उत्तर प्रदेश का कौन-सा जिला कहलाता है ‘गाजर का शहर’ और क्यों, यहां जानें
भारत में जब भी कृषि प्रमुख राज्यों की बात होती है, तो इसमें उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। भारत का यह राज्य कृषि के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के तौर पर जाना जाता है। सर्दी के मौसम में पूरे उत्तर भारत में गाजर की अधिक मांग रहती है। इस कड़ी में प्रदेश में गाजर का बड़ी मात्रा में उत्पादन होता है। हाालंकि, यहां एक जिला ऐसा भी है, जिसे गाजर का शहर भी कहा जाता है।
भारत को एक कृषि प्रधान देश कहा जाता है। यहां देश की 70 फीसदी से अधिक आबादी कृषि क्षेत्र में कार्यरत है। वहीं, देश मे जब भी कृषि प्रमुख राज्यों की बात होती है, तो इसमें उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। भारत का यह राज्य कृषि के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के तौर पर जाना जाता है और विभिन्न फसलों में शीर्ष स्थान रखता है।
सर्दी के मौसम में पूरे उत्तर भारत में गाजर की अधिक मांग रहती है, जिसका उपयोग विभिन्न व्यंजनों में किया जाता है। इस कड़ी में प्रदेश में गाजर का बड़ी मात्रा में उत्पादन होता है और अलग-अलग राज्यों में गाजर की आपूर्ति की जाती है। हालांकि, प्रदेश का एक जिला गाजर के लिए विशेष पहचान रखता है और अपनी इस विशेषता की वजह से इस जिले को गाजर का शहर भी कहा जाता है। कौन-सा है यह जिला, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
गाजर रबी है या खरीफ फसल
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि गाजर रबी की फसल है या खरीफ की फसल है। आपको बता दें कि गाजर एक रबी की फसल है, जिसकी बुवाई सितंबर से नवंबर के बीच होती है। वहीं, इसकी कटाई का समय दिसंबर से मार्च तक रहता है। गाजर को ठंडे मौसम की आवश्यकता होती है। इसे 16 से 21 डिग्री सेल्सियस तक तापमान चाहिए होता है। आपको बता दें कि रबी की फसलें वे होती हैं, जिन्हें ठंडे मौसम की आवश्यकता होती है।
किस जिले को कहा जाता है गाजर का शहर
अब हम यह जान लेते हैं कि यूपी में किस जिले को गाजर का शहर भी कहा जाता है। आपको बता दें कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले को गाजर का शहर भी कहा जाता है। यहां की सिकंदराबाद तहसील को विशेष रूप से गाजर के लिए जाना जाता है, जो कि पूरे देश में खास पहचान रखती है।
क्यों कहा जाता है गाजर का शहर
सिकंदराबाद तहसील में बड़ी मात्रा में गाजर का उत्पादन होता है। इसका प्रमुख कारण यहां की दोमट मिट्टी है, जो कि गाजर की कृषि के लिए बहुत उपयोगी होती है। यहां से गाजर को दिल्ली, हरियाणा व अन्य राज्यों की बड़ी मंडियों में सप्लाई किया जाता है। अपनी इस वजह से इस जिले को Carrot Capital भी कहा जाता है।
यूपी के इन जिलों में होती है गाजर की खेती
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में गाजर की अधिक खेती होती है। इनमें बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ और आगरा में गाजर की अधिक कृषि होती है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश का पश्चिमी भाग अपने यहां के गाजर के हलवे के लिए भी जाना जाता है। ऐसे में सर्दी के मौसम में यहां गाजर की अधिक मांग रहती है।
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