उत्तर प्रदेश अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं वाला राज्य है। भारत का यह राज्य धर्म, आस्था, कर्म, चिंतन, जप-तप और समृद्ध इतिहास के साथ-साथ अपने खान-पान के लिए भी जाना जाता है। भारत का यह राज्य सबसे अधिक जिले वाला राज्य है।
यहां विशेष बात यह है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले की अपनी विशेषता है, जो राज्य को विशेष बनाने का काम करते हैं। आपने प्रदेश के अलग-अलग जिलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। साथ ही आपने चंबल के बारे में भी जरूर सुना और पढ़ा होगा, जो अपने बीहड़पन के लिए जाना जाता है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के कौन-सा जिला चंबल नगर के रूप में भी जाना जाता है। यदि नहीं जानते हैं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश में कुल जिले
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि उत्तर प्रदेश में कुल कितने जिले हैं ? आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, जो कि 18 मंडलों और चार संभागों में आते हैं। यहां कुल चार संभाग की बात करें, तो यह पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड है। प्रदेश का सबसे बड़ा जिला लखीमपुर खीरी है, जो कि 7680 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। उत्तर प्रदेश के सबसे छोटे जिले की बात करें, तो यह हापुड़ है, जो कि 660 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
कौन-सा जिला है चंबल का शहर
अब सवाल है कि उत्तर प्रदेश का कौन-सा जिला चंबल के शहर के रूप में भी जाना जाता है। आपको बता दें कि प्रदेश का इटावा जिला चंबल के शहर के रूप में भी जाना जाता है। यह जिला 1857 की क्रांति में भी महत्त्वपूर्ण स्थान रहा है। आपको यह भी बता दें कि प्रसिद्ध हिंदी लेखिका गुलाबराई इटावा की मूल निवासी थीं।
क्यों कहा जाता है चंबल का शहर
अब आपके मन में यह सवाल होगा कि आखिर इटावा को ही हम चंबल के शहर के रूप में क्यों जानते हैं ? आपको बता दें कि वैसे तो यह शहर यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है। हालांकि, यही वह जगह है जहां चंबल और यमुना नदी का संगम होता है। इसके साथ ही यहां चंबल के बीहड़ भी नजर आ जाते हैं। इस वजह से इसे आम भाषा में चंबल का शहर भी कहा जाता है।
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