जानिये कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए वर्क एक्सपीरियंस क्यों है जरुरी ?

Apr 4, 2018 10:01 IST
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Why work experience is essential for college students?
Why work experience is essential for college students?

आजकल जॉब मार्केट में बहुत जबरदस्त प्रतियोगिता का माहौल बन चुका है. वर्तमान परिवेश को देखते हुए आजकल आपके लिए एम्पलॉयर्स को सिर्फ एक बढ़िया एकेडमिक रिकॉर्ड से प्रभावित करना काफी कठिन है. इसका सबसे अहम कारण यह है कि आजकल के एम्पलॉयर्स ऐसे उम्मीदवारों की तलाश में रहते हैं, जिन उम्मीदवारों को इस बात का व्यावहारिक अनुभव हो कि वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में अपना काम कैसे कुशलतापूर्वक निकाला जाता है? कई बार जब किसी अवधारणा के व्यावहारिक उपयोग की बात आती है तो आपने अपनी कक्षाओं में जो सिद्धांत सीखे थे, उनसे बिलकुल अलग तरीके से व्यावहारिक कार्य संपन्न होता है. इसलिए, इंटर्नशिप्स आज के समय में कॉलेज के कोर्सेज का अभिन्न अंग बन गई हैं. हालांकि, यदि आप अभी भी कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए काम के अनुभव के महत्व के बारे में उलझन में हैं तो नीचे दिए गए कुछ कारणों से आपको यह बिलकुल स्पष्ट हो जाएगा कि क्यों कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए आजकल काम का अनुभव रखना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है.

एम्पलॉयर्स कार्य अनुभव रखने वाले ग्रेजुएट्स को नौकरी देना करते हैं पसंद

ऑफिस में सब काम कैसे किये जाते हैं ? इसकी अच्छी समझ रखना उम्मीदवार के लिए काफी लाभप्रद हो सकता है. कॉलेज कैंपस और कार्पोरेट ऑफिस का परिवेश एक दूसरे से काफी अलग होता है. किसी पेशेवर सेटिंग में, कॉलेज की पढ़ाई से कहीं ज्यादा काम का प्रेशर होता है. ऑफिस में कर्मचारी की एक भी गलती से कंपनी को धन का बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है.

आइए एक ऐसे परिवेश की कल्पना करें जहां दो फ्रेश ग्रेजुएट्स एक ही जॉब प्रोफ़ाइल के लिए आवेदन करते हैं. मान लीजिये कि उनके पास बिलकुल एक समान योग्यताएं हैं और उनके सीवी लगभग समान हैं. एकमात्र अंतर यह है कि उनमें से एक उम्मीदवार ने विभिन्न संगठनों में इंटर्नशिप्स की हैं और दूसरे उम्मीदवार के रिज्यूम में काम करने का कोई अनुभव उल्लिखित नहीं है. आपको क्या लगता है कि एम्पलॉयर अधिक प्राथमिकता किस उम्मीदवार को देंगे? निश्चित रूप से, काम करने का कुछ अनुभव रखने वाले उम्मीदवार को ही वह जॉब मिलेगी. क्यों? इसलिये कि, एम्पलॉयर को उम्मीदवार को शुरू से सब कुछ सीखना नहीं पड़ेगा. उम्मीदवार को इस बारे में पता होगा कि उस कंपनी के विभिन्न विभागों में किस तरह से काम किया जाता है? संभवत: अपने प्रोजेक्ट को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के प्रेशर में काम करने का अनुभव भी उस उम्मीदवार के पास हो. जबकि, किसी फ्रेशर उम्मीदवार के पास ऐसा कोई अनुभव नहीं होता है. इसलिये, ऐसे किसी फ्रेशर उम्मीदवार को काम पर रखने वाले मैनेजर्स भी काफी कम ही होते हैं.

कॉलेज स्टूडेंट्स अपनी इंटर्नशिप के दौरान क्या करें और क्या न करें ?

