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भारत में सीताफल का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन-सा है, जानें नाम

Last Updated: Aug 26, 2025, 16:39 IST

भारत में सीताफल (कस्टर्ड एप्पल) का सबसे बड़ा उत्पादक महाराष्ट्र है, जो देश के कुल उत्पादन में 31% से ज्यादा का योगदान देता है। आइए जानते हैं कि सीताफल की खेती में महाराष्ट्र क्यों सबसे आगे है, इसके प्रमुख उत्पादक जिले कौन-से हैं और रोजमर्रा की जिंदगी में सीताफल का उपयोग कैसे किया जाता है।

सीताफल का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य
सीताफल का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य

महाराष्ट्र भारत में सीताफल (कस्टर्ड एप्पल) का सबसे बड़ा उत्पादक है। देश के कुल उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 31% से ज्यादा है। आदर्श मिट्टी और जलवायु परिस्थितियों के कारण राज्य के सूखे इलाके सीताफल की खेती का केंद्र बन गए हैं। इस फल को ताजा खाया जाता है और इसका उपयोग आइसक्रीम और मिठाइयों जैसे डेजर्ट में किया जाता है।

किस जिले को मिला है GI Tag

सीताफल उत्पादन में महाराष्ट्र पहले स्थान पर है। इसके बाद मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ का स्थान आता है। महाराष्ट्र का बीड जिला अपने उच्च गुणवत्ता वाले कस्टर्ड एप्पल के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसे भौगोलिक संकेत (GI) का दर्जा भी मिला है।

भारत के टॉप 5 सीताफल उत्पादक राज्य

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र हर साल 1,20,000 टन से ज्यादा उत्पादन के साथ सबसे आगे है। बीड, औरंगाबाद, जालना और उस्मानाबाद जैसे सूखे जिले सीताफल की खेती का केंद्र हैं। यहां के किसान कम से कम सिंचाई का उपयोग करके इस फल को उगाते हैं, जिससे यह एक टिकाऊ फसल बन जाती है।

मध्य प्रदेश

अपनी विविध बागवानी के लिए जाना जाने वाला मध्य प्रदेश मुख्य रूप से आदिवासी क्षेत्रों में कस्टर्ड एप्पल उगाता है। यह फल स्थानीय अर्थव्यवस्था का हिस्सा है और मध्य भारत के बाजारों में ताजा बेचा जाता है।

आंध्र प्रदेश

दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश प्राकृतिक वर्षा की मदद से पथरीले इलाकों में सीताफल उगाता है। यह इसे सूखे इलाकों में खेती करने वाले समुदायों के लिए आदर्श बनाता है।

छत्तीसगढ़

समृद्ध जैव विविधता और वन क्षेत्रों के साथ कस्टर्ड एप्पल कई आदिवासी इलाकों में प्राकृतिक रूप से उगता है। यह फल राज्य के वनोपज व्यापार का भी एक हिस्सा है।

गुजरात

गुजरात के शुष्क क्षेत्र सीताफल के उत्पादन में अच्छा योगदान देते हैं, खासकर दाहोद और साबरकांठा जैसे जिलों में ऐसा है। इस फल को आमतौर पर कच्चा खाया जाता है या मिल्कशेक और मिठाइयों में इस्तेमाल किया जाता है।

सीताफल (कस्टर्ड एप्पल) के बारे में रोचक तथ्य

-उच्च पोषण मूल्य –सीताफल विटामिन सी, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह इम्यूनिटी को बढ़ाता है, पाचन में मदद करता है और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखता है।

-प्राकृतिक रूप से उगाया जाता है –इस फल को उगाने के लिए बहुत कम उर्वरकों या सिंचाई की जरूरत होती है। यह इसे टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल खेती के लिए आदर्श बनाता है।

-जीआई मान्यता –महाराष्ट्र के “बीड कस्टर्ड एप्पल” को उसकी अनोखी मिठास के लिए जीआई टैग का संरक्षण मिला है। इससे किसानों को बेहतर कीमतें मिलती हैं और क्षेत्र की पहचान सुरक्षित रहती है।

-स्वादिष्ट और बहुमुखी –इसका उपयोग आइसक्रीम, कस्टर्ड, स्मूदी और पारंपरिक मिठाइयां बनाने में किया जाता है। इसके क्रीमी टेक्सचर और मीठे स्वाद के कारण यह सभी आयु समूहों के बीच पसंदीदा है।

-औषधीय उपयोग –सीताफल पाचन में मदद करता है, इम्यूनिटी बढ़ाता है और हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। यह तंत्रिका तंत्र को शांत करने और ऊर्जा के स्तर को सुधारने के लिए भी जाना जाता है।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Aug 26, 2025, 16:39 IST

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