पश्चिमी अफ्रीका में समंदर से सटा एक छोटा सा देश सिएरा लियोन है, जिसके बारे में हम आप तभी सुनते हैं जब गृहयुद्ध की लपटें यहां जिंदगियां खाक कर रही होती हैं। एक अन्य अफ्रीकी देश सूडान, जहां पिछले दो दशक से चल रहे जातीय संघर्ष ने जिंदगियों को संगीन के साये में जीने पर मजबूर कर दिया है। मध्य-पूर्व में फिलिस्तीन, जिसकी एक राष्ट्र के रूप में उभरने की हिंसक कोशिशें अपनी ही जमीन लाल कर रही है। इथियोपिया, सोमालिया, लाइबेरिया, सीरिया और न जाने कितने देश। यह सूची यहीं नहीं खत्म होती। आज पूरी दुनिया मे ऐसे असफल राष्ट्रों की कमी नही हैं, जिनकी कलह पूरी दुनिया के लिए खतरा बन गई है। इन देशों में हिंसक संघर्षो में पिछले कुछ सालों में इतने लोग हताहत हुए हैं कि इसका हिसाब लगाना भी मुश्किल है। अब सवाल यह है कि यदि स्थितियां इतनी पेचीदा और खतरनाक हैं तो आखिर इन पर लगाम लगाने की कोई कोशिश क्यों नहीं की गई? आज के दौर में, जब दुनिया का एक हिस्सा आर्थिक तरक्की से चकाचौंध हो तो उस वक्त उसी दुनिया का एक हिस्सा भुखमरी, कुपोषण, बंदूकों के साये में जीने को क्यों मजबूर हो रहा है? इन स्थितियों का अंदाजा वैश्विक नीति निर्माताओं को काफी पहले हो चुका था। शायद इसी के चलते 24 अक्टूबर, 1945 को संयुक्त राष्ट्रसंघ का गठन किया गया, जिसकी जिम्मेदारी थी दुनिया को युद्धों से महफूज रखते हुए आपसी शांति व सद्भावना का विकास करते हुए लोगों को खुशहाल रखना। इस मिशन को कामयाब बनाने के लिए यूएन में काफी संख्या में प्रोफेशनल्स रखने पडते हैं, जो अलग-अलग देशों से अलग शक्षिक योग्यता लेकर आते हैं। अगर आप भी कॅरियर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना चाहते हैं, तो आपके लिए यूएन बेहतर है।
विकास में अग्रणी यूएन
इसकी मौजूदगी के बावजूद दुनिया के कई हिस्से आज भी हिंसा की चपेट में हैं, लेकिन सच यह भी हैकि हिंसा के ये आंकडे और भी भयावह हो सकते थे यदि आज संयुक्त राष्ट्र संघ इन इलाकों में इतना सक्रिय न होता। इसे संयुक्त राष्ट्र संघ की उपलब्धि नहीं तो क्या कहेंगेकि अनेक संवेदनशील मुद्दों के बाद भी दुनिया बीते 67 सालों में तीसरे विश्व युद्ध के खतरों से फिलहाल महफूज दिखती है। इसकी कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक दो बार यूएन को शांति के क्षेत्र में नोबेल मिल चुका है (शांति सेनाओं व आइएइए को)। केवल शांति ही क्यों, संस्कृति, बाल विकास, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ, कानूनी मसलों, महिला सशक्तीकरण, शरणार्थी समस्या, अनुसंधान, सामाजिक न्याय जैसे मसलों में भी आज संयुक्त राष्ट्र कारगर भूमिका निभा रहा है। ऐसे में यदि आप में मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का अहसास है तो संयुक्त राष्ट्र संघ आपके कॅरियर का परफेक्ट जक्शन बन सकता है।
1. जॉब यूएन में ही क्यों
पिछले कुछ सालों से दुनिया में संयुक्त राष्ट्रसंघ की क्रेडिबिलिटी बढी है। लोग संयुक्त राष्ट्र को परिवर्तन की ईमानदार कोशिशों से जोडकर देखते हैं। यही कारण है कि आज इसमें अपना लॉन्ग टर्म कॅरियर देखने वाले युवाओं की संख्या बढी हैं। यही नहीं, काम का पेशवेर माहौल, काम के जरिए मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय पहचान, मानसिक संतोष जैसी चीजें भी यहां युवाओं को जुडने के लिए प्रेरित कर रही हैं..
