किस राज्य को ‘दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार’ कहा जाता है, जानें नाम

Last Updated: Jan 2, 2026, 13:06 IST

भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अपनी विशेषता है। देश में पूर्व से लेकर पश्चिम और उत्तर से लेकर दक्षिण तक अलग-अलग राज्य मौजूद हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में कौन-सा राज्य दक्षिण का प्रवेश द्वार कहलाता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

दक्षिण का प्रवेश द्वार
दक्षिण का प्रवेश द्वार

भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है। यहां की सांस्कृतिक विरासत और अनूठी परंपराएं इसे अन्य देशों से अलग बनाती हैं। देश में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अपनी विशेषताएं हैं, जो कि इनकी भौगिलिक स्थिति पर भी निर्भर करती हैं।

पूर्व से लकेर पश्चिम और उत्तर से लेकर दक्षिण तक भारत में अलग-अलग राज्य और केंद्र शासित प्रदेश मौजूद हैं। आपने भारत के अलग-अलग राज्यों के बारे में पढ़ा और सुना ही होगा। हालांकि, क्या आप भारत के उस राज्य के बारे में जानते हैं, जिसे दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। कौन-सा है यह राज्य, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

क्यों खास है दक्षिण भारत 

सबसे पहले हम दक्षिण भारत के बारे में जान लेते हैं। दक्षिण भारत अपने समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और अनूठी द्रविड़ कला के लिए जाना जाता है। यहां कुल 5 राज्य और 2 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इसके अतिरिक्त यहां 2 पर्वत श्रृंखलाएं हैं, जिनमें पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट शामिल है। भारत का इतना हिस्सा दक्षिण में अरब सागर, पूर्व में बंगाल की खाड़ी और दक्षिण में हिंद महासागर से घिरा हुआ है। भारत में सबसे पुराने मंदिर दक्षिण भारत में ही पाए जाते हैं।  

किस राज्य को ‘दक्षिण का प्रवेश द्वार’ कहा जाता है

अब सवाल है कि दक्षिण के किस राज्य को ‘दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार’ कहा जाता है। आपको बता दें कि यह तमिलनाडू है। इसे अक्सर दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार कहा जाता है। दरअसल, यहां चेन्नई शहर है, जिसे मुख्य रूप से दक्षिण के प्रवेश द्वार की उपाधि मिली हुई है। 

क्यों कहा जाता है ‘दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार’

तमिलनाडू को ‘दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार’ कहे जाने के पीछे अलग-अलग कारण हैं, जो कि इस प्रकार हैंः

मद्रास बंदरगाह

मद्रास बंदरगाह यहां सबसे पुराने बंदरगाहों में शामिल है। अंग्रेजों के समय में यह बंदरगाह दक्षिण भारत में प्रवेश करने के लिए सबसे मुख्य बंदरगाह हुआ करता था। वहीं, उस समय इसी बंदरगाह से अधिक व्यापार होता था। आज भी इस बंदरगाह का उतना ही महत्त्व है। व्यापारिक रूप से आज भी यह उपयोग में है और यहां से अंतरराष्ट्रीय व्यापार किया जाता है।

सांस्कृतिक केंद्र

तमिलनाडू दक्षिण भारत की संस्कृति का केंद्र माना जाता है। यहां भरतनाट्यम और द्रविड़ कला का मुख्य केंद्र है। इस वजह से तमिलनाडू को दक्षिण की कला का संरक्षक भी कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को दक्षिण भारत के बारे में समझना है, तो उसे तमिलनाडू से ही शुरुआत करनी चाहिए।

औद्योगिक केंद्र

तमिलनाडू दक्षिण भारत मे औद्योगिक केंद्र के रूप में भी स्थापित है। यहां बड़ी संख्या में ऑटोमोबाइल सेक्टर में वाहनों का निर्माण किया जाता है, जिस वजह से इसे ‘डेट्रॉएट ऑफ इंडिया’ भी कहा जाता है।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Jan 2, 2026, 13:06 IST

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