सिर्फ टैलेंट और एक्सपीरियंस ही नहीं, ये 5 सॉफ्ट स्किल्स भी है जरुरी नौकरी में स्थायित्व के लिए

Oct 12, 2017, 12:51 IST

बढ़ती स्पर्धा के दौर में आजकल एक जॉब ही बड़ी मुश्किल से मिल पाती है. जब जॉब मिल जाती है तो उसमें स्थायित्व लाना भी एक बड़ी चुनौती होती है.

बढ़ती स्पर्धा के दौर में आजकल एक जॉब ही बड़ी मुश्किल से मिल पाती है. जब जॉब मिल जाती है तो उसमें स्थायित्व लाना भी एक बड़ी चुनौती होती है. नौकरी में बने रहने के लिए भी बहुत सारी चीजों का ध्यान रखना आवश्यक होता है. जॉब में प्रमोशन हासिल करने के लिए या फिर एक टीम को लीड करने के लिए सिर्फ एक्सपीरियंस और हाई-टेक्नीकल स्किल्स से ही काम नहीं चलता. इसके लिए कुछ अन्य क्वालिटीज की आवश्यक्ता होती है.

हालांकि ये सभी क्वालीटीज प्रोफेशनल सक्सेसज के लिए बहुत जरुरी होती हैं, लेकिन अगर आप करियर में कुछ अच्छा करना चाहते हैं,तो इसके लिए आपके पास सॉफ्ट स्किल्स की भी जानकारी होनी चाहिए. इन सॉफ्ट स्किल्स को पीपल स्किल्स भी कहा जाता है. अतः प्रोफेशनल लाइफ में विकास तथा नौकरी में स्थायित्व के लिए निम्नांकित स्किल्स की जानकारी अवश्य होनी चाहिए-

अनुसंधान

इस संसार में हर किसी को हर बात पता नहीं होती है. अर्थात ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसे हर चीज पता हो. हर किसी की अपनी विशेषज्ञता होती है,कोई किसी क्षेत्र का माहिर होता है तो कोई किसी अन्य क्षेत्र का. लेकिन प्रोफेशनल जगत में सफलता हासिल करने के लिए आपको जॉब से सबंधित अधिकांश बातें पता होनी चाहिए. अक्सर ऐसा देखने में आता है कि ज्यादातर लोगों को अपनी फील्ड से जुड़ी हर एक चीज पता नहीं होती है. लेकिन इसके लिए चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है. जब भी काम में या फिर कहीं पर भी आपके सामने कोई ऐसी चीज आए जिसके बारे में आप न जानते हों, तो इसके लिए आप तत्काल  इंटरनेट की सहायता ले सकते हैं. इससे आप सबंधित विषय में थोड़ा बहुत जानकारी तो अवश्य हासिल कर लेंगे. इससे आप कुछ नया सीख पाएंगे एवं इससे ऑफिस में आपकी इमेज भी सही बनी रहेगी. व्यक्ति को हमेशा किसी न किसी चीज को लेकर रिसर्च करते रहना चाहिए. इससे व्यक्ति के लर्निंग क्वालिटी में सुधार होता है.

दूसरों को सुनने की आदत का विकास

ज्यादतर मामलों में हम देखते हैं कि ऑफिस में कर्मचारी दूसरों की बातों को सुनने की बजाय उन्हें अपनी ही बातें सुनाने में रूचि रखते हैं. एक अच्छा वक्ता बनने की बजाय एक अच्छा श्रोता बनें. आप जब ऑफिस की किसी मीटिंग में बैठें हों,तो आपको वहां मौजूद हर एक व्यक्ति की बात को ध्यान से सुनना चाहिए, क्योंकि एक अच्छा वक्ता बनने के लिए आपको पहले एक अच्छा श्रोता भी बनना होगा. अगर आप किसी टीम को लीड करना चाहते हैं तो उसके लिए अपने सहकर्मियों की विचार धारा को भी बहुत अच्छे तरीके से जानना होगा  क्योंकि उनके विचारों को जाने बिना आपको फैसले लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. इतना ही नहीं अपनी इस क्वालिटी से आप अपने सहकर्मियों के लिए एक सौहार्दपूर्ण और खुला वातावरण का निर्माण कर सकते हैं, जो आपको और आपके सहकर्मियों दोनों के लिए लाभदायी होगा.

