एंट्रेंस एग्जाम्स के मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन्स सॉल्व करने के कारगर तरीके जानिये यहां

अगर आप स्पीड और एक्यूरेसी से मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन्स सॉल्व करने का तरीका और तकनीक जानते हैं तो कोई भी एंट्रेंस एग्जाम या जॉब के लिए रिटन एग्जाम पास करने में आपको अवश्य सफलता मिलेगी.

Created On: Dec 23, 2020 19:04 IST
Some Tips to Solve MCQs and Crack Entrance Exams
Some Tips to Solve MCQs and Crack Entrance Exams

आजकल भारत सहित पूरी दुनिया में अधिकतर स्कूलों, कॉलेजों या यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लेने के लिए अधिकतर एंट्रेंस एग्जाम्स और कई जॉब्स के लिए रिटन टेस्ट में मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन्स (MCQs) में सही उत्तर स्टूडेंट्स और जॉब कैंडिडेट्स को मार्क करना होता है. इन MCQs को ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चन्स भी कहा जाता है. अगर आपने भी अभी तक कोई MCQ आधारित एंट्रेंस एग्जाम दिया है तो इनके बारे में आपको बहुत अच्छी जानकारी जरुर होगी लेकिन, अगर अभी तक आपने इस तरह का कोई एग्जाम नहीं दिया है तो फिर, आपके लिए कोई भी एंट्रेंस एग्जाम्स पास करने के लिए जरुरी जानकारी हासिल करने के साथ ही इन MCQs को सॉल्व करने के बारे में आपके पास सटीक जानकारी होनी चाहिए ताकि आप अपनी हायर एजुकेशन या जॉब पाने के लिए अपने किसी भी MCQ आधारित  एग्जाम में सफल हो सकें.  

एंट्रेंस एग्जाम पास करने के लिए इन टिप्स को जरुर करें फ़ॉलो

किसी स्कूल बोर्ड एग्जाम की तुलना में एंट्रेंस एग्जाम्स पास करने के लिए स्टूडेंट्स या जॉब सीकर कैंडिडेट्स को बिलकुल अलग तरीके से तैयारी करनी पड़ती है. किसी एंट्रेंस एग्जाम को पास करने के लिए आपको पूरी लगन से मेहनत करनी पड़ती है. किसी एंट्रेंस एग्जाम को पास करने के लिए आप को सैंपल टेस्ट्स से प्रैक्टिस, रिवीजन टेस्ट्स के साथ ही फीडबैक पर भी ध्यान देना होगा. विभिन्न किस्म के एंट्रेंस एग्जाम्स पास करने के लिए आपको निम्नलिखित महत्वपूर्ण टिप्स को फॉलो करना चाहिए:

  • एंट्रेंस एग्जाम्स की तैयारी करने के लिए एक स्टडी स्ट्रेटेजी तैयार करें.
  • आपको अपनी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल करना सीखना चाहिए.
  • आपको उन टॉपिक्स या स्टडी एरियाज की पहचान करनी होगी जहां आपको ज्यादा तैयारी की जरूरत है.
  • आप प्रैक्टिस टेस्ट के दौरान अपने तौर-तरीके फॉलो कर सकते हैं.
  • मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन्स में महारत प्राप्त करें.
  • सभी एंट्रेंस एग्जाम्स के दौरान टाइम मैनेजमेंट सबसे महत्वपूर्ण स्किल है.
  • टाइम मैनेजमेंट के लिए आप केवल जरुरी चीजों पर ही अपना फोकस रखना सीखें.
  • सभी बेसिक कॉन्सेप्ट्स को अच्छी तरह रिवाइज कर लें क्योंकि प्रश्न तो हरेक एग्जाम में बदलते रहते हैं लेकिन कॉन्सेप्ट वही रहते हैं.
  • किसी भी टॉपिक के अधिक से अधिक क्वेश्चन्स आइडेंटिफाई करके अटेम्पट करने की कोशिश करें.
  • जो एंट्रेंस एग्जाम अभी आपने देना है, उसके मार्किंग पैटर्न को समझें.
  • अगर आपके एंट्रेंस एग्जाम में नेगेटिव मार्किंग की जाएगी तो किसी भी क्वेश्चन का गलत आंसर मार्क करने के बजाय उस क्वेश्चन का आंसर ही न दें.

मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन्स (MCQs) का परिचय

दरअसल, मल्टीपल च्वाइस या ओबेज्क्टिव रिस्पोंस एक ऐसा तरीका है जिसमें एग्जामिनी को कई च्वाइसेज में से सही विकल्प या ऑप्शन चुनना होता है. एमसीक्यू की फुल फॉर्म – मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन है. किसी एमसीक्यू के लिए कैंडिडेट्स को 4 या 4 से अधिक ऑप्शन्स में से क्वेश्चन का सही आंसर चुनना होता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसी भी पूछे गए प्रश्न का लंबा आंसर लिखने के बजाय कैंडिडेट्स एमसीक्यू के साथ दिए गए विभिन्न ऑप्शन्स में से सही ऑप्शन को मार्क कर देते हैं और इस वजह से काफी कम समय में एग्जामिनर उनकी नॉलेज, रीजनिंग स्किल्स आदि की परख कर लेते हैं.

मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चनेयर के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी

मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चनेयर में एग्जाम और सब्जेक्ट की जरूरत के मुताबिक 50, 100, 120, 150 और 200 क्वेश्चन्स या उससे भी अधिक क्वेश्चन्स दिए जाते हैं जिनके साथ दिए गए 4 या अधिक ऑप्शन्स में से एग्जामिनी को सही ऑप्शन को आंसर के तौर पर मार्क करना होता है. असल में मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन के 2 हिस्से होते हैं जैसेकि, पहला हिस्सा “स्टेम” कहलाता है जिसमें क्वेश्चन या प्रॉब्लम का विवरण दिया जाता है. एमसीक्यू के दूसरे हिस्से में उस क्वेश्चन के नीचे उस क्वेश्चन से संबद्ध 4 या 4 से अधिक ऑप्शन्स दिए जाते हैं जिनमें से एग्जामिनी को एक सही आंसर ऑप्शन चुनना होता है. अन्य सभी ऑप्शन्स उस क्वेश्चन के गलत आंसर्स या डिस्ट्रेक्टर्स होते हैं जो सही आंसर के आस-पास के अनुमान तो होते हैं पर गलत आंसर्स ही होते हैं.

मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन्स के एक से अधिक आंसर्स सही होने पर क्या करें? 

जी हां! यह बिलकुल सही है कि मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन्स के एक से अधिक आंसर्स सही हो सकते हैं. लेकिन अगर किसी एमसीक्यू के एक से अधिक सही आंसर ऑप्शन्स हैं तो ऐसे प्रश्नों को पूछने और उनके ऑप्शन्स प्रस्तुत करने का तरीका भी थोड़ा अलग होता है.

मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन्स के आंसर देने के लिए आजमायें ये कारगर तरीके

आजकल तकरीबन सभी किस्म के एग्जाम्स में एमसीक्यू शामिल होते हैं इसलिए एमसीक्यू को पास करने के लिए आपकी सहूलियत के लिए हम यहां कुछ जरुरी टिप्स और स्ट्रेटेजीज यहां पेश कर रहे हैं:

  • पूरा क्वेश्चन पढ़ें

आप सबसे पहले पूरा क्वेश्चन ध्यान से पढ़ें और फिर उस क्वेश्चन के आंसर ऑप्शन्स पढ़ें. स्टूडेंट्स या एग्जामिनीज अक्सर आधा क्वेश्चन पढ़कर या फिर सरसरी तौर पर क्वेश्चन पढ़कर उसका आंसर मार्क कर देते हैं और इस जल्दबाजी के कारण कई बार गलत आंसर मार्क कर देते हैं. इसलिए, पूरे क्वेश्चन को अच्छी तरह पढ़कर ही अपना आंसर मार्क करें.

  • हरेक आंसर ऑप्शन को जरुर पढ़ें

एमसीक्यू का आंसर देने से पहले एक बार उस क्वेश्चन के सभी आंसर ऑप्शन्स को एक बार पढ़ें जरुर. अक्सर सभी एमसीक्यूज में एक सही आंसर के साथ ही एक बेस्ट आंसर ऑप्शन भी दिया गया होता है और आप सभी आंसर ऑप्शन्स पढ़े बिना जल्दी में बेस्ट आंसर को भी जल्दबाजी में सही आंसर के तौर पर मार्क कर सकते हैं.

  • क्वेश्चन का आंसर पहले अपने दिमाग में सोचें

किसी एमसीक्यू को पढ़कर ही पहले उसका आंसर अपने दिमाग में सोच लें क्योंकि ऐसा करने पर आपको उस क्वेश्चन का आंसर सेलेक्ट करने में जरूरत से ज्यादा समय नहीं लगेगा.

  • सोच-समझ कर आंसर्स का अनुमान लगायें

जिन एमसीक्यूज के आंसर्स आपको नहीं आते हैं, उन क्वेश्चन्स के आंसर अच्छी तरह सोच-विचार कर ही मार्क करने. ऐसा करने पर बहुत बार आपको सही आंसर का अनुमान लग जाता है.

  • गलत आंसर्स को हटा दें

एमसीक्यू का फाइनल आंसर सेलेक्ट करने से पहले उस क्वेश्चन के बिलकुल गलत आंसर्स को हटा दें और फिर बचे हुए आंसर्स में से सही आंसर चुनें. ऐसा करने से आपका समय भी बच जाएगा.

  • ज्यादा इनफॉर्मेशन सही है

आमतौर पर एमसीक्यू के सही आंसर में ज्यादा इनफॉर्मेशन दी जाती है इसलिए आप अनुमानित आंसर मार्क करते समय इस प्वाइंट का ध्यान रख सकते हैं.

  • जब एक से अधिक सही आंसर ऑप्शन्स दिए हों तो आजमायें यह तरीका

ऐसी स्थिति में आप “उपरोक्त सभी” का ऑप्शन चुन सकते हैं जो अक्सर सही आंसर ऑप्शन होता है.

एमसीक्यू सॉल्व करने के लिए ये प्वाइंट्स भी अवश्य फ़ॉलो करें:

  • ट्रू या फाल्स आंसर्स अपने दिमाग में सोच कर भी आप सही आंसर चुन सकते हैं.
  • क्वेश्चन के सेंटेंसेज को ध्यान से पढ़कर अपने आंसर्स चुनें.
  • एमसीक्यू के की वर्ड्स पर ध्यान दें.
  • अपनी गलतियों से सीख लें.
  • हरेक एमसीक्यू का अनुमानित आंसर मार्क नहीं करें.
  • टाइम मैनेजमेंट का पूरा ध्यान रखें.
  • एमसीक्यूज की अच्छी प्रैक्टिस करें.
  • एमसीक्यूज का आंसर देने से पहले क्वेश्चन को समझें.
  • एमसीक्यू में दिए गए वर्ड्स पर ध्यान देने के बाद ही अपना फाइनल आंसर मार्क करें.
  • नेगेटिव मार्किंग होने पर जो क्वेश्चन्स आपको नही आते हैं उनके गलत आंसर्स कभी नहीं मार्क करें.

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