आपके ट्रांस्फरेबल स्किल्स का होगा विकास

इंटर्नशिप्स न सिर्फ आपको पेशेवर अनुभव हासिल करने में मदद करती है, बल्कि आपको और भी बहुत सारे व्यावहारिक कौशल सिखाती हैं. जब आप ग्रेजुएट होने के बाद पेशेवर जीवन जीने लगते हैं तो ये अनुभव आपके काफी काम आते हैं. चाहे वह इंटर्नशिप 1-2 महीने की अवधि की हो या फिर, 6 महीनों की लंबी अवधि वाली हो, कुछ ऐसे काम हैं जो आप दोनों सेटिंग्स में सीखते हैं जैसेकि, संचार कौशल और प्रेशर में काम करने का हुनर या फिर, विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए मल्टी-टास्किंग आदि. जैसाकि इसके नाम से पता चलता है कि ये कौशल या स्किल्स एक संगठन से दूसरे संगठन में या एक उद्योग से दूसरे उद्योग में हस्तांतरणीय हैं. लेकिन, आप इन ट्रांसफरेबल स्किल्स को केवल तभी विकसित कर  सकते हैं जब आप ऐसी किसी सेटिंग में होते हैं जहां आप जॉब के लिए अप्लाई करके इन स्किल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. जितना अधिक आप इस तरह की सेटिंग्स में काम करते हैं, उतना ही अधिक आप अपने ट्रांसफरेबल स्किल्स निखार सकते हैं. इन ट्रांसफरेबल स्किल्स का अपने रिज्यूम में उल्लेख करने से आप की उम्मीदवारी बहुत अधिक मजबूत हो जाती है और आपके व्यक्तित्व का रिक्रूटिंग मैनेजर पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ता है.

करने होंगे नये – नये प्रयोग

इंटर्नशिप करने के पक्ष में एक और खास बात यह है कि इससे पहले कि आप वास्तव में अपना करियर शुरू करें, आप पहले ही अपने पसंदीदा पेशे के बारे में पता कर सकते हैं. कई कोर्सेज हैं जो बहुत से उद्योगों में करियर के अवसर मुहैया करवाते हैं. उदाहरण के लिए, मास कम्युनिकेशन कोर्स पर विचार करें, इस विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद कोई भी छात्र विज्ञापन, फिल्म निर्माण, पत्रकारिता, प्रकाशन आदि में अपना करियर शुरू कर सकता है और कोई अन्य छात्र पेशेवर फोटोग्राफी में अपना करियर बना सकता है. ये सभी क्षेत्र एक दूसरे से काफी अलग हैं. लेकिन, इससे पहले कि आप इन करियर्स में से किसी एक करियर को अपने के लिए सबसे उपयुक्त समझकर चुनें,  आपको इन करियर्स में से प्रत्येक के बारे में अच्छी तरह जानकारी हासिल करनी होगी. जैसेकि, विज्ञापन उद्योग में लोगों को अक्सर शाम को देर तक काम करना पड़ता है. इसी तरह, फोटोग्राफी के लिए आपको कोई जरुरी शॉट लेने के लिए किसी भी समय काम करना पड़ सकता है. इसलिए, अगर कोई व्यक्ति देर रात तक या किसी भी समय काम नहीं कर सकता है तो उसके लिए ये दोनों क्षेत्र सही करियर विकल्प नहीं हो सकते हैं. लेकिन एक बार जब आप ये सारी जानकारी हासिल कर लेते हैं, केवल तभी आप अपनी सहूलियत और पसंद के अनुसार अपने करियर के संबंध में कोई अंतिम निर्णय ले सकते हैं. अपने करियर से संबंधित ऐसी सारी जानकारी प्राप्त करने का एकमात्र तरीका सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करने के बजाय, अपने कार्यक्षेत्र में खुद अनुभव प्राप्त करना है. बेशक, पेशेवर दुनिया में काम शुरू करने के बाद भी आपके द्वारा अपना करियर बदलने में कुछ भी गलत नहीं है. लेकिन, ऐसा करने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी और आपका काफी समय एवं धन बरबाद होगा. यदि आपको शुरू में ही अपने करियर के बारे में पता करने का मौका मिल रहा है तो फिर आप उस मौके का फायदा क्यों न उठायें ?

