जैसे की हम जानते हैं कि समय के साथ साथ हर चीज बदल रही है और इस बदलते हुए जमाने में जो परिवर्तन आ रहा हैं, यदि हमने अपने आपको उसके अनुसार नहीं बदला तो हमारे लिए बहुत मुसीबत हो जाएगी |
अगर हम कुछ बड़े शहरों को छोड़ दे तो हर जगह एक ही तरह की धारणा है की पढने के बाद मेरा बच्चा/बच्ची IAS/PCS/डॉक्टर या इंजिनियर बनेगा | हमको इस बात का ज्ञान नही है कि इन सब कोर्सेस के आलावा और बहुत सारे कोर्सेस बाजार में आ चुके है जो हमारे बच्चों के लिए बड़े फायदेमंद हो सकते है और इनको करने के बाद वो जिन्दगी में अच्छे मुकाम पर पहुंच सकते है |
जाने ये बातें यदि आप भी बनना चाहते है डॉक्टर
इस लेख में कुछ महत्वपूर्ण कोर्सेस के बारे में बात करेंगे जो कि नये जमाने के कोर्सेस है |
1. पब्लिक रिलेशन(PR) में है अच्छा स्कोप:
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आज के दौर में दुनिया के बदलते परिदृश्य को देखते हुए सुनियोजित और प्रभावकारी ढंग से संचालित कंपनी, संगठन और यहां तक कि प्रोडक्ट या किसी व्यक्ति की छवि या सफलता को जनता में सुधारना और उसे बेहतर तरीके से प्रेजेंट करना पब्लिक रिलेशन (जनसंपर्क) कहलाता है.
आप मास कम्युनिकेशन, पब्लिक रिलेशन, मैनेजमेंट आदि में कोर्स करने के बाद पब्लिक रिलेशन के क्षेत्र में कदम रख सकते है । कुछ समय के अनुभव के बाद आप बड़ी कंपनियों के पब्लिक रिलेशन, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, कॉर्पोरेट अफेयर्स या एक्सटर्नल अफेयर्स डिपार्टमेंट में स्वतंत्र रूप से पब्लिक रिलेशन कंसलटेंट का काम कर सकते हैं।
2. सेलेब्रिटी मैनेजमेंट में कर सकते है मोटी कमाई:
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टीवी व सिनेमा जगत के सितारे हों या मशहूर खिलाड़ी या राजनेता, ये कुछ ख़ास लोग होते है जिनके इर्द-गिर्द उनके चाहने वालों का जमावड़ा होता है. ऐसे में सेलेब्रिटीज का टाइम मैनेजमेंट संभालने के लिए कुछ खास लोगों की जरूरत होती है जो सेलेब्रिटी के दिनभर के प्रोग्राम को मैनेज करते है | आप इस प्रोफेशन में काम करते हुए मोटी कमाई कर सकते हैं |
3. वेटरिनरी साइंस या पशु चिकित्सा विज्ञान भी है अनमोल:
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वेटरिनरी साइंस या पशु चिकित्सा विज्ञान, यह साइंस पशु और पक्षियों में अलग-अलग तरह की बीमारियों को पहचानने और उसके ट्रीटमेंट से जुडी है. इस कोर्स को करने के बाद सरकारी और गैर-सरकारी पशु हॉस्पिटल में डॉक्टर के अलावा एनिमल रिसर्च सेंटर, डेरी फार्म, शिक्षण संस्थान और फार्मास्यूटिकल कंपनियों में नियुक्ति के अवसर होते हैं. इसके अलावा, इसके स्पेशलिस्ट प्राइवेट क्लीनिक चलाकर भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. कई देशों में इस फील्ड में रिसर्च करने पर फेलोशिप भी प्राप्त होती हैं, और कोर्स को कम्पलीट करने के बाद उसी देश में ही अच्छे वेतन और सुविधा पर कार्य करने के अवसर उपलब्ध होते हैं.
4. फूड फोटोग्राफी और स्टाइलिंग भी हैं इंट्रेस्टिंग:
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इस कोर्स में फूड स्टाइलिंग के लिए प्लेट के डिजाइन, सही लाइटिंग, खाद्य पदार्थों की फोटोग्राफी आदि के बुनियादी और मुख्य सिद्धांत सिखाए जाते हैं.
बारहवीं के बाद क्या हो सकते हैं शानदार करियर ?
आजकल जैसे हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री में तेजी से इंटरनेशनल रेस्तरां श्रृंखलाओं का स्वागत हो रहा है और देशी रेस्तरां भी सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं, उसे देखते हुए यह कोर्स प्रशिक्षित फूड फोटोग्राफरों और स्टाइलिस्टों के लिए काम के बेहतरीन अवसर उपलब्ध करा सकता है. यह तीन दिन का कोर्स है और इसके लिए किसी शैक्षिक योग्यता की जरूरत नहीं है.
