Search

सारस एयरक्राफ्ट: रोचक तथ्य एक नजर में

 “NAL सारस” राष्ट्रीय एयरोस्पेस अनुसंधान केन्द्र (NAL) द्वारा हल्के परिवहन विमान श्रेणी में तैयार की गई पहली भारतीय बहुउद्देशीय नागरिक विमान है। जनवरी 2016 में यह रिपोर्ट दी गई थी कि इस परियोजना को रद्द कर दिया गया है, लेकिन फरवरी 2017 में इस परियोजना को पुनर्जीवित किया गया है। इस लेख में हम “NAL सारस” के प्रमुख विशेषताओं का विवरण दे रहे हैंl
May 15, 2017 11:47 IST
facebook Iconfacebook Iconfacebook Icon

हाल ही में भारत में निर्मित पहली नागरिक विमान “सारस” के नवीनतम संस्करण ने अपनी पहली उड़ान भरी थीl देश के विभिन्न मीडिया संगठनों और टिप्पणीकारों ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया हैl  “NAL सारस” राष्ट्रीय एयरोस्पेस अनुसंधान केन्द्र (NAL) द्वारा हल्के परिवहन विमान श्रेणी में तैयार की गई पहली भारतीय बहुउद्देशीय नागरिक विमान है। जनवरी 2016 में यह रिपोर्ट दी गई थी कि इस परियोजना को रद्द कर दिया गया है, लेकिन फरवरी 2017 में इस परियोजना को पुनर्जीवित किया गया है। इस लेख में हम “NAL सारस” के प्रमुख विशेषताओं का विवरण दे रहे हैंl

saras aircraft

Image source:google images
भारत के राष्ट्रीय एयरोस्पेस अनुसंधान केन्द्र (NAL) द्वारा निर्मित 14 सीटों वाला यह विमान भारतीय वायुसेना (AIF) द्वारा उपयोग होने वाला सबसे महंगा विमान है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी कीमत इनकी संख्या बढ़ने से साथ घट जाएगीl

“NAL सारस” परियोजना की शुरूआत

पहली बार सारस परियोजना की शुरूआत 1991 में रूस के सहयोग से हुई थी, लेकिन वित्तीय संकट ने कारण रूस जल्द ही इस परियोजना से हट गया थाl 1998 में पोखरण में भारत द्वारा किए गए परमाणु परीक्षणों के बाद अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से यह परियोजना लगभग रूक गई थीl लेकिन 24 सितम्बर, 1999 को भारत सरकार द्वारा “सारस परियोजना” को मंजूरी दी गई थी और इसकी पहली उड़ान के लिए मार्च 2001 का समय निर्धारित किया गया थाl

प्रारंभिक सारस विमान की विशेषताएं

सारस विमान के प्रारंभिक डिजाइन का लक्ष्य 6,100 किलोग्राम के अधिकतम भार और 1,232 किलोग्राम के अधिकतम पेलोड के साथ उड़ान, क्रूज मिसाइल की तरह 600 किमी/घंटा से अधिक गति, छह घंटे तक उड़ान, उड़ान की अधिकतम ऊंचाई 12 किमी, उड़ान भरने और उतरने के लिए अधिकतम दूरी लगभग 600 मीटर, चढ़ाई की अधिकतम दर 12 मी/सेकेंड, केबिन का शोर लगभग 78 डीबी,  19 यात्रियों के साथ तय की दूरी 600 किमी, 14 यात्रियों के साथ तय की दूरी 1200 किमी और आठ यात्रियों के साथ तय की दूरी 2,000 किमी, माइलेज 2.5 किमी/किग्रा और परिवहन का अधिकतम खर्च ₹ 5/ किमी को प्राप्त करना थाl
सारस विमान के पहले संस्करण ने 29 मई 2004 को बंगलौर में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HIL) हवाई अड्डे से अपनी पहली उड़ान भरी थीl
राष्ट्रीय एयरोस्पेस अनुसंधान केन्द्र (NAL) ने 2013 में सारस विमान के नवीनतम संस्करण को तैयार करने के लिए जारी प्रोजेक्ट को फंडिंग के अभाव में रोक दिया थाl लेकिन फरवरी 2017 में भारत सरकार द्वारा पुनः फंड जारी करने के बाद यह प्रोजेक्ट पुनः शुरू हो चुका हैl सारस विमान के नवीनतम संस्करण का मूल्य लगभग ₹139 करोड़ हैl

सारस विमान के नवीनतम संस्करण की प्रमुख विशेषताएं निम्न हैं:

चालक दल: 3 (पायलट, सह-पायलट, फ्लाइट इंजीनियर)
क्षमता: 14 यात्री
लंबाई: 15.02 मीटर (49.28 फीट)
पंख का फैलाव: 14.70 मीटर (48.23 फीट)
ऊँचाई: 5.20 मीटर (17.06 फीट)
भार: 1,232 किलो (2,710 पाउंड)
अधिकत्तम टेकऑफ वजन: 7,100 किग्रा (15,653 पाउंड)
अधिकतम गति: 550 किमी / घंटा
क्रूज गति: 520 किमी / घंटा (280 समुद्री मील)
तय की जाने वाली दूरी की अधिकतम सीमा: 1627 किमी (45 मिनट के भंडार के साथ)
अधिकत्तम ऊंचाई: 9,144 मीटर (30,000 फीट)
चढ़ाई की दर: 610 मी / मिनट (2000 फूट / मिनट)
टेकऑफ दूरी: 670 मीटर (2,200 फुट)
लैंडिंग दूरी: 900 मीटर (2,950 फीट)
एक बार में उड़ान: 4 घंटे 45 मिनट

मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट से भारत को क्या फायदे होंगे?