भारत में बीते वर्षों में महिलाओं की सामाजिक भागीदारी बढ़ी है। आज हर क्षेत्र में महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। महिलाओं के उत्थान के लिए देश में कई योजनाएं चल रही हैं, जिससे महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा सके। वहीं, बेटियों के लिए भी विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चल रहे हैं, जिनमें बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं जैसे प्रमुख कार्यक्रम हैं।
हालांकि, पूरे भारत में पुरुषों की संख्या की तुलना में महिलाओं की संख्या कम है। ऐसे में हर राज्य का लिंगानुपात भी अलग-अलग है, जिसमें प्रति एक हजार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या कम है। इस कड़ी में क्या आप भारत के ऐसे राज्य के बारे में जानते हैं कि जहां पुरुषों से ज्यादा महिलाओं की संख्या है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत की कुल आबादी
भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट Knowindia.india.gov.in के मुताबिक, 1 मार्च 2011 को भारत की जनसंख्या 1210193422 थी। इसमें पुरुषों की संख्या 623,700,000 और महिलाओं की संख्या 586400000 दर्ज की गई थी।
2001-2011 के दौरान जनसंख्या का प्रतिशत दशकीय वृद्धि आजादी के बाद से सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश 19 करोड़ 98 लाख 12 हजार 341 की जनसंख्या के साथ सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है।
वहीं, सिक्किम 6,07,688 लोगों के साथ कम से कम आबादी वाला राज्य है। हालांकि, साल 2025 में अनौपचारिक रूप से भारत सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन गया है। साल 2023 तक भारत की जनसंख्या 143 करोड़ से अधिक दर्ज की गई थी।
किस राज्य में हैं सबसे अधिक महिलाएं
अब सवाल है कि भारत के किस राज्य में सबसे अधिक महिलाएं हैं, तो आपको बता दें कि दक्षिण भारत में स्थित केरल राज्य में सबसे अधिक महिलाएं हैं।
कितना है केरल का लिंगानुपात
साल 2011 में केरल के लिंगानुपात में प्रति 1000 पुरुषों पर 1084 महिलाएं रिकॉर्ड की गई थी। यहां एक पुरुष और एक महिला के बीच कम अंतर है। वहीं, यहां भ्रूणहत्या नहीं होती है और यहां का लिंगानुपात संतुलित रहता है। राज्य पूरी तरह से सुशिक्षित है, जिससे यहां पुरुष और महिलाओं में बेहतर संतुलन बना रहता है।
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