शामिल किया जाता है. किसी केपीओ में किया जाने वाला काम संबद्ध कंपनी की वैल्यू चेन का अभिन्न हिस्सा होता है. आसान शब्दों में, किसी अमुक कंपनी का नॉलेज और इनफॉर्मेशन से संबद्ध कार्य किसी अन्य कंपनी के वर्क्स द्वारा किया जाता है. अमुक कंपनी की सहायक कंपनी भी यह नॉलेज और इनफॉर्मेशन से संबद्ध काम कर सकती है.

किसी केपीओ में काम करने की सबसे खास बात तो यह है कि, हाईली क्वालिफाइड लोग ही केपीओ में जॉब करने के काबिल होते हैं क्योंकि किसी केपीओ में काम करने के लिए आपको स्पेशलाइज्ड नॉलेज की जरूरत होती है. इसलिए, टीचर्स, इंजिनियर्स, एमबीए डिग्री होल्डर्स, जर्नलिस्ट्स या फाइनेंशियल बैकग्राउंड वाले व्यक्ति ही किसी केपीओ में काम कर सकते हैं.

बीपीओ क्या है?

 

बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) ऐसी फील्ड है जिसने लाखों लोगों को जॉब्स दी हैं. इस फील्ड का भविष्य काफी उज्ज्वल है. एक बीपीओ कंपनी में थर्ड-पार्टी प्रोवाइडर के लिए नॉन-प्राइमरी बिजनेस एक्टिविटीज की जाती हैं. प्रमुख बीपीओ सर्विसेज में पे-रोल, ह्यूमन रिसोर्स (एचआर), एकाउंटिंग और कस्टमर/ काल सेंटर रिलेशन्स आदि को शामिल किया जा सकता है. बीपीओ का एक नाम इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एनेबल्ड सर्विसेज (आईटीईएस) भी है.

 

किसी मान्यताप्राप्त बोर्ड से 12वीं पास करके स्टूडेंट्स इस फील्ड में अपना शानदार करियर बना सकते हैं. लॉन्ग टर्म में बीपीओ इंडस्ट्री में और अधिक जॉब्स मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रमुख 7 मेट्रो सिटीज के अलावा, 50 ऐसे शहर हैं जो कुछ समय के बाद आईटी-बीपीओ के फ्यूचर हब बन सकते हैं. आईटी-बीपीओ के नए केंद्रों में भारत के रायपुर, जयपुर, लखनऊ, नागपुर, गोवा, सूरत, शिमला, वाराणसी, अहमदाबाद, इलाहाबाद, पटना, लुधियाना, रांची, श्रीनगर आदि शहर शामिल हैं.   

 

केपीओ और/ या बीपीओ जॉब्स की भावी संभावनाएं

 

सभी कारोबारों में काम करने वाले पेशेवरों के लिए अपने कंप्यूटर और कम्युनिकेशन स्किल्स को निखारने के लिए केपीओ और/ या बीपीओ जॉब्स एक बहुत बढ़िया माध्यम हैं. किसी केपीओ/ बीपीओ में कुछ समय तक जॉब करने पर, अवश्य ही आपको अपनी करियर/ जॉब फील्ड में बहुत हेल्प मिलती है.  

 

केपीओ या बीपीओ जॉब्स में करियर ऑप्शन्स

 

आजकल पूरे विश्व में टेक्नोलॉजी के निरंतर विकास के साथ-साथ आउटसोर्सिंग मार्केट में भी काफी विकास हो रहा है. अब हमारे देश और कई अन्य देशों में हजारों-लाखों कैंडिडेट्स विभिन्न केपीओ/ बीपीओ कंपनियों में काम कर रहे हैं. किसी केपीओ या बीपीओ कंपनी में काम करते हुए कैंडिडेट्स  अपने स्किल्स में लगातार इम्प्रूवमेंट कर सकते हैं और ज्यादा पॉजिटिव, प्रोडक्टिव और क्रिएटिव बन सकते हैं. असल में किसी केपीओ या बीपीओ में काम करने वाले कैंडिडेट्स को विभिन्न लोगों से कई मुद्दों पर रोज़ाना कार्य-व्यवहार करना पड़ता है और फिर, ये पेशेवर विभिन्न इश्यूज को सुलझाने के स्किल्स में माहिर हो जाते हैं.