फुल टाइम जॉब मिलने की संभावना

यह शायद कोई इंटर्नशिप करने का सबसे बड़ा लाभ है. जब भी आप किसी इंटर्न के रूप में किसी कंपनी में काम करते हैं तो कंपनी आप पर अपने संसाधनों का निवेश करती है, वे आपको ट्रेंड करते हैं, आपको वे सभी छोटे-बड़े काम सिखाते हैं जो किसी काम को पूरा करने के लिए जरूरी होते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि वे लोग आपकी प्रगति पर पूरा ध्यान देते हैं. आपके मैनेजर आपकी क्षमताओं से अवगत होते हैं और आपकी काम करने की क्षमता को अच्छी तरह जानते हैं. यदि आप भरोसेमंद उम्मीदवार लगते हैं तो इस बात की काफी संभावना होती है कि आपको इंटर्नशिप पूरी करने पर अपनी कंपनी से ही पूर्णकालिक जॉब की पेशकश मिल जाए. इसका सबसे अहम कारण यह है कि एम्पलॉयर किसी ऐसे उम्मीदवार को रोजगार देने के लिए अधिक इच्छुक होते हैं जो पहले से कंपनी के काम करने के तरीके से अवगत होते हैं. यदि एम्पलॉयर किसी नये उम्मीदवार को काम पर रखेंगे तो उन्हें उस उम्मीदवार को अपनी कंपनी के काम के बारे में शुरू से ट्रेनिंग देनी पड़ेगी जिससे उनका समय और धन, दोनों बरबाद होंगे. इसलिये, आप इंटर्नशिप के हर मौके का फायदा उठायें और इंटर्नशिप के दौरान मन लगाकर अपना सारा काम करें ताकि आपको काम करने का वास्तविक अनुभव मिल सके.

कार्यक्षेत्र के लोगों को मिलता है आपका परिचय

जैसा पहले कहा जा चुका है कि पेशेवर माहौल में बहुत से ऐसे काम होते हैं जो आप तब तक नहीं सीख सकते हैं, जब तक कि आप किसी पेशेवर माहौल में खुद काम करना न शुरू कर दें. ऑफिस में होने वाली अलग-अलग घटनाओं और कामों से आप अलग-अलग अनुभव प्राप्त करेंगे, जिनमें से कुछ अनुभव आपके बहुत काम आ सकते हैं. अगर आप अपनी नौकरी भी बदल लें तो भी काम करने के ये अनुभव  आपको हरेक ऑफिस में कुछ न कुछ लाभ जरुर पहुंचाते हैं. किसी वास्तविक वर्क सेटिंग में कार्य करने से आपको इस बात का अनुभव प्राप्त होगा कि ऑफिस में विभिन्न टीमें कैसे एक साथ मिलकर काम करती हैं ? टीम वर्क आपको जवाबदेही और जिम्मेदारी सिखाता है क्योंकि कोई टीम पूरी तरह तभी सही ढंग से अपना काम कर सकती है, जब उस टीम में शामिल सभी कर्मचारी अपना काम ठीक ढंग से करें. यह पेशेवर माहौल आपको सिखाएगा कि कैसे किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज का परिवेश पेशेवर माहौल से बिलकुल अलग होता है. इंटर्नशिप मूल रूप से कॉलेज जीवन और पेशेवर जीवन के बीच एक पुल के तौर पर कार्य करती है. सरल शब्दों में, हम यह कह सकते हैं कि इंटर्नशिप के अनुभवों से आप अपने पेशेवर जीवन के लिए तैयार होते हैं और एक छात्र से एक पूर्णकालिक कर्मचारी बनने के बाद आप किसी भी काम या परिस्थिति को लेकर हैरान नहीं होते हैं. इसके अलावा, किसी पेशेवर माहौल में काम करने के अनुभव से आपको किसी भी संगठन में ‘क्या करना है या क्या नहीं करना है’ के बारे में भी काफी अच्छी जानकारी मिल जाती है.

