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अवसाद: क्या हैं इसके लक्षण और कैसे पायें इस पर काबू?

Feb 6, 2018 14:57 IST
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Depression: Symptoms and Ways to Overcome it
Depression: Symptoms and Ways to Overcome it

अवसाद क्या है?

आजकल विश्व के तकरीबन सभी कॉलेज परिसरों में अवसाद तेजी से एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है क्योंकि, कॉलेज के छात्र बड़ी आसानी से अवसाद का शिकार बन सकते हैं. इसके कई कारण हो सकते हैं जैसेकि आजकल कॉलेज के छात्रों को अध्ययन में बढ़ोतरी, नई जिम्मेदारियों, वित्तीय प्रबंधन आदि कई समस्याओं का सामना एक साथ करना पड़ता है. कभी-कभी किसी अनजान शहर में किसी कॉलेज, हॉस्टल या PG में एक नया जीवन शुरू करना भी इन छात्रों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है जिससे  आमतौर पर उदासी बढ़ती है और तनाव के स्तर में वृद्धि हो जाती है. लेकिन उदासी और तनाव की इस आकस्मिक भावना से अवसाद काफी अलग है. यह बहुत अधिक गंभीर समस्या या रोग है लेकिन एक बार पता चल जाने पर आप अवसाद के इस रोग का चिकित्सकीय उपचार करवा सकते हैं. किसी व्यक्ति के लिए अवसाद एक गंभीर खतरा क्यों है? इसका मूल कारण समझना कठिन है. इसलिए, छात्रों के लिए यह बहुत आवश्यक है कि वे जल्दी से जल्दी इस समस्या का पता लगायें. नीचे अवसाद के कुछ लक्षण पेश किये जा रहे हैं जिनसे आप कभी-कभी होने वाली उदासी और अवसाद के बीच के अंतर को बड़ी आसानी से समझ सकते हैं.

अवसाद के लक्षण:

अवसाद से पीड़ित लोगों में पाये जाने वाले कुछ सामान्य लक्षण निम्नानुसार हैं -

• लंबी अवधि के लिए अवसाद/ उदासी या शून्यता महसूस करना.

• जो चीज़ें या कार्य पहले अच्छे लगते थे, उन चीजों या कार्यों में रुचि की कमी

• नींद न आना या नींद का पैटर्न भंग होना

• अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

• ज्यादातर समय चिंतित रहना या बेचैनी महसूस करना

• अवसाद के गंभीर मामलों में मर जाने या आत्महत्या का विचार या फिर, कभी-कभी आत्महत्या के प्रयास भी शामिल होते हैं

• अनजाने ही वजन घटना या भूख कम लगना

• बिना वजह अपने को सब पर बोझ समझना या गुनाह की भावना

अगर आपको लगता है कि इनमें से कोई एक भी लक्षण आप में है तो आप बिना किसी विलंब के किसी अच्छे डॉक्टर या मनोवैज्ञानिक से सलाह लें. मौजूदा समय में इस समस्या के हानिकारक प्रभावों के बारे में लोग पहले से काफी जागरूक हो गये हैं. इसलिए अब, युवाओं के लिए इस समस्या का समाधान करने के लिए अपनी चुप्पी तोड़ने और इस समस्या का सामना करने के लिए चर्चा करना आसान हो गया है. यहां तक ​​कि अगर आप इस मामले को लेकर किसी डॉक्टर या मनोवैज्ञानिक के पास नहीं जाना चाहते हैं तो भी आपको इस मुद्दे पर किसी ऐसे व्यक्ति से अवश्य बातचीत करनी चाहिए जिस पर आप अपने परिवार के किसी सदस्य की तरह ही भरोसा कर सकते हैं.

अवसाद के उपचार क्या हैं?

अवसाद के उपचार में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम इस समस्या की पहचान करना है. पहचान करने के द्वारा, हमारा अभिप्राय इस समस्या का मूल कारण जानने की कोशिश करना नहीं है क्योंकि अवसाद का सही कारण समझना वास्तव में काफी मुश्किल होता है. लेकिन यह पहचान करना और स्वीकार करना कि आप अवसाद के रोग या समस्या से पीड़ित हैं, अपने आप में ही मुख्य बात है. एक बार इस समस्या की पहचान हो जाने के बाद, आपके लिए किसी व्यक्ति, दोस्त, रिश्तेदार, शिक्षक आदि के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करना बहुत आसान हो जाता है. ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं जब आप किसी ऐसे व्यक्ति से इस मुद्दे पर बात करते हैं जो अवसाद पर काबू पाने में आपकी बहुत मदद कर सकता है. खासकर अवसाद के शुरुआती चरणों में आपको इस मुद्दे पर चर्चा करने से काफी लाभ मिल सकता है. अवसाद की समस्या से पीड़ित होने पर किसी भी व्यक्ति के लिए अन्य लोगों और अपने शुभचिंतकों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करना बहुत ही महत्वपूर्ण है.

हालांकि, जैसे-जैसे यह समस्या बढ़ती है, आपको इसका चिकित्सकीय उपचार करवाना पड़ सकता है. ऐसे समय में किसी अच्छे थेरेपिस्ट का महत्व पता चलता है. थेरेपिस्ट या मनोवैज्ञानिक बातचीत के जरिये भी उपचार को प्रोत्साहित करते हैं. लेकिन जब आप अपने किसी परिवार के सदस्य से बात करते हैं तो इसकी तुलना में उनके तरीके कहीं अधिक प्रभावी और परिणाम उन्मुख होते हैं. इसलिये, यदि आपकी समस्या बढ़ती है तो आपको मनोचिकित्सक के साथ से इस विषय में अवश्य सलाह लेनी चाहिए. लेकिन ऐसा आमतौर पर तब होता है जब अवसाद का रोग आपमें शारीरिक रूप से प्रकट होने लगता है. ऐसा ज्यादातर अवसाद के अत्यंत गंभीर मामलों में होता है या फिर, जिन लोगों ने लंबे समय से अपने अवसाद के रोग का ईलाज न करवाया हो, उन लोगों को किसी अच्छे थेरेपिस्ट की मदद लेनी पड़ती है.