 

केपीओ/ बीपीओ जॉब्स के लिए जरुरी क्वालिफिकेशन्स

 

विभिन्न केपीओ जॉब्स के लिए कैंडिडेट्स अपनी स्पेशलाइज्ड फ़ील्ड्स में अप्लाई कर सकते हैं इसलिए, एकेडेमिक क्वालिफिकेशन के तौर पर ग्रेजुएशन/ पोस्टग्रेजुएशन/ पीएचडी की डिग्री के साश-साथ संबद्ध फील्ड में पेशेवर डिग्री/ डिप्लोमा/ सर्टिफिकेट कैंडिडेट के पास हो. किसी केपीओ में जॉब करने के लिए कैंडिडेट्स के पास एडवांस्ड एनालिटिकल और टेक्निकल स्किल्स होने के साथ अपनी वर्क फील्ड में महारत होनी चाहिए.

 

इसी तरह, बीपीओ में अपना करियर शुरू करने के लिए 12वीं पास होने के साथ कैंडिडेट्स के पास बढ़िया कम्युनिकेशन स्किल हो. इंटरनेशनल लेवल पर इस फील्ड में सफलता के लिए सबसे जरूरी है – फ़्लूएंट इंग्लिश स्पीकिंग स्किल.  कई इंस्टीट्यूट दो से तीन महीने का ट्रेनिंग प्रोग्राम भी कंडक्ट करते हैं.  वैसे हिंदी बोलने वालों के लिए भी डोमेस्टिक कॉल सेंटर्स में करियर के अच्छे अवसर हैं.

 

केपीओ/ बीपीओ जॉब्स के लिए क्या एज लिमिट निश्चित है?

 

भारत में किसी केपीओ में अक्सर स्पेशलाइज्ड पेशेवर ही जॉब करने के काबिल होते हैं इसलिए, आमतौर पर डिग्री होल्डर्स और हाईली क्वालिफाइड लोग ही अपना करियर शुरू करने के कुछ समय बाद केपीओ जॉब्स के लिए अप्लाई करते हैं. टैलेंटेड पेशेवरों के लिए विशेष परिस्थितियों में, किसी केपीओ में अप्लाई करने की कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है.

 

इसी तरह, किसी बीपीओ में जॉब करने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है और अधिकतम 5860 वर्ष तक भी कोई व्यक्ति किसी बीपीओ कंपनी में जॉब ज्वाइन कर सकता है.

 

किसी केपीओ/ बीपीओ जॉब इंटरव्यू में पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण कॉमन प्रश्न:

 

·         मुझे अपने बारे में कुछ बताइये?

·         केपीओ के वर्क स्टाइल के बारे में आप क्या जानते हैं?

·         बीपीओ क्या है और यह कैसे काम करता है?

·         क्या आप नाईट-शिफ्ट में काम कर सकते हैं?

·         ऑफशोर आउटसोर्सिंग क्या है?

·         इनबाउंड और आउटबाउंड कॉल सेंटर्स के बीच क्या अंतर है?

·         अगले 5 वर्ष में आप खुद को कहां देखते हैं?

·         आप केपीओ में काम क्यों करना चाहते हैं?

·         केपीओ में आप अपनी स्पेशलाइज्ड फील्ड में क्या प्रमुख योगदान दे सकते हैं?

·         आपको क्यों लगता है कि बीपीओ आपके लिए एक सही करियर ऑप्शन है?

·         फ़ोन पर कस्टमर्स को अपनी बात समझाना आपके लिए मुश्किल काम तो नहीं है?

 

किसी केपीओ और बीपीओ जॉब्स के लिए जरुरी कुछ कॉमन स्किल्स

 

·         बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स.

·         फुल नॉलेज ऑफ़ वर्क फील्ड और कस्टमर्सक्वेरीज.

