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चिकन पॉक्स को भारत में माता क्यों कहा जाता है?

चेचक मानवों में होने वाला एक प्रमुख रोग है. यह रोग मुख्य रूप से छोटे बच्चों को होता है, लेकिन कई बार वयस्क भी इस रोग से ग्रसित हो जाते हैं. भारत में चेचक को माता के नाम से भी जाना जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि चेचक को भारत में माता क्यों कहा जाता है? यदि आप इस प्रश्न के उत्तर से अनभिज्ञ हैं तो इस लेख को पढ़ने के बाद अवश्य जान जाएंगे.
Dec 19, 2017 16:34 IST
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Sheetla Mata
Sheetla Mata

चेचक मानवों में होने वाला एक प्रमुख रोग है. यह रोग मुख्य रूप से छोटे बच्चों को होता है, लेकिन कई बार वयस्क भी इस रोग से ग्रसित हो जाते हैं. यह रोग जब किसी व्यक्ति को होता है, तब इसे ठीक होने में 10 से 15 दिन लग जाते हैं. किंतु रोग के कारण चेहरे आदि पर जो दाग़ पड़ जाते हैं, उन्हें ठीक होने में लगभग पाँच या छ: महीने का समय लग जाता है. यह रोग अधिकतर बसन्त ऋतु या फिर ग्रीष्म काल में होता है. यदि इस रोग का उपचार जल्दी ही न किया जाए तो रोग से पीड़ित व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है. भारत में चेचक को माता के नाम से भी जाना जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि चेचक को भारत में माता क्यों कहा जाता है? यदि आप इस प्रश्न के उत्तर से अनभिज्ञ हैं तो इस लेख को पढ़ने के बाद अवश्य जान जाएंगे.
वास्तव में भारत में “चिकनपॉक्स” या “चेचक” की बीमारी को “माता” कहे जाने के पीछे कई भ्रांतिया और किंवदंतिया हैं, जो पूरे देश में प्रचलित है. ताज्जुब की बात यह है कि कई पढ़े-लिखे लोग भी “चिकनपॉक्स” या “चेचक” को “माता” ही बोलते हैं. भारत में “चेचक” की बीमारी को माता शीतला से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए इस बीमारी को माता कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि शीतला माता हमारे शरीर को शीतलता प्रदान करती है. शीतला माता को अद्भुत शक्तियों वाली देवी माना जाता है. कहते हैं कि शीतला माता के एक हाथ में झाड़ू और दूसरे हाथ में पवित्र जल का पात्र होता है. इसी झाड़ू से माता रोग देती है और उचित पूजा और सफाई रखने पर पवित्र जल से बीमारी को हर लेती हैं. शास्त्रों में शीतला माता को दुर्गा का ही एक प्रादुर्भाव माना गया है.

शीतला माता की पूजा की विधि

शीतला माता के कोप से बचने के लिए शीतला अष्टमी भी मनाई जाती है. इस दिन घरों में गरम खाना नहीं पकाया जाता है और लोग माता की पूजा करने के उपरांत एक दिन पहले का बासी खाना ही खाते है. इस प्रकार माता उन पर प्रसन्न हो कर उनके घर को बीमारियों से दूर रखती है.

“चेचक” का कारण

हम सभी ये जानते हैं कि चिकन पॉक्स या चेचक विषाणु से फैलने वाली एक बीमारी है जो सीधे 'हाइजीन' से जुड़ी हुई है. लेकिन भारत में इसे माता की ओर से सजा माना जाता है. जिसके कारण इस रोग से ग्रसित मरीज को किसी तरह की दवाइयां देना वर्जित माना जाता है और सिर्फ नीम की डालियां ही एकमात्र उपाय समझा जाता है. नीम की डालियों को मरीज के सिरहाने रखकर इस बीमारी के ठीक होने का इंतज़ार किया जाता है.
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