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भारत की महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जल संधियां, पढ़ें

Last Updated: Feb 21, 2024, 17:53 IST

अंतरराष्ट्रीय जल संधि तटस्थ विशेषज्ञ की मध्यस्थता के तहत नदी के पानी के उपयोग के संबंध में एक या एक से अधिक देशों के बीच सहयोग और सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक तंत्र निर्धारित करती है। इस लेख में हम भारत की महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जल संधियों की सूची दे रहे हैं, जो यूपीएससी-प्रीलिम्स, एसएससी, राज्य सेवा, एनडीए, सीडीएस और रेलवे आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत उपयोगी है।

जल संधियां
जल संधियां

अंतरराष्ट्रीय जल संधि तटस्थ विशेषज्ञ की मध्यस्थता के तहत नदी के पानी के उपयोग के संबंध में एक या एक से अधिक देशों के बीच सहयोग और सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक तंत्र निर्धारित करती है। संधि से नदी के पानी के उपयोग पर अधिकारों और दायित्वों को तय और सीमांकित किया गया। ऐसे में इस लेख के माध्यम से हम भारत की कुछ महत्वपूर्ण संधियों के बारे में जानेंगे।

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भारत की महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जल संधियां

 

संधि का नाम

संधि का महत्व

सिंधु जल संधि

1. इस संधि पर विश्व बैंक (पुनर्निर्माण और विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय बैंक) की मध्यस्थता के तहत 19 सितंबर, 1960 को कराची में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति मोहम्मद अयूब खान द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे।

2. संधि को लागू करने और प्रबंधित करने के लिए एक द्विपक्षीय आयोग के रूप में एक स्थायी सिंधु आयोग की स्थापना की गई थी। आयोग जल बंटवारे को लेकर उत्पन्न विवादों का समाधान करता है।

3. संधि में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे की परिकल्पना की गई है

4. संधि के अनुसार, ब्यास, रावी और सतलुज पर भारत का शासन होगा, जबकि सिंधु, चिनाब और झेलम पाकिस्तान के तहत है।

5. इस संधि में यह भी परिकल्पना की गई है कि भारत सिंधु नदी प्रणाली के कुल प्रवाह का केवल 20% ही उपयोग कर सकता है।

भारत-बांग्लादेश संधि

1. फरक्का में गंगा जल बंटवारे की संधि पर भारतीय प्रधान मंत्री एच डी देवगौड़ा और बांग्लादेशी प्रधान मंत्री शेख हसीना द्वारा 12 दिसंबर 1996 को भारत की राजधानी नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए थे।

2. सामान्य नदी प्रणाली के प्रभावी प्रबंधन के लिए संयुक्त नदी आयोग (JRC) का गठन किया गया था।

भारत-नेपाल संधि

1. जल संसाधन पर नेपाल-भारत संयुक्त समिति (JCWR) का गठन किया गया था। 1996 में महाकाली के एकीकृत विकास पर एक संधि पर हस्ताक्षर किये गए थे।

2. महाकाली नदी पर पंचेश्वर बहुउद्देश्यीय परियोजना महाकाली संधि का केंद्रबिंदु थी।

भारत-चीन सहयोग

ब्रह्मपुत्र नदी पर वर्षा, जल स्तर जैसी जल विज्ञान संबंधी जानकारी साझा करने के लिए भारत और चीन के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे।

भारत-भूटान सहयोग

भारत और भूटान की साझा नदियों पर पूर्वानुमान नेटवर्क की योजना की प्रगति की समीक्षा करने के लिए 1979 में एक संयुक्त विशेषज्ञ टीम (जेईटी) का गठन किया गया था।

सभी संधियों के अलावा सिंधु जल संधि दुनिया में सबसे उदार जल-बंटवारा संधियों में से एक है, क्योंकि यह संधि दोनों देशों के बीच लड़े गए तीन युद्धों और उनके द्विपक्षीय संबंधों में लगातार तनाव से बची रही है।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Feb 21, 2024, 17:50 IST

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