Old Pension Scheme और New Pension Scheme के बीच क्या है अंतर, जानें
Difference between Old NPS & New NPS: हाल ही में एक बार फिर पुरानी और नई पेंशन स्कीम चर्चांओं में आ गई है। इसके तहत केंद्र सरकार आखिरी वेतन का 45 फीसदी तक हिस्सा नई पेंशन में शामिल करने को लेकर विचार कर रही है। हालांकि, यहां सवाल यह है कि आखिर पुरानी और नई पेंशन स्कीम क्या होती है। इन दोनों के बीच अंतर जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
Difference between Old NPS & New NPS: हाल ही में पुरानी और नई पेंशन स्कीम चर्चाओं में आ गई है। केंद्र सरकार नई स्कीम में आखिरी वेतन के 40 फीसदी हिस्से को बढ़ाकर 45 फीसदी करने पर विचार कर रही है। देश में सरकारी क्षेत्र में पुरानी और नई पेंशन योजना लागू है। हालांकि, केवल कुछ ही राज्य हैं, जिन्होंने नई पेंशन योजना को नहीं अपनाया है और वह अपने यहां पुरानी पेंशन योजना को ही लागू रखना चाहते हैं। इसमें राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड शामिल है। लेकिन, क्या आपको इन दोनों के बीच अंतर पता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इन दोनों के बीच अंतर जानेंगे।
पुरानी पेंशन योजना या OPS क्या है?
पुरानी पेंशन योजना या ओपीएस एक सेवानिवृत्ति योजना है, जिसे सरकार द्वारा अनुमोदित किया जाता है। यह लाभार्थियों को उनके सेवा जीवन के अंत तक मासिक पेंशन प्रदान करता है। मासिक पेंशन व्यक्ति के अंतिम सैलरी का आधा हिस्सा होती है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति की सेवा में रहते हुए अंतिम सैलरी 80 हजार रुपये थी, तो उसे पेंशन के तौर पर घर बैठे 40 हजार रुपये मिलेंगे।

नई पेंशन योजना या NPS क्या है?
एनपीएस एक और सेवानिवृत्ति योजना है, जिसमें लाभार्थी सेवानिवृत्ति के बाद निवेश की गई राशि का 60% निकाल सकेंगे। इसे भारत सरकार द्वारा वर्ष 2004 में पेश किया गया था।
वहीं, मासिक पेंशन प्राप्त करने के लिए शेष 40% हिस्से को वार्षिकी में निवेश करने की आवश्यकता है। इसके द्वारा ही आपको प्रतिमाह के हिसाब से पेंशन दी जाएगी।
केवल केंद्र सरकार के कर्मचारी ही कर्मचारी की मृत्यु और दिव्यांगता की स्थिति में पुरानी पेंशन योजना का लाभ वापस ले सकते हैं।
आइए नीचे पुरानी पेंशन प्रणाली और नई पेंशन प्रणाली के बीच कुछ अंतरों पर नजर डालें।
पुरानी पेंशन और नई पेंशन स्कीम के बीच अंतर
| अंतर के कारण | पुरानी पेंशन योजना | नई पेंशन योजना |
| प्रकृति | पुरानी पेंशन योजना सरकारी कर्मचारियों को उनके अंतिम वेतन के आधार पर पेंशन प्रदान करती है | नई पेंशन योजना कर्मचारियों को उनके रोजगार के दौरान एनपीएस योजना में उनके निवेश के लिए भुगतान करती है। |
| कर्मचारियों को कितना प्रतिशत मिलता है? | अंतिम निकाले गए वेतन का 50% पेंशन के रूप में | सेवानिवृत्ति के बाद 60% एकमुश्त राशि और मासिक पेंशन प्राप्त करने के लिए 40% वार्षिकी में निवेश किया जाना होता है |
| कर लाभ | कोई कर लाभ नहीं | कर्मचारी आयकर की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख और 80सीसीडी (1बी) के तहत अन्य निवेश पर 50,000 तक की कर कटौती का दावा कर सकता है। |
| आय पर कर | पेंशन पर कोई टैक्स नहीं | एनपीएस कॉर्पस का 60% कर-मुक्त है, जबकि शेष 40% पर कर लगता है |
| निवेश का विकल्प | कोई विकल्प नहीं | दो विकल्प: एक्टिव और ऑटोमेटिक |
| कौन लाभ उठा सकता है? | केवल सरकारी कर्मचारी | 18-65 वर्ष के बीच का कोई भी भारतीय नागरिक। |
| स्विचिंग योजनाएं | ओपीएस योजना को एनपीएस में बदला जा सकता है | एनपीएस योजना को सामान्य तौर पर ओपीएस में वापस नहीं बदला जा सकता है, लेकिन केंद्र सरकार के कर्मचारियों के पास मृत्यु और दिव्यांगता के मामले में ओपीएस में वापस जाने की सुविधा है । |
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.