सबके प्रति सही आचरण 

यह बात तो सभी को पता है कि मधुर बोलनेवाला तथा सबके साथ अच्छा व्यवहार करने वाला व्यक्ति सभी को प्रिय होता है.अगर आपको पिपल स्किल्स में महारथ हासिल करना है तो इसके लिए आपको सबसे पहले अपने अन्दर विनम्रता का गुण लाना होगा. विपरीत परिस्थितियों में भी हमेशा पोलाईट बने रहने की कला का विकास अपने अंदर करना होगा.

अपने कार्यालय में हर किसी के साथ यहां तक कि एक गेटकीपर से लेकर कंपनी के विशेष अधिकारियों के साथ आपका व्यवहार मित्रवत तथा विनम्रतापूर्ण होना चाहिए. प्रोफेशनल लाइफ में काम के बढ़ते प्रेशर या टारगेट समय पर पूरा नहीं कर पाने की स्थिति में लोग अपने सहकर्मियों पर झल्लाते हैं तथा कभी कभी गलती वश उनसे बुरा व्यवहार भी करते हैं. यदि आप चाहते हैं कि आपके ऑफिस में आपकी इमेज एक रिस्पेक्टेड कर्मचारी के रूप में बनी रहे तो आप हर परिस्थिति में मुस्कुराकर जवाब देने की कला का विकास अपने अन्दर कर लें. पीपल मैनेजमेंट का सबसे बड़ा फंडा है ये. 

दूसरों को कनविंस करने की कला में प्रवीणता

व्यावसायिक जगत में आगे बढ़ने के लिए सबसे जरुरी स्किल है अपने इर्द गिर्द सभी लोगों को अपने विचारों से सहमत कराना. इसके लिए आपको सामने वाले की प्रवृति जानने के साथ साथ उसे इम्प्रेस कर अपनी बात मनवाने की कला आनी चाहिए तभी आप सफल हो पाएंगे अन्यथा सारी चीजें धरी की धरी रह जाएंगी.अगर आप अपने किसी प्रोजेक्ट, आइडिया या फिर किसी सर्विस का प्रमोशन करना चाहते हैं,तो उस दौरान आपकी यह क्वालिटी ही बहुत काम आती है.

हमेशा प्रसन्न रहना

यह बात तो जगजाहिर है कि हँसता मुस्कराता चेहरा सबको पसंद आता है जबकि उदास और चिंतित बैठे लोगों के पास जाना बहुत कम ही लोग या यूँ कहें न के बराबर लोग ही पसंद करते हैं. चेहरे पर स्माइल आपकी पर्सनालिटी पर चार चाँद लगाता है.इसके अतिरिक्त प्रसन्नचित रहना तनाव को ख़त्म करने की सबसे सरल प्रक्रिया है. इसलिए ऑफिस टेंशन और तनाव को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है 'हंसना'. अगर आप अपने साथियों के पास दो मिनट बैठकर उनके तनाव को दूर कर सकते हैं, तो ये आपकी बहुत बड़ी उपलब्धि होगी जिसका सकारात्मक परिणाम आपको भविष्य में अवश्य मिलेगा.यदि आप मीटिंग के माहौल में भी थोड़ी बहुत हंसी-मजाक कर पाते हैं, तो इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि वहां मौजूद सभी लोग आपकी बात बहुत आसानी से सुगमता पूर्वक समझ सकेंगे.

अतः नौकरी में स्थायित्व तथा प्रोफेशनल जगत में अपने समुचित विकास के लिए पीपल मैनेजमेंट के इन स्किल्स को अपने अंदर जरुर आत्मसात करें.

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