काम के नए आयाम - आज पूरी दुनिया यूएन को जटिल से जटिल समस्याओं के हल के रूप में देखती है। मुद्दा चाहें मानवाधिकार का हो या क्लाइमेट चेंज का, प्राकृतिक अपादाओं की त्रासदी हो या फिर नि:शस्त्रीकरण की उठती मांग। हर बदलते विषय के साथ संयुक्त राष्ट्र में काम के नए आयाम जुड रहे हैं। इन आयामों को संयुक्त राष्ट्र के करीब 40 हजार कर्मचारियों का स्टाफ अपनी असीम ऊर्जा से मंजिल दे रहे हैं। इसके अलावा यहां काम करने का एक अन्य बडा फायदा अलग-अलग संस्कृतियों, पृष्ठभूिमयों के बीच कार्यकरने का अनुभव होता है, वह अनुभव जो आपको पूरी उम्र काम देता है।
संतुष्टि देता काम - संयुक्त राष्ट्रसंघ एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 1945 में द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद की गई थी। इसकी स्थापना का प्राथमिक उद्देश्य दुनिया को युद्धों की विभीषिका से बचाना था। अपने अंतरराष्ट्रीय रुख व स्थापना चार्टर की वजह से यह दुनिया के प्राय: हर हिस्से के तकरीबन हर मुद्दे व समस्या को अपनी जद में ले पाता है। ऐसे में यदि आप यूएन से जुडते हैं तो आपको भी दुनिया के हर कोने के आम इंसान के दर्द से जुडने का मौका मिलता है। यकीन मानिए दु:खी मानवता की पीडा हरने से बढकर संतोषप्रद जॉब और कुछ नहीं है।
ग्लोबल पहुंच - आज पूरी दुनिया में संयुक्त राष्ट्र के कद में बढोत्तरी हुई है। आज का संयुक्त राष्ट्र 1946 के उस दौर से पूरी तरह अलग है, जब इसे महज 300 कर्मचारियों के साथ कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट का जरिया भर माना जाता था। आज इसके ग्लोबल हैडक्वार्टर जेनेवा, नैरोबी, विएना सभी जगह अपनी मजबूत उपस्थिति रखते हैं। रीजनल जोन अफ्रीका, यूरोप, लैटिन अमेरिका, कैरेबियन, एशिया पैसफिक, पश्चिमी एशिया इसकी विश्वव्यापी मौजूदगी के बडे प्रमाण हैं। इन सबके बीच यूएन में काम करने का अर्थ ऐसी संस्था को अपनी सेवाएं देना है, जो आज पूरी दुनिया में शांति व व्यवस्था के नए मानक रच रही है।
जॉब्स के साथ लर्निग भी - इन दिनों संयुक्त राष्ट्र में बेहतर कॅरियर ऑप्शन की कोई कमी नहीं रह गई है। इसकी अलग-अलग शाखाओं में जॉब्स के कई अहम विकल्प पैदा हुए हैं और सबसे अहम है यहां काम करते हुए आप काफी कुछ सीख सकते हैं। यहां कॅरियर डेवलेपमेंट केवल आपकी ही जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि संयुक्त राष्ट्रसंघ स्वयं अपने कर्मचारियों के विकास में रुचि लेता है। इसके लिए समय-समय पर आयोजित होने वाले ट्रेनिंग कैम्प, स्किल्स लर्निग कोर्सेज, लैंग्वेज ट्रेनिंग जैसे कोर्स कर्मचारियों की स्किल्स को ध्यान में रखकर ही बनाए गए हैं। खुद यूएन मानता हैकि उनके कर्मचारियों की क्षमताएं ही उनके संस्थान की उपयोगिता तय करती है। इसलिए कर्मचारियों की क्षमताओं से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
वेतन व अन्य फायदे - संयुक्त राष्ट्र में काम करते हुए आप मोटी सैलरी की अपेक्षा कर सकते हैं। यहां मिलने वाली सैलरी अमेरिकी डॉलर में होती है। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी होने के नाते यहां आपको वैश्विक स्तर पर मान्य सैलरी व उससे संबंधित फायदे दिए जाते हैं। जहां आप नियुक्त हैं उस स्थान की कॉस्ट ऑफ लिविंग भी आपकी सैलरी का एक प्रमुख आधार होती है।
