Positive India: 23 साल की उम्र में प्रदीप सिंह ने UPSC क्लियर कर हासिल की AIR 26, पढ़ाई के लिए पिता ने बेच दिया था घर और पुश्तैनी ज़मीन

प्रदीप सिंह ने 2018 में भी UPSC सिविल सेवा परीक्षा की थी पास। 22 साल की उम्र में बन गए थे IRS अधिकारी 

Aug 7, 2020 18:56 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon
Positive India: 23 साल की उम्र में प्रदीप सिंह ने UPSC क्लियर कर हासिल की AIR 26, पढ़ाई के लिए पिता ने बेच दिया था घर और पुश्तैनी ज़मीन,
Positive India: 23 साल की उम्र में प्रदीप सिंह ने UPSC क्लियर कर हासिल की AIR 26, पढ़ाई के लिए पिता ने बेच दिया था घर और पुश्तैनी ज़मीन,

UPSC सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है और इसे क्रैक करना किसी उपलब्धि से कम नहीं है। यह उपलब्धि तब और प्रेरणादायक होती है जब बहुत सीमित संसाधनों वाला कोई उम्मीदवार परीक्षा पास करता है और बेंचमार्क सेट करता है। ऐसी ही कहानी है प्रदीप सिंह की, जिन्होंने 2019 की सिविल सेवा परीक्षा में AIR 26 हासिल किया। प्रदीप सिंह का कहना है की जितना संघर्ष उन्होंने अपने जीवन में किया है उससे कई ज़्यादा संघर्ष और त्याग उनके माता पिता ने किये हैं। आइये जानते हैं उनकी संघर्ष से ले कर सफलता तक की कहानी। 

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2019: जानें 5 टॉपर्स की सफलता की कहानी

इंदौर के रहने वाले हैं प्रदीप 

प्रदीप का जन्म 1996 में बिहार के गोपालगंज में हुआ था जिसके बाद उनका परिवार इंदौर शिफ्ट हुए। प्रदीप की स्कूली पढ़ाई इंदौर से ही हुई है। उन्होंने IIPS DAVV कॉलेज से B.Com.(H) की डिग्री प्राप्त की है। प्रदीप एक साधारण मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं और उनके पिता इंदौर के एक पेट्रोल पंप पर काम करते हैं। उनकी माताजी गृहणी हैं और बड़े भाई प्राइवेट नौकरी करते हैं।  

बेटे की पढ़ाई के लिए पिता ने बेच दिया घर और पुश्तैनी ज़मीन 

प्रदीप ने अपनी ग्रेजुएशन पूरी होने के साथ ही UPSC सिविल सेवा की तैयारी करने का मन बना लिया था। हालांकि तंग आर्थिक स्थिति के कारण दिल्ली जा कर कोचिंग लेना एक सपने जैसा था। प्रदीप के पिता को उनके सपनों पर भरोसा था और इसीलिए उन्होंने सालों की कमाई पूँजी से बना घर बेच दिया ताकि प्रदीप दिल्ली जा कर UPSC की कोचिंग ले सकें। उनके दिल्ली में रहने के खर्चे और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए प्रदीप के पिता ने गाँव की ज़मीन भी बेच दी थी। अपने पिता के इस त्याग ने प्रदीप को सफलता की सीढ़ी चढ़ने के लिए प्रेरणा दी और उन्होंने कड़ी मेहनत से तैयारी की। 

2018 में केवल 22 साल की उम्र में UPSC पास कर बने थे IRS

प्रदीप को जब अपने पिता द्वारा उनके लिए किये गए त्याग और उन पर किये गए विश्वास का पता चला तो उन्होंने अपने परिवार की परेशानियों को जल्द से जल्द ख़त्म करने का मन बनाया। इसके लिए उन्होंने दिन रात मेहनत की और पहले ही एटेम्पट में 2018 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। मेरिट लिस्ट के हिसाब से उन्हें IRS के लिए चुना गया परन्तु आईएएस बनने का सपना उनके में अब भी प्रज्वलित था।  इसलिए उन्होंने 2019 में एक बार फिर से परीक्षा देने का फैसला किया। 

UPSC सिविल सेवा 2019 की परीक्षा में 26वीं रैंक हासिल कर सपना पूरा किया 

यदि हौसला बुलंद हो और इरादे नेक हों तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं। अपने पिता के त्याग को प्रेरणा बना कर प्रदीप सिंह ने 2019 में एक बार फिर कड़ी मेहनत कर UPSC की परीक्षा दी और इस बार अपने सपने और लक्ष्य दोनों को पूरा किया। 26वीं रैंक पा कर प्रदीप ने यह सिद्ध कर दिया की यदि मेहनत करने का जज़्बा हो तो किसी भी लक्ष्य को पाना असंभव नहीं। 

जागरण जोश की टीम की ओर से प्रदीप सिंह को हार्दिक शुभकामनाएं। 

3 साल के बेटे से दूर रह कर की UPSC की तैयारी, पहली ही एटेम्पट में हासिल की 90वीं रैंक - जानें डॉ अनुपमा सिंह की कहानी

 

Related Stories