वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते दिनों आम बजट पेश किया है। इस बजट में आम आदमी का ध्यान रखते हुए टैक्स स्लैब में छूट दी गई है। नई टैक्स रिजीम के तहत यदि किसी व्यक्ति की आय 12 लाख रुपये है, तो उसे अब टैक्स देने की जरूरत नहीं है। इतनी इनकम पर 60 हजार से अधिक का टैक्स लगता था।
ऐसे में अब इतना टैक्स भरने की जरूरत नहीं है। हालांकि, आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में एक राज्य ऐसा भी है, जहां टैक्स नहीं लगता है। कौन-सा है यह राज्य, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
पहले कितनी कमाई पर लगता था टैक्स
नई टैक्स रिजीम से पहले पुराने टैक्स स्लैब के तहत सात लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता था। यदि कोई व्यक्ति 7 लाख रुपये से अधिक कमाई करता था, तो उस पर अलग-अलग दर से हिसाब टैक्स लिया जाता था।
किस राज्य में नहीं लगता टैक्स
अब सवाल है कि आखिर भारत के किस राज्य में टैक्स नहीं लगता है, तो आपको बता दें कि पूर्वोत्तर में स्थित सिक्किम राज्य में टैक्स नहीं लगता है।
क्यों नहीं लगता है टैक्स
भारत में मई, 1975 में सिक्किम राज्य का भारत के साथ विलय किया गया। इससे पहले यह अलग राज्य हुआ करता था। साथ ही, यहां की अपनी कर व्यवस्था थी। ऐसे में यह भारत के आयकर अधिनियम के तहत नहीं आता था।
इस वजह से जब सिक्किम राज्य का भारत में विलय किया गया, तो वहां के लोगों को यह आश्वासन दिया गया कि सिक्किम के लोगों के लिए पुरानी कर व्यवस्था लागू रहेगी। इस वजह से यहां के लोगों पर टैक्स नहीं लगता है।
किस अधिनियम के तहत मिलती है छूट
भारत में सिक्किम राज्य के लोगों को आयकर अधिनियम की धारा 10(26AAA) के तहत छूट मिली हुई है। इसमें सिक्किम राज्य के वे लोग शामिल हैं, जो सिक्किम के भारत में विलय से पहले यहां रहे थे। वहीं, ये वे लोग हैं, जिनकी आय सिक्किम से होती है, जिसमें व्यापार, नौकरी, ब्याज व कमाई के अन्य साधन शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मामला
असोसिएशन ऑफ ओल्ड सेटलर्स ऑफ सिक्किम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 1975 से पहले रह रहे लोगों को आयकर में छूट मिलनी चाहिए। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर आयकर छूट का फैसला दिया था।
Comments
All Comments (0)
Join the conversation