शहरों के नाम के आखिर में क्यों लिखा होता है ‘आबाद’, जानें
भारत में कुल राज्यों की बात करें, तो इनकी संख्या 28 है। इसके साथ ही कुल केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या 8 हो गई है। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आपने विभिन्न प्रकार के शहरों के नाम सुने होंगे, जिनमें कुछ बिल्कुल ही अलग होते हैं, तो कुछ नाम बहुत कॉमन होते हैं, जैसे गाजियाबाद, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, अहमदाबाद और इलाहबाद जिसे अब प्रयागराज नाम से जाना जाता है। हालांकि, क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर भारत के अधिकांश शहरों में हमें आखिर में ‘आबाद’ शब्द क्यों देखने को मिलता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत में यदि कुल राज्यों की बात करें, तो इनकी कुल संख्या 28 है। वहीं, कुल केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या 8 है। भारत के सभी राज्यों का अलग-अलग इतिहास है, जिनका भाषा के आधार पर गठन किया गया।
हालांकि, शुरुआत में राज्यों के गठन से पहले 500 से भी अधिक रियासतें हुआ करती थी, जिनका 1950 के बाद से राज्यों के रूप में गठन किया गया और शुरुआत में सिर्फ 14 राज्य ही बने। यह तो हुआ इन राज्यों के गठन की कहानी, हालांकि इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आपने कई जगहों का नाम सुना होगा, जिसमें जगहों के नाम के आखिर में ‘आबाद’ लिखा होता है।
उदाहरण के तौर पर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, फैजाबाद, अहमदाबाद और इलाहबाद जिसे अब प्रयागराज नाम से जाना जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि इन जगहों के नाम में आखिर आबाद शब्द को क्यों जोड़ा गया है और क्या होता है इस शब्द का महत्व। इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें।
भारत के अलावा इन देशों में इस्तेमाल होता है ‘आबाद’
भारत में कई ऐसे शहर हैं, जिनके नाम में शुरू से ही ‘आबाद’ शब्द का इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि, भारत के अलावा भी इसके पड़ोसी देशों में जगहों के नाम में आबाद का इस्तेमाल किया जाता है।
उदाहरण के तौर पर, पाकिस्तान में इस्लामाबाद और बांग्लादेश के जलालाबाद में आबाद शब्द का इस्तेमाल किया गया है। इन जगहों पर यह नाम कोई नया नाम नहीं, बल्कि काफी पुराना नाम है।

क्या होता है ‘आबाद’ शब्द का अर्थ
आपको बता दें कि आबाद एक फारसी शब्द है, जिसमें आब का अर्थ होता है पानी। यदि इस पूरे शब्द के अर्थ की बात करें, तो इस पूरे शब्द का अर्थ है कि ऐसी कोई जगह, जहां फसल को उगाया जा सकता है। इसके साथ ही वह जगह रहने लायक भी है, जहां पानी की आपूर्ति को पूरा किया जा सकता है।
किस तरह जोड़ा जाता था यह शब्द
इतिहास के कुछ प्रोफेसरों के मुताबिक, मुगलकाल के समय जब किसी जगह का नाम रखना होता था, तो आमतौर पर उस जगह के राजा के नाम के आगे आबाद शब्द को जोड़ दिया जाता था।
इससे एक तरफ जहां वहां के लोगों को जगह के नाम को लेकर नई पहचान मिल जाती थी, वहीं मुगल की छाप भी उस जगह पर रह जाती थी।
उदाहरण के तौर पर बात करें, तो उत्तरप्रदेश के जिले फिरोजाबाद का नाम फिरोज शाह के नाम पर रखा गया था।
यह जिला कांच के सामान के लिए मशहूर है, जो कि विशेष रूप से चूड़ियों के लिए जाना जाता है।
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