पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में एक बड़ा रेल हादसा हो गया है. मिली मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और लगभग 60 लोग घायल हो गए है. अधिकारियों के अनुसार, एक मालगाड़ी सियालदाह जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस से टकरा गई, जिससे यात्री ट्रेन की तीन बोगियां पटरी से उतर गईं. कुछ लोगों के पलटी हुई बोगियों के अंदर फंसे होने की आशंका है और उन्हें बाहर निकालने के लिए तेजी से बचाव अभियान शुरू किया गया है.
Kanchenjunga express train accident उत्तर बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से लगभग 7 किलोमीटर दूर रंगापानी स्टेशन के पास एक मालगाड़ी के इंजन से पीछे से टकराने के कारण अगरतला से आ रही 13174 कंचनजंगा एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हादसे पर दुख जताते हुए सभी वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं. वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बचाव अभियान पूरी तेजी से चल रहा है और दिल्ली में वॉर रूम से स्थिति की निगरानी की जा रही है. यहां हम दुनिया में हुए सबसे बड़े रेल हादसे के बारें में जानेंगे.
पीएम मोदी ने जताया शोक:
पीएम मोदी ने इस रेल दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने X पर एक संदेश में कहा कि ‘पश्चिम बंगाल में हुई रेल दुर्घटना अत्यंत दुखद है. जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं प्रार्थना करता हूँ कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। अधिकारियों से बात की और स्थिति का जायजा लिया। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए बचाव कार्य जारी है। रेलवे मंत्री श्री @AshwiniVaishnaw जी भी दुर्घटना स्थल की ओर जा रहे हैं’.
The railway accident in West Bengal is saddening. Condolences to those who lost their loved ones. I pray that the injured recover at the earliest. Spoke to officials and took stock of the situation. Rescue operations are underway to assist the affected. The Railways Minister Shri…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 17, 2024
भारत में सबसे बड़ा रेल हादसा:
साल 1981 में एक चक्रवात के कारण बिहार में मानसी से सहरसा जा रही एक ट्रेन पटरी से उतरकर बागमती नदी में गिर गई थी. भारी बारिश के कारण बचाव अभियान में बाधा आई और सैंकड़ों यात्री बाढ़ की लहरों में बह गए थे. बता दें कि इस ट्रेन हादसे में लगभग 800 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और इसे अब भी भारत के इतिहास में सबसे घातक दुर्घटना माना जाता है.
दुनिया का सबसे बड़ा रेल हादसा:
26 दिसंबर 2004 को श्रीलंका में दुनिया का सबसे दर्दनाक रेल दुर्घटना हुई जब हिन्द महासागर में आये सुनामी की चपेट में 'क्वीन ऑफ़ द सी' ट्रेन आ गई थी. यह क्रिसमस वीकेंड था और ट्रेन की आठ बोगियों में यात्री भरे हुए थे.
रिपोर्टों के अनुसार, यह भीड़भाड़ वाली यात्री ट्रेन पेरलिया नामक गांव के पास, टेलवट्टा के करीब, दो लहरों से टकराई थी. यह ट्रेन कोलंबो फोर्ट स्टेशन से दक्षिणी शहर गॉल जा रही थी, विशाल समुद्री लहर से टकराई, जिससे ट्रेन पेड़ों और ट्रैक के किनारे बने घरों से टकरा गई थी.
गॉल यात्रा के लिए 1,500 टिकट बेचे गए थे, लेकिन अनुमानित 200 लोग बिना टिकट के विभिन्न स्टॉपों पर ट्रेन में सवार हुए थे. परिणामस्वरूप, मरने वालों का अनुमान कम से कम 1,700 लोगों का था. जिसे दुनिया का सबसे बड़ा रेल हादसा माना जाता है.
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