नेटवर्किंग की मिलती है जानकारी

हम सभी एक जैसे नहीं होते हैं और हम सभी के अपने विशिष्ट व्यक्तित्व तथा अपनी अलग पसंद – नापसंद होती है. उदाहरण के लिए, कॉलेज के कुछ छात्र जरूरत पड़ने पर किसी अजनबी से भी बातचीत करना शुरू कर देते हैं और उन्हें बहुत से लोगों से मिलना-जुलना पसंद होता है. लेकिन बहुत से ऐसे छात्र  भी होते हैं जो केवल अपने छोटे से ग्रुप के दोस्तों के साथ ही घूमते-फिरते हैं और इसी में खुश रहते हैं. ऐसे लोगों को अकेले समय बिताना अच्छा लगता है. खास बात तो यह है कि इन दोनों किस्म के छात्रों में से कोई भी गलत नहीं है. लेकिन नेटवर्किंग आज के समय की मांग बन गई है. नेटवर्किंग से आपको  अपने लिए महत्वपूर्ण कनेक्शन बनाने में सहायता मिलती है जो आपको अपना व्यावसायिक जीवन शुरू करने में काफी फायदा पहुंचा सकते हैं. इन लोगों से आपको अपने पेशे, कार्यक्षेत्र और कामकाज के तरीके आदि के बारे में काफी जानकारी प्राप्त हो सकती है. ये लोग आपके करियर हेतु सही दिशा दिखा सकते हैं या किसी सहकर्मी से आपकी जॉब प्रोफ़ाइल की सिफारिश कर सकते हैं. आजकल बहुत सी इंटर्नशिप्स और नौकरियां केवल सिफारिशों से ही मिलती हैं. हालांकि, आप अपने नेटवर्क का इस्तेमाल सिर्फ अपने लाभ के लिए ही नहीं करें बल्कि, आप अपने नेटवर्क के माध्यम से अन्य लोगों का भी भला करें.

समर इंटर्नशिप: कॉलेज छात्र कैसे तलाशें बढ़िया इंटर्नशिप?

सारांश

अपने कॉलेज के दिनों में समाजसेवा, फ्रीलान्सिंग, इंटर्नशिप या किसी भी अन्य किस्म का काम करने का अनुभव प्राप्त करने से आपकी जॉब प्रोफ़ाइल काफी महत्वपूर्ण बन जाती है. यह अनुभव न केवल आपको अन्य उम्मीदवारों से अधिक महत्वपूर्ण बनाता है बल्कि एक कॉलेज के छात्र से एक पेशेवर के जीवन में होने वाले बदलाव को आसानी से स्वीकार करने के लिए आपको अच्छी तरह से तैयार कर देता है. आशा है कि इस आर्टिकल को पढ़ने से आपको कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए काम करने का अनुभव रखने के महत्व के बारे में अच्छी तरह पता चल गया होगा और इस बारे में आपके सारे संदेह भी दूर हो चुके होंगे. कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए काम करने के अनुभव, कॉलेज लाइफ और इंटर्नशिप से संबंधित ऐसे और अधिक आर्टिकल पढ़ने के लिए www.jagranjosh.com/college पर विजिट करें. आप नीचे दिए गए बॉक्स में अपना ईमेल-आईडी सबमिट करके भी ये आर्टिकल सीधे अपने इनबॉक्स में प्राप्त कर सकते हैं.

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