2. सबके लिए सभी तरह के काम
दूसरी कई ऑर्गनाइजेशन की तरह यूएन को भी आज सक्षम, ऊर्जावान कर्मचारियों की जरूरत है, जो हरपरिस्थिति में अपना सौफीसदी दे सकें। आज मानव से जुडे हर मुद्दे पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संयुक्त राष्ट्र एक अहम भूमिका अदा कर रहा है। ऐसे में इसके पास कर्मठ कर्मचारियों के एक ऐसे पूल का होना जरूरी है, जो दुनिया के किसी भी हिस्से में विपरीत से विपरीत परिस्थिति में रहकर भी अपना काम अंजाम दे सकें।
खास क्वालिटीज हैं जरूरी - यूएन में इंट्री ही काफी नहीं हैं बल्कि यहां काम करने के लिए आपमें कुछ खास क्वालिटीज का होना जरूरी है, जिनमें कार्य के प्रति समर्पण, गरीबों, वंचितों, जरूरमंदों की सेवा आदि मुख्य हैं। इसके अलावा बेहतर कम्यूनिकेशन, टेक्नोसेवी, उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता, विजन, मैनेजमेंट, भिन्न संस्कृतियों व लोगों के साथ सामंजस्य बैठा कर काम करने की क्षमता, शॉर्ट नोटिस पर दुनिया के किसी भी हिस्से में जाने की तत्परता जरूरी है।
जॉब नेटवर्क हैं अहम - यूएन कर्मचारियों की क्षमता निखार में जॉब नेटवर्क अहम भूमिका निभाता है। इसके जरिए संघ के कर्मचारी अपनी क्षमताओं के अनुसार एक जगह से दूसरी जगह स्विच कर सकते हैं। असल में जॉब नेटवर्क का निर्माण ही इस तरह किया गया है कि इम्पलॉई एक जगह से दूसरी जगह जाकर अपनी स्किल्स व पेशेवर क्षमताओं में भी इजाफा करते रहें। पर्सनल रुचियां, सेटिसफेक्शन यहां सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
फील्ड नेटवर्क - आज यूएन अपना दायरा पूरे विश्व में फैला चुका है। पूरी दुनिया में इसके 130 फील्ड ऑफिस हैं, जिसमें शांतिरक्षकों से लेकर पॉलिटिकल, हूमेनीटेरियन ग्रुप भी शामिल होते हैं। ये लोग संगठन के वे अहम बिंदु होते हैं जो किसी भी प्रकृतिक, मानवजनित त्रासदी की सबसे पहले पहचान कर उसके प्रति पहली प्रतिक्रिया देते हैं। यूएन के ऐसे ही हजारों कर्मचारी आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल यौन शोषण, भू्रण हत्या, एड्स, बारूदी सुरंगों के दुष्प्रभाव, स्थानीय कुप्रथाओं आदि के विरूद्ध जमीनी प्रयास कर रहे हैं।
3.क्या हैं कॅरियर ऑप्शन
संयुक्त राष्ट्र का आकार इतना विस्तृत है कि उसमें न तो जॉब्स की कमी है और न ही अलग-अलग कॅरियर ऑप्शन की। जरूरत है तो बस अपने खुाद की क्षमताओं के पूर्णविकास की। यूएन से जुडे कुछ कॅरियर ऑप्शन इस प्रकार हैं
रुचि के अनुरूप वर्क - यूएन सामाजिक सेवा से संबंधित संस्थाओं में विश्व भर में अग्रणी है। इस कारण यहां काम के अनेक विकल्प मिलते रहते हैं और सभी तरह के स्किल के लोगों की जरूरत रहती है। संयुक्त राष्ट्र में काम करने वाले स्टाफ को उनकी क्षमताओं के अनुसार कई कै टेगिरी में बांटा जा सकता है। प्रत्येक कैटगिरी में अधिकारियों को उनकी क्षमताओं, जिम्मेदारियों, जरूरतों के मुताबिक रखा जा सकता है। यहां कुछ कैटेगिरी दी जा सकती हैं, जहां आप अपनी क्षमताओं व योग्यताओं के अनुसार किसी एक का चयन कर सक ते हैं-
1. प्रोफेशनल एंड हायर कैटेगिरी