अवसाद से बचने के कुछ अन्य प्रभावी उपचार और तरीके हैं - नियमित रूप से व्यायाम करना, अपने पसंदीदा कार्य करना, प्रकृति के साथ कुछ समय बिताना, अपने आहार और नींद के पैटर्न में सुधार करना, शराब या अन्य ड्रग्स का सेवन न करना और स्वस्थ जीवनशैली.

अवसाद के कुछ सामान्य प्रकार:

दुतरफा अवसाद

यह अवसाद की एक ऐसी स्थिति है, जहां किसी व्यक्ति का मूड कभी सामान्य और कभी असामान्य रूप से 'उन्माद' के रूप बदलता रहता है. उन्माद की ये अवधियां अलग-अलग होती हैं जैसेकि लोगों में हल्के  उन्माद को हाइपोमैनिया के रूप में जाना जाता है और अपने चरम पर पहंचने के साथ ही यह उन्माद  रोगी के जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है. दुतरफा अवसाद से पीड़ित लोग आत्महत्या करने के बारे में काफी सोचते हैं. दुतरफा अवसाद से पीड़ित लोगों में पाए जाने वाले कुछ सामान्य लक्षण-

• थकान, अनिद्रा, और सुस्ती

• बेवजह दर्द, और मानसिक बेचैनी

• निराशा और आत्मसम्मान खो जाना

• चिड़चिड़ापन और चिंता

• अनिर्णय और अव्यवस्था

प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार

आपने शायद 'नैदानिक ​​अवसाद' शब्द के बारे में सुना होगा. जब लोग नैदानिक ​​अवसाद के बारे में बात करते हैं तो वे आम तौर पर 'मेजर डिपरेशनिव डिसऑर्डर (एमडीडी)' का जिक्र करते हैं. प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार के कुछ सामान्य लक्षण निम्नानुसार हैं -

• उदास होना या खराब मूड

• अपनी पसंद के काम करने में मन न लगना

• वजन और नींद के पैटर्न में परिवर्तन

• थकान और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

• अपने को सब पर बोझ समझना या गुनाह की भावना

मौसमी उत्तेजना विकार (एसएडी)

यदि आपको लगता है कि आप सर्दियों के मौसम में अवसाद, नींद और वजन ज्यादा बढ़ने का अनुभव कर रहे हैं लेकिन वसंत के मौसम के दौरान आपको सब ठीक लगता हैं तो यह हो सकता है कि आप अवसाद के मौसमी उत्तेजना विकार से पीड़ित हों. यह आमतौर पर शरीर के सामान्य सर्कैडियन रिदम  में बदलाव के कारण होता है. हमारी आंखों के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश करने वाला प्राकृतिक प्रकाश इस रिदम को प्रभावित करता है. इसलिये, दिन और रात की अवधि में कोई भी बदलाव इस रिदम में गड़बड़ी कर देता है जिससे अनिद्रा, नींद में कमी और अवसाद जैसी समस्यायें बढ़ जाती हैं.

चिकित्सीय उपचार महत्वपूर्ण क्यों है?

अवसाद के लिए चिकित्सा सहायता लेना बहुत महत्वपूर्ण है. इसके लिए यह बहुत जरुरी है कि आप जिस प्रकार के अवसाद से पीड़ित हैं, उसे समझ कर ही अपना ईलाज करवाएं. अवसाद के विभिन्न प्रकार के विकारों के लिए विभिन्न प्रकार की चिकित्सा की आवश्यकता होती है. जितनी जल्दी आप अपनी समस्या की पहचान कर लेते हैं, उतनी ही जल्दी आप इस समस्या को हल कर सकते हैं. हालांकि, अगर आप समय रहते कोई चिकित्सा सहायता प्राप्त नहीं करते हैं या अवसाद की समस्या की पहचान नहीं करते हैं तो लंबे समय तक उपचार न करवाने पर अवसाद आपके जीवन पर अपने जानलेवा प्रभाव डाल देता है.

बहुत से लोग यह बात मानने से डरते हैं कि वे अवसाद से पीड़ित हैं क्योंकि अभी भी हमारे देश में किसी मानसिक बीमारी को एक कलंक के रूप से देखा जाता है. ऐसे भी कई लोग हैं जो इसे किसी बीमारी के रूप में स्वीकार करने से भी मना कर देते हैं. इसी तरह, मरीजों से उनकी अवसाद संबंधी  समस्याओं के बारे में बात करना अक्सर सबसे बड़ी चुनौती होता है. इसलिए, अगर आपको संदेह है कि आप किसी भी प्रकार के अवसाद से पीड़ित हैं तो बिना किसी देरी के चिकित्सा सहायता लें. अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो अवसाद से पीड़ित है तो उसे समझने की कोशिश करें और फिर, उसे इस बारे में अच्छी तरह समझाएं ताकि वह पीड़ित व्यक्ति जितनी जल्दी हो सके अपना ईलाज करवा ले. क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया है? इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और पीअर्स के साथ अवश्य शेयर करें. ऐसे और अधिक आर्टिकल पढ़ने के लिए www.jagranjosh.com/college पर विजिट करें. इसके अलावा, आप नीचे दिये गये फॉर्म में अपनी ई-मेल आईडी सबमिट करके भी अपने इनबॉक्स में सीधे ऐसे आर्टिकल प्राप्त कर सकते हैं.

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