UPSC Lateral Entry: संघ लोक सेवा आयोग ने विभिन्न मंत्रालयों में ज्वाइंट सेक्रेटरी, डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर के 45 पदों पर भर्ती के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इन पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति लेटरल एंट्री के तहत की जाएंगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से, उम्मीदवारों के लिए यूपीएससी परीक्षा में शामिल हुए बिना अधिकारी बनने का यह एक सुनहरा अवसर है। इसमें उम्मीदवारों का चयन सिर्फ इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा।हालांकि विपक्ष ने यूपीएससी की इस भर्ती प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है और इस भर्ती प्रक्रिया को असंवैधानिक बताया। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि यूपीएससी की यह लेटरल एंट्री क्या है? और इस पर इतना बवाल क्यों है।
What is lateral entry in UPSC? यूपीएससी की लेटरल एंट्री क्या है?
क्या है लेटरल एंट्री? लेटरल एंट्री का सीधा सा मतलब है किसी संगठन में सीधे किसी विशिष्ट पद पर प्रवेश करना, बिना उस संगठन की पारंपरिक पदोन्नति प्रक्रिया से गुजरे।
जब हम UPSC की बात करते हैं, तो लेटरल एंट्री का मतलब है भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) जैसी सेवाओं में अनुभवी पेशेवरों को सीधे इंटरव्यू के जरिए भर्ती करना। ये पेशेवर अपने क्षेत्र में पहले से ही काम कर रहे होते हैं और उन्हें विशेषज्ञता के आधार पर सीधे उच्च पदों पर नियुक्त किया जाता है। ब्यूरोक्रेसी में लेटरल एंट्री के तहत वर्ष 2018 में विभिन्न सरकारी विभागों में संयुक्त सचिव के 9 पदों के लिए निजी क्षेत्र से शीर्ष अधिकारियों का चयन केवल साक्षात्कार के माध्यम से किया गया था।
लेटरल एंट्री के लिए कितनी Age और Experience होना चाहिए?
लेटरल एंट्री के लिए आवश्यक आयु और अनुभव विभिन्न संगठनों, पदों और सरकारों के नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। कोई एक निश्चित आयु या अनुभव की सीमा सभी के लिए लागू नहीं होती है। संयुक्त सचिव स्तर के पदों के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास कम से कम 15 वर्ष का एक्सपीरिएंस होना चाहिए, निदेशक स्तर के पदों के लिए 10 वर्ष और उप सचिव स्तर के पदों के लिए 7 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। संयुक्त सचिव स्तर के पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 40 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए, जबकि निदेशक स्तर के पदों के लिए आयु सीमा 35 से 45 वर्ष और उप सचिव स्तर के पदों के लिए आयु सीमा 32 से 40 वर्ष होनी चाहिए।
UPSC में लेटरल एंट्री के लिए कौन कर सकता है आवेदन?
UPSC में लेटरल एंट्री भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) जैसी उच्च पदों पर अनुभवी पेशेवरों को सीधे भर्ती करने की एक प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया पारंपरिक सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से भर्ती होने वाले उम्मीदवारों के साथ-साथ अनुभवी पेशेवरों को भी सरकारी सेवा में आने का मौका देती है। वर्तमान में, किसी भी राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU), स्वायत्त निकायों, सांविधिक संगठनों, विश्वविद्यालयों और अन्य प्रासंगिक संस्थानों में समकक्ष पदों पर कार्यरत उम्मीदवार और अंतरराष्ट्रीय या बहुराष्ट्रीय संगठनों में समकक्ष पदों पर कार्यरत उम्मीदवार ही इन पदों के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। आपको बता दें कि इन पदों के लिए केंद्र सरकार का कोई भी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकता।
'लेटरल एंट्री' के माध्यम से नियुक्त उम्मीदवारों का वेतन क्या है?
इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को अनुमानित सकल वेतन महंगाई, परिवहन और मकान किराया भत्ते सहित लगभग 2.7 लाख रुपये वेतन दिया जाता है।
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