·         अपनी फील्ड की व्यापक जानकारी होनी चाहिए.

·         बातचीत का अंदाज़ दोस्ताना हो.

·         प्रेशर में शांतिपूर्वक काम करते रहने की क्षमता.

·         काम में स्पीड और एक्यूरेसी होनी चाहिए.

·         अपने जॉब प्रोफाइल के संबंध में पॉजिटिव रवैया होना चाहिए.

 

केपीओ और बीपीओ से मिलने वाले प्रमुख कॉमन बेनिफिट्स

 

आजकल के अत्यधिक कॉम्पीटीटिव बिजनेस परिवेश और कॉर्पोरेट वर्ल्ड में तकरीबन सभी कंपनियां विभिन्न केपीओ और बीपीओ सर्विसेज लेती हैं जिनसे उन कंपनियों को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:

 

·         संबद्ध कंपनी/ कंपनियों की प्रोडक्टिविटी में सुधार होता है.

·         रिसोर्सेज का अधिकतम उपयुक्त इस्तेमाल किया जाता है.

·         संबद्ध कंपनी/ कंपनियों की लागत में कमी आती है.

·         ह्यूमन रिसोर्सेज में सुधार आता है.

·         संबद्ध कंपनी/ कंपनियों के कोर बिजनेस एरियाज पर पूरा फोकस रहता है.

·         कस्टमर्स की सदा बदलती मागों को संतोषजनक तरीके से पूरा किया जाता है.

·         कम लागत पर बेहतरीन टेक्नोलॉजी उपलब्ध होती है.

 

केपीओ बनाम बीपीओ: प्रमुख अंतर

 

वैसे तो नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग (केपीओ) और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) में प्रमुख रूप से आउटसोर्सिंग का काम ही किया जाता है लेकिन केपीओ वास्तव में बीपीओ का सबसेट है अर्थात जहां एक तरफ किसी बीपीओ कंपनी में थर्ड-पार्टी प्रोवाइडर के लिए नॉन-प्राइमरी बिजनेस एक्टिविटीज की जाती हैं. प्रमुख बीपीओ सर्विसेज में पे-रोल, ह्यूमन रिसोर्स (एचआर), एकाउंटिंग और कस्टमर/ काल सेंटर रिलेशन्स आदि को शामिल किया जा सकता है.

 

वहीं किसी केपीओ में कोर फंक्शन्स की आउटसोर्सिंग शामिल है अर्थात किसी केपीओ कंपनी के काम से भले ही संबद्ध मुख्य कंपनी को कोई आर्थिक लाभ न मिले लेकिन निश्चित तौर पर संबद्ध मूल कंपनी के नॉलेज सेगमेंट में वैल्यू एडिशन होता है.

 

विभिन्न बीपीओज की तुलना में केपीओज में आउटसोर्स की जाने वाली प्रोसेसेज आमतौर पर ज्यादा स्पेशलाइज्ड और नॉलेज बेस्ड होती हैं.

 

भारत में केपीओ और बीपीओ में मिलने वाला सैलरी पैकेज

 

भारत में किसी केपीओ में एवरेज मासिक सैलरी के तौर पर किसी बेक ऑफिस एग्जीक्यूटिव को लगभग रु.15000/- प्रति माह सैलरी मिलने से लेकर किसी मैनेजर को रु.25000/- प्रति माह सैलरी मिलती है. इसी तरह, किसी एनालिस्ट को रु.1,20,000/- सालाना मिलते हैं और किसी ऑपरेशनल मैनेजर को रु.5,32,783/- सालाना मिलते हैं.

 

भारत में कस्टमर सर्विस एग्जीक्यूटिव एवरेज रु.202,379/- प्रति वर्ष कमाता है. इस जॉब में आपके बढ़ते हुए कार्य अनुभव के साथ सैलरी पैकेज भी बढ़ता जाता है. आमतौर पर इंटरनेशनल लेवल पर कोई बीपीओ कंपनी अपने एम्पलॉईज को एवरेज $73,469 प्रति वर्ष देती है.

 

जॉब, करियर और कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.