2. नेशनल प्रोफेशनल ऑफिसर
3. फील्ड सर्विस
4. सीनियर एप्वाइंटमेंट
4. इंट्री के हैं कई रास्ते
वैसे यूएनओ में इंट्री कई रास्तों से होती है। ज्यादातर उच्चस्तर के अधिकारी सदस्य देशों द्वारा यहां डेप्यूटेशन पर भेजे जाते हैं, जो तय समयावधि के बाद अपने मूल कैडर में लौट आते हैं। इसके अलावा यूनाइटेड नेशंस स्टाफ को रुचि के अनुरूप जोडने के लिए कई तरह के प्रोग्राम भी करती रहती है। वालंटियर प्रोग्राम, यंग प्रोफेशनल प्रोग्राम जैसे कई अन्य जरिए हैं जो आपके यूएन में जॉब के सपने को सच कर सकते हैं।
यूनाइटेड नेशन्स वालंटियर प्रोग्राम - समान योग्यता होने के बावजूद लोगों की रुचि अलग-अलग होती हैं। आज विश्व भर में ऐसे कई लोग मिल जाएंगे, जिनका उद्देश्य लोगों की भलाई करना है। अगर आप समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं और इस माध्यम से आप अपनी अलग पहचान भी बनाना चाहते हैं, तो यूएन के वालंटियर प्रोग्राम आपके लिए बेहतर कॅरियर विकल्प हैं। इस प्रोग्राम के तहत हर साल दुनिया के करीब 158 देशों के 8000 से ज्यादा युवा अपनी जिंदगी के 6 महीने संयुक्त राष्ट्रसंघ के स्वैच्छिक सेवा कार्यक्रम को देते हैं। इन कार्यक्रम के तहत ये लोग दुनिया के 128 देशों में शांति, सद्भावना प्रसार, प्राकृतिक आपदा निवारण व विकास के लिए काम करते हैं। इस प्रोग्राम के लिए वे सभी योग्य हैं, जो 25 वर्ष आयु पूरी कर चुके हैं। इसके अलावा जिनके पास यूनिवर्सिटी डिग्री हो/हायर एजूकेशन का डिप्लेामा हो, इस प्रोग्राम के लिए पात्र हैें। ज्यादा जानकारी के लिए आपwww.unvolunteers.orgपर जा सकते हैं।
इंटर्नशिप प्रोग्राम - यदि आप डिप्लोमेसी व सार्वजनिक सेवाओ में काम के इच्छुक हैं तो यूएन इंटर्नशिप प्रोगाम आपको एक आदर्श शुरूआत दे सकता है। यहां आपको कार्य का वास्तविक अनुभव मिलता है। इस प्रोग्राम के माध्यम से आपको यूएन क र्मचारियों, अधिकारियों की टीम के साथ संगठन के भीतर होने वाली गतिविधियों, निर्णय, कांफ्रेंस, मीटिंग, कार्य विश्लेषण आदि चीजों का फर्स्ट हैंड एक्सपीरियंस हासिल होता है।
यंग प्रोफेशनल प्रोग्राम - आज की तारीख में संयुक्त राष्ट्र को ऐसे युवाओं की जरूरत हैं, जिनकी ऊर्जामय क्षमताएं यूएन के काम में दिखें। वे सभी युवा जो अपने प्रोफेशनल कॅरियर की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय प्रशासक के तौर पर करना चाहते हैं, उनके लिए यंग प्रोफेशनल प्रोग्राम के जरिए कॅरियर को नई उडान देने का मौका होता है। इस प्रोग्राम के लिए हर साल नेशनल कंपटीटिव रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (एनसीआरइ) का आयोजन किया जाता है। इसके जरिए युवाओं का इस प्रोग्राम के लिए चयन होता है। 32 साल से कम आयु वर्ग वाले वे सभी स्नातक युवा, जो इंग्लिश या फ्रेंच भाषा पर अच्छा नियंत्रण रखते हैं, इस प्रोग्राम में भाग लेने के योग्य हैं।
जेआरसी टीम
खुद को दें अंतरराष्ट्रीय उड़ान
पश्चिमी अफ्रीका में समंदर से सटा एक छोटा सा देश सिएरा लियोन है, जिसके बारे में हम आप तभी सुनते हैं जब गृहयुद्ध की लपटें यहां जिंदगियां खाक कर रही होती हैं
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