चीन : कम खर्च में बेहतर शिक्षा
दुनिया की तकरीबन 20 प्रतिशत जनसंख्या चीन में रहती है। इतनी बडी जनसंख्या के कारण वहां सभी क्षेत्रों में विविधता दिखाई देती है। कुछ समय पूर्व तक शिक्षा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं था, लेकिन इधर एक-दो दशक से इस क्षेत्र में चलाए गए विभिन्न कार्यक्रमों ने इस असमानता को दूर कर दिया है। अब चीन एजूकेशन सेक्टर में निरंतर नई ऊंचाइयों को छूता चला जा रहा है।
शीर्ष देशों में शामिल
एक अनुमान के अनुसार चीन में विदेशी विद्यार्थियों की संख्या तकरीबन 20 प्रतिशत सालाना की दर से बढ रही है। विदेशी विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर चीन शीर्ष 10 देशों में शामिल है। वहां अधिकतर विदेशी विद्यार्थी एशियाई देशों के ही हैं। कोरियाई देशों के छात्रों की संख्या बहुत अधिक है।
संख्या बहुत अधिक
चीन की उच्च शिक्षा प्रणाली से आकर्षित होकर विश्व के अधिकांश देशों से छात्र यहां आ रहे हैं। इस समय तकरीबन तीन से चार लाख विदेशी विद्यार्थी वहां भाषा, मेडिकल, मैनेजमेंट आदि क्षेत्रों में शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इंजीनियरिंग की विभिन्न शाखाओं में अध्ययन करने वाले फारेन स्टूडेंट्स की संख्या भी बहुत अधिक है।
सुधार कार्यक्रम
चीन ने अपनी शिक्षा प्रणाली में दो-तीन दशकों में किए बदलावों से अपनी संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था को बदल दिया है। यह बदलावा उच्च शिक्षा को ध्यान में रखकर किए गए हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या वृद्धि और उनकी गुणवत्ता में भी सुधार किया गया है।
तकनीकी शिक्षा
चीन में शुरू से तकनीकी शिक्षा पर खासा जोर दिया जाता रहा है। अधिकतर विश्वविद्यालयों में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित शोधकार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में चीन की सरकार का पूरा सहयोग रहता है।
टीचिंग फैकल्टी
चीन में पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर के अध्यापकों की कमी थी। इस कमी को दूर करने के लिए यूनिवर्सिटीज में बेहतर शिक्षकों की नियुक्ति की गई। इसके सकारात्मक परिणाम आज सामने हैं। आज चीन के अधिकांश उच्च शिक्षण संस्थानों में विश्वस्तरीय टीचिंग फैकल्टी मौजूद है।
संस्थान विकल्प
चीन की कई यूनिवर्सिटियां एशिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल हैं। वहां 2000 से भी अधिक विश्वविद्यालय एवं कॉलेज हैं।
भाषा ज्ञान
चीन के शिक्षण संस्थानों की प्रमुख भाषा मंदारिन (चीनी) है। संभव हो तो सबसे पहले इस भाषा की ही शिक्षा लें। चीनी भाषा ज्ञान के विभिन्न कोर्स आमतौर पर एक से दो वर्ष की अवधि के हैं। विदेशी विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर अब वहां कई कोर्स अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
व्यक्तित्व विकास
छात्रों का व्यक्तित्व विकास चीन की शिक्षा प्रणाली की विशेषता है। वहां मान्यता है कि सेल्फ इंप्रूवमेंट के बिना कुछ भी संभव नहीं है। वहां इस तरह के कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जो छात्रों की अंदरूनी प्रतिभाओं को उभारकर सामने लाने का काम करते हैं।
कई देशों से सहयोग
उच्च शिक्षा प्रणाली को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए चीन ने कई देशों के साथ शिक्षा संबंधित विभिन्न तरह के समझौते किए हैं। इन देशों की सूची में फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका, रूस आदि भी शामिल हैं।
खर्च है कम
विश्व में कीमत के आधार पर चीन की क्वालिटी एजूकेशन को श्रेष्ठ माना जाता है। यहां टयूशन फीस और रहने-खाने का खर्च मुनासिब ही है। रहने का खर्च इस बात पर निर्भर करता हैकि आप किस स्थान पर निवास कर रहे हैं।
प्रमुख विश्वविद्यालय
tianjin university
jiaotong university
shanghal jiaotong university
zhejiang university
peking university
nanjing university
शरद अगिन्होत्री
चीन इनवेस्ट कम एजूकेशन में दम
दुनिया की तकरीबन 20 प्रतिशत जनसंख्या चीन में रहती है। इतनी बडी जनसंख्या के कारण वहां सभी क्षेत्रों में विविधता दिखाई देती है
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