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प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन के लिए ध्यान देने योग्य बातें

आर्थिक उदारीकरण के बाद युवाओं के पास नौकरी के बेहतर विकल्प मिल रहे हैं. यही कारण है कि समय के साथ-साथ लोगों की सोच में भी काफी परिवर्तन हुए. बदली मानसिकता या सोच का ही परिणाम है कि अब बारहवीं के बाद ही युवा कॅरियर निर्धारित करने में लग जाते हैं.

Jan 21, 2019 17:41 IST
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प्रोफेशनल कोर्स
प्रोफेशनल कोर्स

आज से कुछ वर्षों पूर्व सामान्य डिग्री लेने के बाद भी लोगों को मनचाही जॉब मिल जाया करती थी. यहाँ तक कि यूनिवर्सिटी में एम ए की परीक्षा में टॉप करने वाला स्टूडेंट अपने ही कॉलेज में लेक्चरर नियुक्त हो जाया करता था. लेकिन अब यह बात नहीं रही. अब सिर्फ सामान्य कोर्स के वनिस्पत अच्छी जॉब मिलना बहुत मुश्किल है. हर फील्ड में टेक्निकल और प्रोफेशनल नॉलेज को वरीयता दी जाती है. बिना टेक्निकल या प्रोफेशनल नॉलेज के तो आज के परिवेश में सरवाइव करना बहुत मुश्किल काम है. ग्लोबलाइजेशन की वजह से इनकी डिमांड और ज्यादा बढ़ गयी है.

आर्थिक उदारीकरण के बाद युवाओं के पास नौकरी के बेहतर विकल्प मिल रहे हैं. यही कारण है कि समय के साथ-साथ लोगों की सोच में भी काफी परिवर्तन हुए. बदली मानसिकता या सोच का ही परिणाम है कि अब बारहवीं के बाद ही युवा कॅरियर निर्धारित करने में लग जाते हैं. आज से कुछ वर्ष पहले तक लोग यही सोचते थें कि पहले पढाई कर लें, बाद में नौकरी के बारे में सोचा जयेग. लेकिन यह बात बिलकुल सही नहीं है.अब वो बात नहीं रही. अधिकतर स्टूडेंट्स के सामने सबसे बडा प्रश्न यही रहता है कि यदि परंपरागत प्रोफेशनल कोर्स जैसे इंजीनियरिंग, मेडिकल, सीए, सीएस आदि में एडमिशन नहीं मिल पाया तो उनके लिए प्रोफेशनल और एकेडमिक कोर्स में से क्या बेहतर होगा? कौन सा कॉलेज उनके लिए बेहतर रहेगा ? अगर किसी प्रोफेशनल कोर्स का चयन करते हैं तो किन किन बातों का ध्यान रखें ? आदि. आइये इस संदर्भ में हमें किन बातों का ख्याल रखना चाहिए ? इस विषय पर चर्चा करते हैं ?

अपनी आन्तरिक शक्ति (क्षमता) तथा अपनी जरूरतों को पहचाने

प्रोफेशनल कोर्स में जाने से पहले आपको कुछ सवालों के जवाब खुद तलाशनें चाहिए. क्या आपको अपनी परिस्थितियों और पारिवारिक समस्याओं के चलते जॉब की सख्त आवश्यकता है? क्या आपका परिवार आर्थिक रूप से इतना सक्षम है कि प्रोफेशनल शिक्षा के खर्च का वहन कर सके? अधिकतर स्टूडेंट्स पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं के चलते प्रोफेशनल कोर्स का चयन करते हैं, ताकि कुछ वर्षो की पढाई करने के बाद ही उन्हें नौकरी का बेहतर विकल्प मिल सके. लेकिन कुछ कोर्स की फीस काफी अधिक होती है. इस कारण आपके लिए बेहतर होगा कि कोर्स चुनने से पहले उसकी फीस, कैंपस प्लेसमेंट और घर की आर्थिक स्थिति आदि के विषय में पूरी तरह से मंथन कर लें.

