National Unity Day 2021: राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है, जानें सबकुछ

Oct 31, 2021, 13:56 IST

National Unity Day 2021: राष्ट्रीय एकता की दिशा में उनके प्रयासों ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को 'भारत के लौह पुरुष' के रूप में संदर्भित किया है. 

National Unity Day 2021: Why is it Celebrated on Sardar Vallabhbhai Patel’s Birth Anniversary
National Unity Day 2021: Why is it Celebrated on Sardar Vallabhbhai Patel’s Birth Anniversary

National Unity Day 2021: राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है. 31 अक्टूबर को भारत के पहले उप प्रधान मंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती है. प्रत्येक साल इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के रूप में मनाया जाता है.

सरदार वल्लभ भाई पटेल की 145वीं जयंती है. इस मौके पर गुजरात के केवाड़िया पहुंच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल को श्रद्धांजली दी. शाह ने राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

राष्ट्र को एकजुट करने में अहम योगदान

दरअसल, सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 560 रियासतों को भारत संघ में एकीकृत करने में अहम भूमिका निभाई थी. राष्ट्र को एकजुट करने के लिए सरदार पटेल के किए प्रयासों को स्वीकार करने के लिए राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है.

राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने का फैसला

राष्ट्रीय एकता की दिशा में उनके प्रयासों ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को 'भारत के लौह पुरुष' के रूप में संदर्भित किया है. वल्लभ भाई पटेल के योगदान का सम्मान करने हेतु हर साल 31 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.  केंद्र सरकार ने साल 2014 में 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था.

स्टैच्यू आफ यूनिटी का अनावरण

स्टैच्यू आफ यूनिटी का अनावरण साल 2018 में किया गया था. सरदार पटेल की यह प्रतिमा 182 मीटर ऊंची है और यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी वल्लभभाई पटेल को दर्शाने वाली मूर्ति को प्रमुख भारतीय मूर्तिकार राम वी सुतार द्वारा डिजाइन किया गया है. गुजरात के केवडिया जिले में सरदार सरोवर बांध के सामने नर्मदा नदी पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को स्थापित किया गया है.

सरदार वल्लभभाई पटेल के बारे में

सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के पहले उप-प्रधान मंत्री थे. उन्होंने 500 से अधिक रियासतों को स्वतंत्र भारतीय संघ में शामिल करने के लिए राजी करने में प्रमुख भूमिका निभाई थी.

पटेल को 'लौह पुरुष' के रूप में भी जाना जाता था, क्योंकि वे कई बाधाओं के बावजूद सभी रियासतों को नए स्वतंत्र भारत में सफलतापूर्वक एकीकृत करने में सफल रहे थे. सरदार वल्लभभाई पटेल को भारतीय गणराज्य के संस्थापकों में से एक माना जाता है.

सरदार वल्लभभाई पटेल ने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन और खादी आंदोलन का भी समर्थन किया था और केवल खादी के कपड़े पहनने का विकल्प चुना था.

उन्हें 1934 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 49वें अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन को बढ़ावा देने में भी प्रमुख भूमिका निभाई थी. उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

Vikash Tiwari is an content writer with 3+ years of experience in the Education industry. He is a Commerce graduate and currently writes for the Current Affairs section of jagranjosh.com. He can be reached at vikash.tiwari@jagrannewmedia.com
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