ये हैं भारत की पांच सबसे पुरानी ट्रेन, 100 से अधिक सालों से दे रही हैं सेवाएं
भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन भी कहा जाता है। रेलवे में प्रतिदिन करोड़ों यात्री सफर कर अपनी मंजिलों तक पहुंचते हैं। इस कड़ी में देश में विभिन्न रूटों पर ट्रेनों का संचालन किया जाता है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ देखते हुए रेलवे द्वारा नई ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत की पांच सबसे पुरानी ट्रेन कौन-सी हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। रेलवे में प्रतिदिन 13 हजार से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है, जिनमें करोड़ों यात्री सफर अपनी मंजिलों तक पहुंचते हैं। बीते कुछ वर्षों में ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है।
इसको देखते हुए रेलवे की ओर से नई ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है। हालंकि, वर्तमान में कुछ ऐसी ट्रेनें हैं, जिन्हें सबसे पुरानी ट्रेनें होने का तमगा प्राप्त है। कौन-सी हैं ये ट्रेनें और किस रूट पर होता है इन ट्रेनों का संचालन, जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें।
बांबे पूना मेल(1863)
बांबे पूना मेल, बांबे और पूना के बीच चलने वाली एक इंटरसिटी एक्स्प्रेस थी। पूर्व में इसे डक्कन क्विन एक्सप्रेस के साथ मिलकर चलाया गया था। ऐसे में लोकल यात्रियों के लिए यह प्रमुख ट्रेन रही है।
कालका मेल(1866)
कालका मेल का नाम भारत की सबसे पुरानी ट्रेनों में शामिल है। इस ट्रेन की शुरुआत 1 जनवरी, 1866 को कोलकाता से दिल्ली के लिए हुई थी। वहीं, ट्रेन को विशेष रूप से सिर्फ अंग्रेज अधिकारियों के लिए चलाया गया था।
क्योंकि, उस समय गर्मी में अंग्रेज शिमला का रूख करते थे। ऐसे में इस ट्रेन को दिल्ली तक चलाया गया। बाद में ट्रेन का विस्तार कर हरियाणा के कालका तक जोड़ा गया। उस समय इस ट्रेन को ईस्ट इंडिया रेलवे मेल के नाम से जाना जाता था। बाद में इसका नाम बदलकर कालका मेल और अब इसे नेताजी एक्सप्रेस के नाम से जाना जाता है।
ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस (1929)
यह ट्रेन भी भारत की सबसे पुरानी ट्रेनों में शामिल है। शुरुआत में इसे पेशावर से मैंगलोर तक दौड़ाया गया, जिसमें इसे कुल 104 घंटे लगे थे। बाद में इसे
काजीपेट और बल्हारशाह सेक्शन, जो कि मद्रास रूट में शामिल है, तक चलाया गया। वहीं, अब यह मेट्टूपलायम तक चलती है।
फ्रंटीयर मेल(1928)
फ्रंटीयर मेल ब्रिटिश राज में सबसे प्रमुख ट्रेनों में शामिल थी। साल 1930 में द टाइम्स ऑफ लंदन ने इस ट्रेन को ब्रिटिश राज की सबसे प्रमुख ट्रेन बताया था। यह ट्रेन मुंबई से दिल्ली के बीच चला करती थी। बाद में इस ट्रेन को गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस के नाम दिया गया।
पंजाब मेल(1912)
पंजाब मेल ब्रिटिश टाइम की सबसे तेज ट्रेनों में शामिल रही है। खास बात यह है कि यह ट्रेन आज भी ट्रैक पर दौड़ रही है। इस ट्रेन को पहली पंजाब लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। यह ट्रेन मुंबई से लेकर पंजाब के फिरोजपुर तक चलती है।
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