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सुषमा स्वराज: जीवनी और राजनीतिक कैरियर

सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को अंबाला छावनी, पंजाब में हुआ था और उनका देहावसान 6 अगस्त 2019 को नई दिल्ली में हुआ था. सुषमा स्वराज 7 बार संसद सदस्य और 3 बार विधान सभा सदस्य चुनी गयी थीं. उन्हें दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री होने का गौरव भी हासिल है. वह नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA-1 सरकार में विदेश मंत्री रही थीं. आइये इस लेख में सुषमा जी के जीवन की कुछ उपलब्धियों के बारे में जानते हैं.
Aug 7, 2019 15:48 IST
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Sushma Swaraj
Sushma Swaraj

सुषमा स्वराज के बारे में व्यक्तिगत जानकारी

नाम: सुषमा स्वराज

पिता: हरदेव शर्मा  

माता: श्रीमती लक्ष्मी देवी

जन्म तिथि और स्थान: 14 फरवरी 1952 अंबाला छावनी, पंजाब, भारत

निधन: 6 अगस्त 2019 (आयु 67 वर्ष) नई दिल्ली, दिल्ली, भारत

जीवनसाथी: स्वराज कौशल (सुप्रीम कोर्ट में एक सीनियर वकील)

बच्चे: 1 बेटी (बांसुरी कौशल)

राष्ट्रीयता: भारतीय

शिक्षा: बीए और एलएलबी (पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़)

ऊंचाई: 149 मुख्यमंत्री (4 "11)

सुषमा स्वराज ने 1970 के दशक में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी. सुषमा के पति स्वराज कौशल के समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडीस के साथ घनिष्ठ संबंध थे इस कारण सुषमा स्वराज 1975 में जॉर्ज फर्नांडीस की कानूनी रक्षा टीम का हिस्सा बन गईं थीं.

पारिवारिक विवरण

सुषमा स्वराज का विवाह श्री स्वराज कौशल से हुआ था. ये दोनों एक दूसरे को अपने कॉलेज के टाइम से ही जानते थे. उनके पति स्वराज कौशल भारत के सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील हैं जो कि 34 साल की उम्र में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील बनने वाले पहले व्यक्ति थे.

स्वराज कौशल ने वर्ष 1990 से वर्ष 1993 तक मिजोरम के राज्यपाल के रूप में कार्य किया था. वह 1998-2004 तक संसद के सदस्य रहे थे. सुषमा स्वराज और स्वराज कौशल की एक बेटी है बांसुरी स्वराज है जो कि खुद एक वकील है उनकी बेटी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से लॉ में स्नातक है.

सुषमा स्वराज का राजनीतिक करियर

1. सुषमास्वराजपेशे से एक वकील थी लेकिन उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1970 के दशक में छात्र नेता के रूप में की थी.

2. वह मात्र25 वर्ष की उम्र में हरियाणा विधानसभा के सदस्य के रूप में (वर्ष 1977 - 82) चुनी गयीं थीं. हालाँकि वे 1987- 90 की  में अवधि फिर से से नियुक्त हुईं थीं.

3. वह हरियाणा सरकार में 1977- 79 तक श्रम और रोजगार विभाग में कैबिनेट मंत्री थीं इसके अलावा 1987-90 की अवधि में हरियाणा सरकार में शिक्षा, खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग में कैबिनेट मंत्री भी रह चुकीं थीं.

4. सुषमा स्वराज1990 में पहली बार राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुनी गईं और 1996 में दक्षिण दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से 11वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित होने तक वहीं रहीं. कुल मिलाकर वह 7 बार संसद सदस्य और 3 बार विधान सभा सदस्य रहीं थीं.

5. सुषमावर्ष1996 में केंद्रीय मंत्रिमंडल की सूचना और प्रसारण मंत्री थीं.

6. मार्च1998 मेंउन्हें दूसरी बार दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र से 12वीं लोकसभा के लिए फिर से चुना गया था.

7. वर्ष2014 केभारतीय आम चुनाव में, उन्होंने मध्य प्रदेश में विदिशा निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे कार्यकाल के लिए जीता, 400,000 से अधिक मतों के अंतर से अपनी सीट बरकरार रखी थी.

8. सुषमा स्वराज26 मई 2014 से 30 मई 2019 तक भारत की विदेश मंत्री रहीं.

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सुषमा जी की अन्य उपलब्धियां:

1. 977: सुषमा स्वराज25 साल की उम्र में भारत की सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बनीं थी 

2. 1979: 27 वर्षकीआयु में सुषमा स्वराज हरियाणा में जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष बनीं थीं.

3. सुषमा स्वराजके पास राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक पार्टी की पहली महिला प्रवक्ता बनने का रिकॉर्ड है.

4. सुषमा स्वराजको हरियाणा राज्य विधानसभा द्वारा सर्वश्रेष्ठ स्पीकर का पुरस्कार दिया गया था.

5. सुषमा स्वराजको 2008 और 2010 में दो बार सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार दिया गया था.

6. 21 दिसंबर2009 कोवह श्री लाल कृष्ण आडवाणी की जगह पर पहली बार पहली महिला नेता विपक्ष बनीं थीं.

7. वह13 अक्टूबरसे 3 दिसंबर, 1998 तक दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रहीं थीं.

निष्कर्ष में यह कहना ठीक होगी कि वह एक महान वक्ता, एक विनम्र इंसान और एक महान भारतीय राजनीतिज्ञ थीं. उन्हें आगे आने वाली पीढियां उनकी उत्कृष्ट भाषा शैली के लिए हमेशा याद करेंगीं. भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे!

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