भारत के किस गांव को कहा जाता है ‘कुंवारों का गांव’, जानें
भारत एक गांवों से समृद्ध देश है, जहां कहा जाता है कि असली भारत शहरों में नहीं, बल्कि गांवों में बसता है। आपने भारत के अलग-अलग गांवों के बारे में सुना होगा। हालांकि, क्या आपको पता है कि भारत का एक गांव ऐसा भी है, जिसे कुंवारों का गांव कहा जाता है। यह सुनने और पढ़ने में थोड़ा अजीब हो सकता है, हालांकि ऐसा सच में है कि भारत में एक ऐसा गांव है। कहां है यह गांव और क्या है गांव के पीछे की कहानी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारत को गांवों का देश कहा जाता है। इसके साथ ही यह पंक्ति भी प्रसिद्ध है कि असली भारत गांवों में बसता है। गांव की हरियाली, खेती, सुबह-शाम पक्षियों का चहचहाना सभी को पसंद है।
इसके साथ ही गांव की हवा और शहर की दवा जैसे मुहावरे भी लोगों के बीच प्रचलित हैं। वर्तमान में भारत में कई हजारों गांव हैं, जिनकी अपनी-अपनी विशेषता है।
इन्हीं सब गांवों के बीच एक गांव ऐसा भी है, जिसे Bachelor’s Village यानि कुंवारों का गांव भी कहा जाता है। अपनी इस खास वजह से यह गांव पूरे देश में प्रसिद्ध है। कौन-सा है यह गांव और क्या है गांव के पीछे की कहानी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
किस गांव को कहा जाता है कुंवारों का गांव
भारत में आपने अलग-अलग गांवों के बारे में सुना होगा। हालांकि, यह गांव सबसे अलग है। क्योंकि, इस गांव को कुंवारों का गांव कहा जाता है। भारत का यह अनोखा गांव बिहार राज्य के कैमूर जिले के अधौरा तहसील में बरवां कला गांव है।
क्यों कहा जाता है कुंवारों का गांव
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर इस गांव को कुंवारों का गांव क्यों कहा जाता है। आपको बता दें कि इस गांव में कई लोग ऐसे जिन्होंने कभी शादी नहीं की है। इसमें युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस गांव में बीते 50 सालों में एक बार ही शादी की शहनाई बजी है।

साल 2017 में बजी थी पहली शहनाई
इस गांव में पहली शहनाई साल 2017 में बजी थी, जब यहां रहने वाले एक शख्स ने गांव से बाहर किसी महिला से शादी की थी। हालांकि, इससे पहले यहां रहने वाले लोग गांव से बाहर ही जाकर शादी करते थे।
क्या है यहां शादी न होने की वजह
बिहार का यह गांव दरअसल, एक रिमोट एरिया में है। यहां पहुंचने के लिए रास्ते को लेकर बड़ी समस्या है। इसके साथ ही यहां पर बिजली, पानी का भी संकट है और संचार के अन्य माध्यमों से संपर्क करने में परेशानी होती है।
इस समस्या की वजह से कोई भी यहां पर अपनी बेटी की शादी नहीं करता है। हालांकि, इसको देखते हुए साल 2017 में कुछ युवाओं ने गांव आने के लिए पहाड़ी रास्ते को काटकर सड़क निकाली, जहां से मोटर वाहन आसानी से जा सके। इस रास्ते को एक वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से निकाला गया है।
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