ट्रांस/तिब्बत हिमालय पर्वतीय क्षेत्र

‘ट्रांस हिमालय’ या ‘तिब्बत हिमालय क्षेत्र’ महान हिमालय के उत्तर में स्थित है,और इसमें काराकोरम, लद्दाख, जास्कर और कैलाश नाम की पर्वत श्रेणियाँ शामिल हैं| ट्रांस हिमालय या तिब्बत हिमालय पर्वतीय क्षेत्र का काफी हिस्सा तिब्बत में भी पड़ता है, इसलिए इसे ‘तिब्बत हिमालय क्षेत्र’ भी कहा जाता है|
Created On: Apr 14, 2016 10:18 IST

‘ट्रांस हिमालय’ या ‘तिब्बत हिमालय क्षेत्र’ महान हिमालय के उत्तर में स्थित है, और इसमें काराकोरम, लद्दाख, जास्कर और कैलाश नाम की पर्वत श्रेणियाँ शामिल हैं| ट्रांस हिमालय की काराकोरम, लद्दाख और जास्कर पर्वत श्रेणियों का विस्तार भारत में भी पाया जाता है, लेकिन कैलाश पर्वत श्रेणी का विस्तार भारत में न होकर पूरी तरह से तिब्बत में है|

‘ट्रांस हिमालय पर्वतीय क्षेत्र’ का काफी हिस्सा तिब्बत में भी पड़ता है, इसलिए इसे ‘तिब्बत हिमालय क्षेत्र’ भी कहा जाता है| काराकोरम पर्वत श्रेणी को ‘उच्च एशिया रीढ़ की हड्डी’ कहा जाता है|

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काराकोरम पर्वत श्रेणी

यह ट्रांस हिमालय पर्वतीय क्षेत्र की सबसे उत्तरी पर्वत श्रेणी है, जिसे ‘कृष्णगिरी’ के नाम से भी जाना जाता है| यह पर्वत श्रेणी अफगानिस्तान और चीन के साथ भारत की सीमा का निर्माण करती है|यह पश्चिम में पामीर से लेकर पूर्व में 800 किमी. तक की लंबाई में फैला हुआ है| इस पर्वत श्रेणी की औसत चौड़ाई 120-140 किमी. और इसकी ऊंचाई शायद ही कहीं पर 5500 मी. से कम हो|यहाँ अनेक ऊंची चोटियाँ स्थित हैं, जिनमें से कुछ की ऊँचाई 8000 मी. से भी अधिक है| विश्व की दूसरी और भारतीय क्षेत्र में स्थित सबसे ऊँची पर्वत चोटी ‘के-2’ काराकोरम पर्वत श्रेणी में ही स्थित है|ब्रिटिशों ने ‘के-2’ चोटी को ‘गॉडविन आस्टिन’ नाम दिया है और चीनी लोगों ने इसे ‘कोगीर’ नाम दिया है| ध्रुवीय क्षेत्र के बाहर स्थित कुछ संबसे बड़े ग्लेशियरों की उपस्थिति यहाँ पायी जाती है|

लद्दाख पर्वत श्रेणी

यह ट्रांस हिमालय पर्वतीय क्षेत्र की एक अन्य महत्वपूर्ण पर्वत श्रेणी है, जो लेह के उत्तर में अवस्थित है और पूर्व की ओर बढ़ती हुई तिब्बत में कैलाश पर्वत श्रेणी से मिल जाती है| ‘खारदुंग-ला’ व ‘दीगर-ला’ इसी पर्वत श्रेणी में लेह के उत्तर-पूर्व में पाये जाते हैं|

जास्कर पर्वत श्रेणी

जास्कर पर्वत श्रेणी 800 पू. देशांतर रेखा के सहारे महान हिमालय से अलग होता है और महान हिमालय के समानान्तर अवस्थित है| इस श्रेणी के उत्तर में स्थित लद्दाख पर्वत श्रेणी इस श्रेणी के समानान्तर फैली हुई है| जास्कर पर्वत श्रेणी की औसत ऊँचाई 5800 मी. है, लेकिन इसकी कुछ ही चोटियाँ 6000 मी. से ऊँची हैं| ‘नंगा पर्वत’ इस पर्वत श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी है,जिसकी ऊँचाई 8126 मी. है| इस पर्वत श्रेणी की लंबाई लगभग 300 किमी. है|

कैलाश पर्वत श्रेणी

यह लद्दाख पर्वत श्रेणी की ही एक शाखा है, जिसका विस्तार पश्चिमी तिब्बत में पाया जाता है| इसकी औसत ऊँचाई 5500-6000 मी. है और इसकी औसत चौड़ाई 30 किमी. है| ‘माउंट कैलाश’ इस पर्वत श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी है, जिसकी ऊँचाई 6714 मी. है| कैलाश पर्वत श्रेणी के उत्तरी ढाल से ही तिब्बत में सिंधु नदी का उद्गम होता है|

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