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उत्तर प्रदेश के किस जिले को कहा जाता है ‘घंटी और घुंघरू का शहर', जानें

Last Updated: Sep 27, 2023, 21:32 IST

उत्तर प्रदेश के हर जिले की अपनी कहानी और विशेषता है। कुछ जिले अपने यहां मिलने वाले उत्पादों की वजह से देशभर में जाने जाते हैं। यही वजह है कि उत्पादों की वजह से जिलों को देशभर में पहचान बनाने में मदद मिली है। इस कड़ी में हम इस लेख के माध्यम से एक ऐसे जिले के बारे में जानेंगे, जो घुंघरू और घंटियों के लिए जाना जाता है। यह पहचान किसी और ने नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार ने जिले के दी है। 

घुूंघरू वाला शहर
घुूंघरू वाला शहर

उत्तर प्रदेश यानि विविधताओं का राज्य, जहां आपको हर शहर की अपनी विविधता देखने मिलेगी। यहां पर खान-पान से लेकर भाषाओं में विविधता मौजूद है। वहीं, यदि बात हो पर्यटन की, तो यह राज्य भारत के टॉप राज्यों में आता है। हर साल यहां पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं और यहां की संस्कृति से रूबरू होते हैं। 

 

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इस कड़ी में हम अपने अलग-अलग लेखों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के हर जिले की विशेषता को जान रहे हैं। इस लेख के माध्यम से हम उत्तर प्रदेश के एक ऐसे जिले के बारे में जानेंगे, जो घुंघरू और घंटी के लिए जाना जाता है। कौन-सा है यह जिला और क्या है जिले की कहानी, जानने के लिए लेख पढ़ें। 

 

उत्तर प्रदेश पर एक नजर

उत्तर प्रदेश उत्तर भारत में प्रमुख राज्यों में से एक है। यह सबसे अधिक यानि 75 जिलों वाला राज्य है। इसके कुल क्षेत्रफल की बात करें, तो 243,286 वर्ग किलोमीटर है। वहीं,  यह क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य और जनसंख्या की दृष्टि से पहला सबसे बड़ा राज्य है।

इसके उत्तर में उत्तराखंड, पश्चिम में दिल्ली और हरियाणा, पूर्व में बिहार और दक्षिण में मध्यप्रदेश और झारखंड राज्य हैं। राज्य में कुल 18 मंडल और 351 तहसील हैं। यहां पर लोकसभा सदस्यों की संख्या 80 और राज्यसभा सदस्यों की संख्या 31 है।

इनके अलावा 404 विधानसभा सदस्य और 100 विधान परिषद के सदस्य हैं।  यहां का राजकीय पक्षी सारस और राजकीय पेड़ अशोक है। वहीं, राजकीय पुष्प पलाश है। इसका स्थापना दिवस 1 नवंबर, 1956 है। 

 

किस जिले का कहा जाता है घुंघरू और घंटी का शहर 

उत्तर प्रदेश में यूं तो 75 जिले हैं, लेकिन इन जिलों में से एक जिला एक ऐसा भी है, जिसे हम घूंघरू और घंटी के लिए जानते हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश का एटा जिला तांबे के घुंघरू और घंटी के लिए जाना जाता है। 

 

क्यों कहा जाता है घुंघरू और घंटी का शहर

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत एटा जिले में इस उत्पाद की पहचान की है। उत्तर प्रदेश की ओडीओपी वेबसाइट के मुताबिक, एटा जिले में जलेसर शहर एक एतिहासिक शहर है, जो कि मगध के राजा जरासंध की राजधानी हुआ करता था।

यहां पर कीचड़, सफेद पाउडर और तांबे से घुंघरू और घंटियों को तैयार किया जाता है। इस शहर में बड़ी मात्रा में इन उत्पादों को तैयार किया जाता है। ऐसे में ओडीओपी योजना के तहत इस जिले को यह पहचान मिली है। इस जिले में 3 तहसील, 8 ब्लॉक, 855 गांव और 5487 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां हैं।  हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। इसी  तरह उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के बारे में जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें। 

 

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Sep 22, 2023, 12:38 IST

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