हर कोर्स का अपना अलग महत्व है      

कोई भी कोर्स खराब नहीं होता है, क्योंकि सभी क्षेत्रों में सभी तरह के लोगों की मांग रहती है. इस कारण सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करें कि हमें यह कोर्स करना है. कोर्स का चयन करते समय कुछ विशेष बातों को ध्यान रखेंगे, तो आप सही और बेहतर कोर्स चुनने में सफल हो सकते हैं. सही कॅरियर चुनने से पहले आप अपनी रुचि, आर्थिक स्थिति और आनेवाले समय में इनकी मांगों पर अवश्य विचार करें. अब कॅरियर के क्षेत्र में मिलने वाले अवसरों का वर्गीकरण कुछ इस तरह से हो गया है कि हर किसी के पास अपनी क्षमताओं, रुचियों व रुझानों के मुताबिक कई तरह के कॅरियर ऑप्शन मौजूद हैं. प्रोफेशनल कोर्स ने छात्रों को ढेरों विकल्प प्रदान किये हैं. इंजीनियरिंग, मेडिकल, कंप्यूटर जैसे कई क्षेत्रों में तीन से पांच साल के कोर्सेज को पूरा करके बढिया सैलरी वाली सरकारी व प्राइवेट नौकरी पाई जा सकती है. आज देश में नित नई ऊंचाईयां छूते पूंजीनिवेश व विश्व अर्थव्यवस्था में बढ रहे भारत के कद से बडे पैमाने पर सक्षम प्रोफेशनल्स की डिमांड नित्य प्रति बढ़ती जा रही है.

इंस्टीट्यूट के नाम के वनिस्पत उसके प्लेसमेंट और एजुकेशन पेडागॉजी  पर गौर करें

अक्सर स्टूडेंट्स किसी संस्थान में इस कारण एडमिशन ले लेते हैं कि उसका नाम काफी है. अन्य संस्थानों की अपेक्षा काफी पैसे भी देने के लिए राजी हो जाते हैं, लेकिन उन्हें पछतावा तब होता है, जब उस संस्थान में अपेक्षा के अनुरूप पढाई नहीं होती है. उस समय स्टूडेंट्स के पास कोई अन्य विकल्प नहीं होता है. आप यदि किसी संस्थान में किसी तरह का कोर्स करना चाहते हैं, तो सबसे पहले उस संस्थान के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें. जानकारी प्राप्त करने का बेहतर तरीका यह है कि आप उस संस्थान में पढ रहे स्टूडेंट्स से पढाई और फैकल्टी मेंबर्स के बारे में सही जानकारी लें. वहां के स्टूडेंट्स आपको सही बात बता देंगे. कुछ स्टूडेंट्स संस्थान के प्रोस्पेक्टस के आधार पर ही कैंपस प्लेसमेंट को सही मान लेते हैं. आपके लिए बेहतर होगा कि आप पिछले वर्ष पास किए गए स्टूडेंट्स की संख्या और नौकरी प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को देखकर ही कोई निर्णय लें.

बहुत छानबीन के बाद किसी इंस्टीट्यूट में एडमिशन लें

अधिकतर स्टूडेंट्स इसे नजरअंदाज कर देते हैं. समस्या तब आती है, जब कोर्स करने के बाद उन्हें नौकरी में समस्या आती है. उस समय उनके पास कोई विकल्प नहीं होता है. अगर आप भी इससे बचना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि आप पहले जिस इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेने जा रहे हैं, उसके बारे में अच्छी तरह से पता कर लें कि संबंधित इंस्टीट्यूट मान्यता प्राप्त है कि नहीं. पहले इस मामले में पूरी तरह आश्वस्त हो जाएं, तभी एडमिशन लें, तो आपके लिए बेहतर होगा.

ये हैं कुछ ऐसी बातें जिसपर किसी भी प्रोफेशनल कोर्स करने से पहले अवश्य मंथन करना चाहिए. अगर आप ऐसा नहीं करते अहिं तो हो सकता है कि भविष्य में आपको आर्थिक परेशानियों के साथ साथ मानसिक रूप से भी परेशान होना पड़े. इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी क्षमता, ज्ञान, आर्थिक स्थिति तथा सामजिक परिवेश को देखते हुए किसी भी प्रोफेशनल कोर्स का चयन करें. इससे आपका भविष्य उज्ज्वल रहेगा तथा आप बिना किसी परेशानी के जीवन में आगे बढ़ पाएंगे.

 

 

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