उत्तर प्रदेश को 76वां जिला मिलने की तैयारी, जानें कैसे बनता है नया जिला

Last Updated: Oct 30, 2025, 13:58 IST

देश के चौथे सबसे बड़े राज्य यानि कि उत्तर प्रदेश के नक्शे में हमें जल्द ही नया नाम देखने को मिल सकता है। ऐसा होने पर यूपी में कुल 76 जिले हो जाएंगे। इसके लिए नया नाम भी सोच लिया गया है। कौन-सा होगा 76वां जिला और कैसे बनता है नया जिला, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

यूपी का 76वां जिला
यूपी का 76वां जिला

उत्तर प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि 240,928 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। भारत का यह राज्य अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। साथ ही, यहां के प्रत्येक जिले की अपनी विशेषता है। हालांकि, खास बात यह है कि अब यूपी के नक्शे में एक और नए जिले का नाम जुड़ने वाला है। वर्तमान में यूपी में कुल 75 जिले हैं। नया जिला जुड़ने पर यूपी में कुल जिलों की संख्या 76 हो जाएगी। कौन-सा होगा यह जिला और किन क्षेत्रों को मिलाकर बनेगा नया जिला व कैसे होता है नए जिले का गठन, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

उत्तर प्रदेश में कुल जिले और मंडल 

उत्तर प्रदेश वर्तमान में 75 जिलों के साथ पूरे भारत में सबसे अधिक जिले वाला राज्य है। ये सभी जिले कुल 18 मंडलों में आते हैं, जिनमें कुल 351 तहसील भी शामिल हैं। वहीं, प्रदेश में 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद्. 28 विकास प्राधिकरण, 5 विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और 1 लाख से अधिक गांव शामिल हैं। 

यह होगा उत्तर प्रदेश के नए जिले का नाम

यदि उत्तर प्रदेश में नया जिला बनता है, तो नए जिले का नाम कल्याण सिंह नगर होगा। यह नाम उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर रखा जाएगा। 

आजादी के बाद थे करीब 30 जिले

भारत जब 1947 में आजाद हुआ, तो उस समय देश में जिलों की संख्या बहुत कम थी। उस समय देश में 230 जिले हुआ करते थे। वहीं, अकेले यूपी में 30 से 32 जिले हुआ करते थे। बाद में यहां समय-समय पर जिलों की संख्या में इजाफा होता गया। 

किन दो जिलों के क्षेत्रों से बनेगा नया जिला 

नया जिला कल्याण सिंह नगर, वर्तमान में मौजूद अलीगढ़ और बुलंदशहर जिलों के अतरौली-गंगीरी और डिबाई क्षेत्र को मिलाकर बनाया जाएगा। इसके लिए दोनों जिलों के जिलाधिकारियों को सीमांकन के लिए पत्र भेजा गया है। 

कैसे बनता है नया जिला 

राज्य में नया जिला बनाने की शक्ति राज्य सरकार के पास होती है। यह विधानसभा में विधेयक पारित कर या अधिसूचना जारी कर किया जा सकता है। हालांकि, इससे पहले सीमाओं का निर्धारण करना होगा और बाद में भवन, संसाधन और बजट की योजना तैयार होती है। यहां सबसे पहले जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति की जाती है। जिले में जिला मुख्यालय, जिला अस्पताल, शिक्षा सुविधा व अन्य महत्त्वपूर्ण सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाता है। 

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Oct 30, 2025, 13:58 IST

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