कहा जाता है की यदि लक्ष्य तय हो और एकाग्रता से उसे पाने की कोशिश की जाए तो सफलता अवश्य ही मिलती है। ऐसा ही कर दिखाया तमिल नाडु के रहने वाले ऋषब सी ए ने। Infosys में बतौर इंजीनियर कार्यरत ऋषब ने अपने IAS बनने के सपने को पूरा करने के लिए नौकरी से इस्तीफा दे दिया और UPSC की तैयारी में जुट गए। जज़्बा इतना बुलंद था कि दो बार असफल होने के बाद भी उन्हें कभी हताशा महसूस नहीं हुई। वह गलतियों से सीखते रहे और मेहनत करते रहे जिसका नतीजा आज सबके सामने है। इस लेख में पढ़ें ऋषब की तैयारी की रणनीति और UPSC सिविल सेवा 2020 की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए उनकी सलाह।
सिलेबस को ध्यान से पढ़ें और उसी के हिसाब से तैयारी शुरू करें
अपनी तैयारी की रणनीति शेयर करते हुए ऋषब कहते हैं कि UPSC की तैयारी शुरू करने से पहले सिलेबस का ज्ञान होना बेहद ज़रूरी है। इसीलिए प्रत्येक अभ्यर्थी को परीक्षा की हर स्टेज के हर विषय के सिलेबस का ज्ञान होना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी आरम्भ करें। एक और महत्वपूर्ण बात है की करंट अफेयर्स पढ़ते समय भी उसे सिलेबस से रिलेट करें। इससे प्रीलिम्स में प्रश्न समझने में आसानी होगी और मेंस में आप इन करंट अफेयर्स को अपने उत्तर में शामिल कर सकेंगे।
प्रीवियस ईयर पेपर्स हैं तैयारी का महत्वपूर्ण स्टडी रिसोर्स
ऋषब मानते हैं कि सिलेबस देखने के बाद पिछले सालों के प्रश्न पत्र देखें। इससे आपको अंदाजा होगा कि दिए गए सिलेबस से किस प्रकार के सवाल पूछे जाते हैं। इससे आपको तैयारी में आसानी होगी। प्रीवियस ईयर पेपर्स से ना सिर्फ पेपर के पैटर्न के बारे में पता चलता है बल्कि इन पेपर्स को सोल्व कर आप अपनी तैयारी को टेस्ट भी कर सकते हैं।
हर विषय पर अपने पर्सनल नोट्स तैयार करें
ऋषब का मानना है कि हैंड रिटेन नोट्स आपकी इंटरव्यू स्टेज तक मदद करते हैं। जब आप किसी विषय पर नोट्स बनाते हैं तो यह आपकी राइटिंग प्रैक्टिस के साथ-साथ फैक्ट्स को याद रखने में भी मदद करता है। साथ ही एग्जाम से पहले रिविज़न के समय में भी यह नोट्स हेल्पफुल साबित होते हैं। इसी के साथ-साथ तैयारी पूरी होने के बाद मॉक टेस्ट दें। इससे आपको परीक्षा के दौरान टाइम मैनेजमेंट में मदद मिलेगी।
परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को ऋषब सलाह देते हैं कि उत्तर हर कोई लिखता है पर अपने उत्तरों को इनोवेटिव बनाने की कोशिश करनी चाहिए। आपका प्रेजेंटेशन ऐसा होना चाहिए जो दूसरों से अलग हो और एग्जामिनर को आकर्षित करे। अपने आंसर में मैप, चित्र, टेबल्स, फैक्टस एंड फिगर्स को शामिल करें। मेंस में पूरे पेपर को समय के हिसाब से बांट लें और हर प्रश्न को उतना ही समय दें ताकि समय की कमी ना हो। ऋषब का मानना है कि इस परीक्षा को केवल टाइम मैनेजमेंट और हार्ड वर्क से ही पास किया जा सकता है। इसीलिए यह ज़रूरी है की आप असफलताओं से निराश ना हों और लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास करते रहें।
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