UP PCS Exam में कौन सी रैंक लाने पर बनते हैं SDM, DSP और BDO ऑफिसर? विस्तार सें जानें
UP PCS एग्जाम की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को पता होना चाहिए कि किस रैंक पर कौन सा पद मिलता है। यूपी पीसीएस परीक्षा के माध्यम से विभिन्न पदों पर भर्ती की जाती है।आज इस लेख में हम जानेंगे कि एसडीएम, डीएसपी और बीडीओ का पद किस रैंक पर मिलता है। ये पद केवल उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित हैं और अन्य राज्यों में इन पदों को अन्य नामों से भी जाना जाता है।
भारत में प्रत्येक राज्य विभिन्न राज्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए पीसीएस परीक्षा (PCS Exam) आयोजित करता है जिसके तहत चयनित अधिकारियों को उनकी रैंक के आधार पर एसडीएम, डीएसपी और बीडीओ आदि जैसे पद आवंटित किए जाते हैं। ये पद केवल परीक्षा में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर दिए जाते हैं। हर राज्य में विभिन्न पदों के लिए पीसीएस परीक्षा (PCS Exam) आयोजित कर अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है। इस लेख में, हमने उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा आयोजित यूपी पीसीएस परीक्षा (UP PCS Exam) के माध्यम से विभिन्न पदों पर भर्ती के बारे में विस्तार से बताया है। ये पद केवल उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित हैं और अन्य राज्यों में इन पदों को अन्य नामों से भी जाना जाता है। तो आइए जानते हैं कि यूपी पीसीएस परीक्षा पास करने के बाद किन पदों के लिए उम्मीदवार का चयन किया जा सकता है।
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उप प्रभागीय न्यायाधीश (SDM)
किसी भी जिले में, जहां सबसे शक्तिशाली डीएम होता है और उसके पास सभी अधिकार होते हैं, वही पावर डिवीजन लेवल के अनुसार एसडीएम के पास भी अधिकार होते हैं। जिसे अनुविभागीय दंडाधिकारी (Sub Divisional Magistrate) कहते हैं। SDM का पद बहुत ही जिम्मेदारी का होता है।
यदि उम्मीदवार राज्य पीसीएस परीक्षा में मेरिट में अच्छे अंक प्राप्त करते हैं तो उन्हें एसडीएम का पद मिलता है। आमतौर पर मेरिट लिस्ट में 1 से 20 रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को एसडीएम के पद पर नियुक्त किया जाता है। हालांकि यह उस साल की वैकेंसी पर भी निर्भर करता है। राज्य प्रशासनिक सेवा में एसडीएम का पद सबसे ऊंचा होता है। एसडीएम उप जिला अधिकारी यानी (सब डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट) होता है। राज्य सेवा आयोग के अंतर्गत आने वाला यह पद भी डीएम के समान होता है। एसडीएम का पद जिम्मेदारी से भरा होता है। इस पद पर कार्य करने का कोई निश्चित समय नहीं है क्योंकि अधिकारी को हर समय ड्यूटी के लिए तैयार रहना होता है।
पुलिस उपाधीक्षक (DSP)
SDM के बाद DSP दूसरा सबसे लोकप्रिय पद है। लेकिन इस पद पर चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को न केवल पीसीएस परीक्षा पास करनी होती है बल्कि उम्मीदवारों को कुछ शारीरिक योग्यता मानदंडों को भी पूरा करना होता है। इसमें उम्मीदवार की ऊंचाई, छाती का घेरा आदि शामिल है। इन सभी मापदंडों को सफलतापूर्वक पार करने वाले उम्मीदवारों को डीएसपी के पद के लिए चुना जाता है।
खंड विकास अधिकारी (BDO)
एक खंड विकास अधिकारी (BDO) ब्लॉक समिति का सदस्य होता है। उनकी भूमिका योजनाओं को तैयार करने और धन और आपूर्ति के लिए जिला पंचायत से संपर्क करने की है। इसलिए, एक जिले के सभी बीडीओ भी जिला पंचायत या जिला परिषद का हिस्सा हैं। एसडीएम और डीएसपी के बाद उम्मीदवारों में यह पद सबसे अधिक लोकप्रिय है। यह पद उनके रैंक के आधार पर मेरिट सूची में चयनित उम्मीदवारों के लिए भी उपलब्ध है। 70 से 100 पाने वाले अधिकांश उम्मीदवारों का चयन बीडीओ पद के लिए होता है।
इतना ही नहीं, प्रत्येक राज्य में मौजूदा रिक्तियों और पदों के आधार पर कई अन्य ग्रेड ए और बी पदों पर भी राज्य पीसीएस परीक्षा के माध्यम से नियुक्तियां की जाती हैं। इनमें से कुछ पोस्ट हम आपकी जानकारी के लिए नीचे दे रहे हैं:
- सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (Assistant Regional Transport Officer,)
- सहायक आयुक्त (वाणिज्यिक कर) (Assistant Commissioner,Commercial Tax)
- जिला कमांडेंट होमगार्ड (District Commandant Home Guard)
- कोषागार अधिकारी / लेखा अधिकारी (कोषागार) (Treasury Officer / Accounts Officer (Treasury)
- गन्ना निरीक्षक और सहायक चीनी आयुक्त (Cane Inspector and Assistant Sugar Commissioner) आदि।
Vijay Pratap Singh is an Education and Career Journalist with over 4 years of experience in covering Government Jobs, Sarkari Naukri, Competitive Exams, Recruitment Notifications, Exam Results, Admissions, and Education News. He currently works with Jagran Josh, where he writes extensively on SSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, Railway, Banking, Defence, and other government recruitment examinations.
He holds a Master's degree in Journalism and Mass Communication (MJMC) from Jaipur National University, Jaipur. His expertise includes government job recruitment, exam notifications, eligibility criteria, application processes, admit cards, answer keys, results, career guidance, courses, and employability skills. Through accurate, well-researched, and timely content, he helps students, job seekers, and competitive exam aspirants stay informed and make better academic and career decisions.