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जानें कक्षा 10वीं के बाद Vocational Course के विकल्प

आज इस लेख में हम आपको यह बतायेंगे की वोकेशनल कोर्स क्या है तथा यह किस प्रकार कक्षा 10वीं तथा 12वीं के छात्रों के स्किल्स को इम्प्रूव करने में सहायक है. दरअसल वोकेशनल कोर्स द्वारा जो स्कूलों, कॉलेज तथा अन्य संस्थानों में स्किल्स छात्रों को प्रदान की जाती है वह स्कूल तथा कॉलेज के शिक्षा से काफी अलग होती है.

Mar 28, 2019 16:53 IST
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Vocational Courses after 10th
Vocational Courses after 10th

आज इस लेख में हम आपको यह बतायेंगे की वोकेशनल कोर्स क्या है तथा यह किस प्रकार कक्षा 10वीं तथा 12वीं के छात्रों के स्किल्स को इम्प्रूव करने में सहायक है. दरअसल वोकेशनल कोर्स द्वारा जो स्कूलों, कॉलेज तथा अन्य संस्थानों में स्किल्स छात्रों को प्रदान की जाती है वह स्कूल तथा कॉलेज के शिक्षा से काफी अलग होती है. कई छात्रों का यह भी प्रश्न होता हैं कि हमें वोकेशनल कोर्स क्यू करना चाहिए? तो आइये जानते हैं इन सभी बातों को विस्तार में ताकि वोकेशनल कोर्स से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओं को आप सही तरीके से आप समझ सकें:

वोकेशनल कोर्स उन सभी छात्रों के लिए एक अच्छा विकल्प है जो अपना करियर कक्षा 12वीं के बाद ही शुरू करना चाहते हैं, छात्र अपने रूचि के अनुसार वोकेशनल कोर्स के द्वारा अपने स्किल्स को इम्प्रूव कर सकते हैं. साथ ही जो छात्र कक्षा 12वीं में विफल रहे हैं उनके लिए भी कक्षा 10वीं के आधार पर कई तरह के कोर्स उपलब्ध हैं.

वोकेशनल कोर्स के लाभ:

1. इंडस्ट्री स्पेसिफिक: वोकेशनल कोर्स मुख्यतः छात्रों के लिए जीन स्किल्स पर ध्यान देता है वह हॉस्पिटैलिटी, हेल्थ केयर, ऑटो मोबाइल्स, एनीमेशन, फैशन तथा टेक्सटाइल आदि से जुड़े होते हैं.

2. करियर ग्रोथ: जो छात्र अपने रूचि के अनुसार वोकेशनल संस्थानों से डिग्री हासिल करते हैं वह आगे अपने करियर में इसके आधार पर एक सही मार्गदर्शन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.

3. प्रोफेशनल स्किल्स सीखना: वोकेशनल एजुकेशन तथा ट्रेनिंग के दौरान छात्रों को प्रोफेशनल एथिक्स तथा स्किल्स की भी शिक्षा प्रदान की जाती है जो उनके कार्रेर ग्रोथ के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

4. कुशल कर्मचारियों की मांग: किसी भी इंडस्ट्री में आज के समय कुशल कर्मचारीयों की अधिक मांग होती है जो कंपनी के काम को अच्छी तरह समझ कर उसमे लम्बे समय तक अपना योगदान दे सकें. यहाँ आपके वोकेशनल कोर्स के स्किल्स काफी मददगार साबित होते हैं.

5. शोर्ट टर्म कोर्स: वोकेशनल कोर्से की अवधि अधिक लम्बी न होने के कारण छात्रों का समय भी बचता है, अधिकतर कोर्स 3 महीने या 6 महीने की अवधि के होते हैं जिस कारण छात्र आसानी से अपने कोर्स को ख़तम कर आगे के करियर का प्लान कर सकते हैं.

तो आइये अब वोकेशनल कोर्स के लाभ के बाद यह जाने की कक्षा 10वीं के बाद छात्रों के लिए वोकेशनल कोर्स के क्या विकल्प उपलब्ध हैं:

हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट कोर्सेज:

  • डिप्लोमा इन फ़ूड एंड beverage सर्विस
  • डिप्लोमा इन बेकरी एंड confectionary
  • डिप्लोमा इन क्राफ्ट कोर्सइन फ़ूड प्रोडक्शन
  • डिप्लोमा इन कुकरी
  • डिप्लोमा इन हाउस कीपिंग
  • डिप्लोमा इन हाउस कीपिंग
  • डिप्लोमा इन रेस्टोरेंट एंड काउंटर सर्विस
  • डिप्लोमा इन होटल रिसेप्शन एंड बुक कीपिंग
  • होटल एंड हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशन मैनेजमेंट

इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में पाठ्यक्रमों के डिग्री कक्षा 10वीं के बाद:

  • डिप्लोमा इन आर्किटेक्चरल असिस्टेंटशिप
  • डिप्लोमा इन ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन केमिकल इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन कंप्यूटर इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंसएंड इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक्स (माइक्रोप्रोसेसर)
  • डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन फैशन डिज़ाइन
  • डिप्लोमा इन फ़ूड टेक्नोलॉजी
  • डिप्लोमा इन गारमेंट टेक्नोलॉजी
  • डिप्लोमा इन इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी
  • डिप्लोमा इन इंस्ट्रूमेंटेशन टेक्नोलॉजी
  • डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाईन एंड डेकोरेशन
  • डिप्लोमा इन लेदर टेक्नोलॉजी
  • डिप्लोमा इन लेदर टेक्नोलॉजी (फुटवियर)
  • डिप्लोमा इन लाइब्रेरी एंड इनफार्मेशन साइंस
  • डिप्लोमा इन लेदर टेक्नोलॉजी
  • डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Refrigeration and Air Conditioning)
  • डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग (टूल एंड डाई)
  • डिप्लोमा इन मरीन इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी
  • डिप्लोमा इन प्लास्टिक टेक्नोलॉजी
  • डिप्लोमा इन प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी
  • डिप्लोमा इन टेक्सटाइल प्रोसेसिंग
  • टेक्सटाइल डिजाइनिंग
  • फैशन डिजाइनिंग
  • हेयर एंड स्किन केयर
  • ब्यूटिशियन
  • इवेंट मैनेजमेंट
  • ऑफिस मैनेजमेंट
  • हॉस्पिटल एंड हेल्थ केयर मैनेजमेंट (नर्सिंग)
  • इंग्लिश कम्युनिकेशन एंड प्रेजेंटेशन स्किल्स
  • कास्मेटिक एंड लाइफस्टाइल प्रोडक्ट डिजाइनिंग
  • कैटरिंग मैनेजमेंट

निष्कर्ष: आशा है कि हमारे द्वारा बताये गए वोकेशनल कोर्स से जुड़ी जानकारी आपके लिए मददगार साबित होगी. तथा आप अपने रूचि के अनुसार अब आसानी से अपने करियर विकल्प को चुन कर सफलता के मार्ग में आगे बढ़ सकते हैं.

NIOS: शैक्षिक योग्यता, प्रवेश परीक्षाएँ, एडमिशन प्रक्रिया तथा अन्य जानकारी

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