5. फॉरेन लैंग्वेज सीख कर बने स्मार्ट:
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यदि आपकी कम्युनिकेशन स्किल इंप्रेसिव है और आपको अलग-अलग लैंग्वेज सीखने में दिलचस्पी है, तो आप फॉरेन लैंग्वेज में कोर्स करके एक अच्छा करियर बना सकते है । ग्लोबलाइजेशन के कारण इस फील्ड में अपार संभावनाएं उत्पन्न हुई हैं। इसलिए फॉरेन लैंग्वेज एक्सपर्ट, खासकर फ्रेंच, जर्मन, रशियन, जापानी, चाइनीज आदि टूरिस्ट गाइड बनकर मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी तथा स्कूलों में शिक्षक के पदों पर अच्छी सैलरी पा सकते हैं |
6. न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स में है अच्छा करियर:
एक अनुमान के मुताबिक भारत में 60% लोग मधुमेह रोग से ग्रसित है तथा जीवन की व्यस्तता में हम अपनी सही हेल्थ को लेकर जागरूक नही होते है. मधुमेह के रोग में मरीज को अपने खान-पान पर सबसे ज्यादा ध्यान देना होता हैं ऐसी हालत में एक डाइटेटिक्स आपको काफी मदद कर सकता हैं. इस कोर्स को करने के बाद आप प्राइवेट और सरकारी स्तर पर नौकरी पा सकते है. उदाहरण के लिए हेल्थ सेंटर, स्कूल, हॉस्पिटल, स्पोर्ट्स क्लब, एनजीओ और जिम में न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स के रूप में नौकरी के अवसर मौजूद हैं.
7. डेयरी टेक्नोलॉजी में है भारत का भावी भविष्य:
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पिछले 5 सालों में करीब दूध व्यापार में एक क्रांति स्टार्ट हुई है | इसका सीधे तौर पर किसानों और दूध डेयरी मालिकों को फायदा हुआ है | हम इस फील्ड की उपयोगिता इस बात से लगा सकते हैं कि भारत अमेरिका के बाद दूध उत्पादन करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है अत: इस फील्ड में करियर बनाने के लिए संभानाएं बढ़ गईं हैं. डेयरी टेक्नोलॉजी के माध्यम से गाँव में किसान भी एक व्यवस्थित जीवन जीने की ओर प्रयासरत है |
डेयरी टेक्नोलॉजी के एक्सपर्ट्स मुख्य रूप से दूध उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट, डिस्ट्रीब्यूशन आदि को सुचारू रूप से देखना होता है.
यूपी बोर्ड छात्रों के लिए 2016-2017 का स्टडी प्लान
आजकल डेयरी उद्योग को और भी अधिक इंटेलीजेंट बनाने के लिए सरकार ने डेयरी टैक्नोलॉजी में बी.टेक., बी.एससी., एम.टेक, एम.एससी. और पी.एचडी. आदि प्रोग्राम के प्रति जागरूकता उत्पन्न की है |
8. नैनो-टेक्नोलॉजी में बना सकते है शानदार करियर:
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ग्लोबल इनफॉर्मेशन इंक की रिसर्च के मुताबिक, 2018 तक नैनो टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के 3.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. नैस्कॉम के मुताबिक 2015 तक इसका कारोबार 180 अरब डॉलर से बढ़कर 890 अरब डॉलर हो जाएगा. ऐसे में इस फील्ड में 10 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी. 12वीं के बाद नैनो टेक्नोलॉजी में बीएससी या बीटेक और उसके बाद इसी सब्जेक्ट में एमएससी या एमटेक करके इस क्षेत्र में शानदार करियर बनाया जा सकता है
9. इनवायर्नमेंटल साइंस द्वारा पर्यावरण के प्रति जागरूकता:
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इस स्ट्रीम में पर्यावरण पर इंसानी गतिविधियों से होने वाले असर का अध्ययन किया जाता है. इसके तहत इकोलॉजी, डिजास्टर मैनेजमेंट, वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट, पॉल्यूशन कंट्रोल जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं. इन सभी सब्जेक्ट्स में एनजीओ और यूएनओ के प्रोजेक्ट्स बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में जॉब की अच्छी संभावनाएं हैं.
10. मेडिकल लैब टेक्निशियन के द्वारा लैब रिसर्च:
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मेडिकल लैब टेक्निशियन, फिजिशियन के हेल्पर के रूप में काम करते है | इस फील्ड में डायग्नोसिस, ट्रीटमेंट और बीमारी को क्लिनिकल लेबोरेट्री टेस्ट की मदद से दूर किया जाता है. दरअसल मेडिकल लैब टेक्निशियन किसी बीमारी की रोकथाम के लिए फिजिशियन की मदद करते हैं. लैब टेक्निशियन की ओर से किया गया टेस्ट बीमारी को पहचानने से लेकर उसके इलाज तक में सहायता पहुंचाता है. मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट (MLT) द्वारा बॉडी फ्लूड्स, टीसू, बल्ड टाइपिंग, माइक्रोऑर्गेनिज्म स्क्रिनिंग, केमिकल एनालिसिस तथा ह्यूमन बॉडी काउंट टेस्ट किये जाते हैं और उसका विश्लेषण भी किया जाता हैं. ये सैंपलिंग, टेस्टिंग, रिपोर्टिंग और डॉक्यूमेंटेशन करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.
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